Connect with us

Hi, what are you looking for?

No. 1 Indian Media News PortalNo. 1 Indian Media News Portal
Local News Community

इंटरव्यू

आवारा फक्कड़ घुमक्कड़ सेवा साधु संत महंत उर्फ रामेश्वर पुरी से एक मुलाकात (वीडियो इंटरव्यू)

गया था गाजीपुर. अपने गांव. लौटते वक्त एक दिन बनारस में रुका. महंत रामेश्वर पुरी से मुलाकात हुई. एक मित्र ले गए थे मिलाने. मैंने पहले ही बता दिया था कि मैं नास्तिक हूं. आडंबर, पाखंड, दर्शन आदि से दूर रहता हूं. हां, स्प्रिचुवल जरूर हूं. उस सुपर कंप्यूटर में भरोसा करता हूं जो यूनीवर्स, स्पेस, गाड पार्टिकल्स आदि इत्यादि को मैनेज करता है और जिस तक पहुंचने की कोशिश तन-मनधारी मानुष लोग कर रहे हैं. बनारस में काशी विश्वनाथ वाली पतली-पतली गलियों के मुंह पर ढेर सारे पुलिसवाले तैनात रहते हैं.

गया था गाजीपुर. अपने गांव. लौटते वक्त एक दिन बनारस में रुका. महंत रामेश्वर पुरी से मुलाकात हुई. एक मित्र ले गए थे मिलाने. मैंने पहले ही बता दिया था कि मैं नास्तिक हूं. आडंबर, पाखंड, दर्शन आदि से दूर रहता हूं. हां, स्प्रिचुवल जरूर हूं. उस सुपर कंप्यूटर में भरोसा करता हूं जो यूनीवर्स, स्पेस, गाड पार्टिकल्स आदि इत्यादि को मैनेज करता है और जिस तक पहुंचने की कोशिश तन-मनधारी मानुष लोग कर रहे हैं. बनारस में काशी विश्वनाथ वाली पतली-पतली गलियों के मुंह पर ढेर सारे पुलिसवाले तैनात रहते हैं.

इन्हीं में से एक गली के जरिए घुसते हुए अन्नपूर्णा मठ मंदिर में प्रवेश किया. भूतल पर मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं-दर्शनार्थियों की कतार, उपर प्रथम तल पर महंत रामेश्वर पुरी विराजमान. शुरुआती परिचय के बाद बातचीत शुरू हुई तो महंत जी जोरदार आदमी लगे. उनसे बातचीत को तब रिकार्ड करना शुरू किया जब उन्होंने अपने आवारगी और फक्कड़पन के बारे में बताने लगे. फक्कड़ कौन होता है, इसकी परिभाषा सुनकर आनंद आया. फिर बातों को सिलसिला चला तो रुका नहीं. बातों ही बातों में हम लोगों ने एक दूसरे का मोबाइल नंबर लिया और महाकुंभ में मिलने का तय करके विदा हुए.

महंत जी से जब मैंने बताया कि मैं भी संन्यास के बारे में सोच रहा हूं तो उन्होंने कई प्रश्न – प्रति प्रश्न किए. मेरा यही कहना था कि मैं बहुत जल्द चीजों से उब जाता हूं और नया करने के लिए बेचैन हो उठता हूं.  अब तक सबसे लंबा जो प्रयोग, काम किया वह भड़ास ही है. लगभग पांच साल हो गए. दैनिक जागरण और अमर उजाला की नौकरी इसलिए दशक भर से ज्यादा कर पाया कि हर साल दो साल में शहर बदलता रहा, जिससे मन लगा रहा. दिल्ली में तो स्थिर होकर भड़ास भड़ास खेलने का काम लगातार पिछले पांच साल से हो रहा है.

अब तन-बदन में घुमक्कड़ी और अध्यात्म की अनोखी दुनिया में रमने, शामिल होने की उत्तेजना है. संभव है, वहां भी उब जाऊं, लेकिन अगर अभी मन कर रहा है वह सब करने का तो कर लेना चाहिए. बात आई घर परिवार की जिम्मेदारी आदि को लेकर तो मेरा जवाब था कि मेरा पैशन ही प्रोफेशन हो जाता है और उसी से जीने खाने भर जो मिल जाता है उसमें मेरा परिवार भी चल जाता है. परिवार केंद्रित होकर न कभी जिया और न सोचा, इसी कारण नए प्रयोग कर सका, कर सकूंगा. हालांकि ये सब बातचीत वीडियो इंटरव्यू का पार्ट नहीं है पर आप लोगों को इसलिए बताया ताकि बाबाओं के वीडियो इंटरव्यू पर नाक-भौं न सिकोड़ें. महंत जी से तो मेरी दोस्ती हो गई है. उनसे मुलाकात बात होती रहेगी. वैसे भी मुझे एक गुरु की तलाश है. देखता हूं मेरा गुरु कब मिलता है मुझे. फिलहाल आप महंत रामेश्वर पुरी से बातचीत का आनंद लीजिए. नीचे वीडियो लिंक है.

-यशवंत

एडिटर, भड़ास4मीडिया

[email protected]

वीडियो लिंक

http://bhadas4media.com/video/viewvideo/650/interview-personality/annapurna-math-mandir-varanasi-ke-mahant-rameshwar-puri-se-ek-mulakat.html

Pahad Ki Dada: Hill Mail Uttarakhand
CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

… अपनी भड़ास [email protected] पर मेल करें … भड़ास को चंदा देकर इसके संचालन में मदद करने के लिए यहां पढ़ें-  Donate Bhadasमोबाइल पर भड़ासी खबरें पाने के लिए प्ले स्टोर से Telegram एप्प इंस्टाल करने के बाद यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia 

Advertisement

You May Also Like

विविध

Arvind Kumar Singh : सुल्ताना डाकू…बीती सदी के शुरूआती सालों का देश का सबसे खतरनाक डाकू, जिससे अंग्रेजी सरकार हिल गयी थी…

विविध

: काशी की नामचीन डाक्टर की दिल दहला देने वाली शैतानी करतूत : पिछले दिनों 17 जून की शाम टीवी चैनल IBN7 पर सिटिजन...

विविध

पहली बार चुनाव हमने 1967 में देखा था. तेरह साल की उम्र में. और अब पहली बार ऐसा चुनाव देख रहे हैं, जो इससे...

विविध

राजस्थान, कांग्रेस और सेक्स. ये तीन शब्द लगता है आपस में अच्छे से घुल मिल गए हैं. भंवरी कांड में ये तीनों शब्द जुड़े...