आरटीआई एक्टिविस्ट और जर्नलिस्ट अफरोज आलम साहिल को सलाम

Abhishek Upadhyay : नाम है Afroz Alam Sahil. ये वो शख्स है, जिसकी प्रतिभा, मेहनत और ईमानदारी का मैं हमेशा से मुरीद रहा हूं। इस क्रांतिकारी दोस्त से पहला ठीक ठाक परिचय मुंबई में हुआ और ये मेरा सौभाग्य था कि साहिल ने तीन महीने आफिस से लेकर किराए के कमरे तक साथ-साथ बिताए:) 20-22 साल के लड़के ने आरटीआई पर पूरी की पूरी किताब लिख डाली थी। किताब देखकर यकीन नहीं हुआ, कि इसके अदीबकार हमारे साथ ही रह रहे हैं।

ये भी बता दें कि इस किताब की भूमिका, उस वक्त के एक आरटीआई एक्टिविस्ट अरविंद केजरीवाल ने लिखी थी, जो आज दिल्ली के सीएम हैं बताना यह भी है कि अफरोज ने अरविंद केजरीवाल के एनजीओ को लेकर उनके आगे भी आरटीआई लगाई कि वे पारदर्शिता के सवाल पर अपने भी एनजीओ के खातों का हिसाब दें, मगर अरविंद ने अफरोज़ के सवालों का आज तक कोई जवाब नहीं दिया। उस वक्त तक ही भाई साहब ने अपनी आरटीआई के दम पर कई सरकारी महकमों को एक पैर पर खड़ा कर दिया था।

इतना ही नहीं, भाई साहब इस कमसिन उम्र में ही एक ऑन लाइन सर्वे के तहत साल 2010 के पर्सन आफ द ईयर अवार्ड से नवाजे गए, वो भी मौजूदा विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद और मौजूदा अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री के रहमान खान को पीछे छोड़कर। अपनी यूनिवर्सिटी यानि जामिया मिलिया इस्लामिया में ही आरटीआई के दम पर इतनी क्रांति कर दी कि दिल्ली के मौजूदा लेफ्टिनेंट गर्वनर नजीब जंग साहब 20-22 साल के इस लड़के से लगभग जंग लड़ने पर ही उतारू हो गए:) तमाम झंझावतों का सामना करते हुए अपनी खुद की वेबसाइट http://beyondheadlines.in/ लांच की और उसे आज इस मकाम तक पहुंचा दिया है कि देश की कथित मेनस्ट्रीम मीडिया इनकी ब्रेक की स्टोरियों को आंख मूंदकर फालो करती है।

अभी अभी यानि रात के 11 बजकर 55 मिनट के करीब भाई ने फोन कर इत्तला दी कि पेरिस बेस्ड फ्रांस के अंतराष्ट्रीय स्तर के न्यूज चैनल "France 24" ने भारत में दवा कंपनियों की मनमानी कीमत को लेकर "बियांड हेडलाइंस" के अभियान को पूरे पर्सपेक्टिव में कवर किया है और अफरोज से खास बातचीत की भी है। बतातें चलें कि साल 2006 में फ्रांस के तत्कालीन राष्ट्रपति जैकस शिराक की प्रेसिडेंसी में अपने प्रसारण की शुरूआत करने वाला "France 24" न सिर्फ फ्रांस का अंतराष्ट्रीय स्तर का बड़ा न्यूज़ नेटवर्क है, बल्कि बीबीसी की तरह की इसकी कमान भी इसके देश की सरकार यानि फ्रांस सरकार के हाथों में है जिसका प्रसारण इंग्लिश, अरबी और फ्रेंच तीनो भाषाओं मे होता है।

भाई की दी इस शानदार खबर की ख़ुशी में हमने आंखों की नींद से कुछ देर के लिए स्थगित हो जाने की फरियाद की ताकि हम वो लिख सकें जो हमारे दिल से बाहर आने को छटपटा रहा है। अफरोज़ की ये स्टोरी अगले बुधवार को फ्रांस-वासियों के साथ-साथ पूरी दुनिया की नज़रों के सामने होगी, यानि हमारी टीवी की भाषा में ऑन एयर होगी। हम इसका लिंक भी आप सब से शेयर करेंगे। भाई को बहुत बहुत मुबारकबाद…सितारों के आगे जहां और भी हैं….और मंडी हाउस की काफी इसी हफ्ते कभी भी…

इंडिया टीवी में कार्यरत प्रतिभाशाली पत्रकार अभिषेक उपाध्याय के फेसबुक वॉल से.

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