इंटरनेट ने हिंदी पत्रकारिता को वैश्विक पहचान दी है : एलवीके

जौनपुर : वीर बहादुर सिंह पूर्वाचल विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग के तत्वाधान में हिंदी पत्रकारिता दिवस की पूर्व संध्या पर संकाय भवन में 'हिंदी पत्रकारिता की वर्तमान स्थिति' विषयक गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस मौके पर बतौर मुख्य वक्ता वरिष्ठ पत्रकार एलवीके दास ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता के क्षेत्र में नित नए प्रयोग हो रहे हैं। आज इंटरनेट के माध्यम से हिंदी पत्रकारिता की पहुंच वैश्विक हो गई है। इसमें चुनौतियों के साथ ही साथ अवसरों की भी वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि हिंदी समाचार पत्र एवं पत्रिकाओं की प्रसार संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है। यह शुभ संकेत है कि आगे इसका भविष्य उज्ज्वल है।

संकायाध्यक्ष डा. अजय प्रताप सिंह ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता से जुड़े लोगों ने स्वतंत्रता आंदोलन में जिस तरह की पत्रकारिता की थी, वह आज की पीढ़ी के लिए भी मार्गदर्शक का काम करती है। स्वतंत्रता आंदोलन को हिंदी पत्रकारिता ने नई दिशा दी थी। प्राध्यापक डा. दिग्विजय सिंह राठौर ने कहा कि भारत में हिंदी पत्रकारिता आम आदमी से जुड़ी हुई है। समाज के लोग पत्रकारों से बहुत उम्मीदें रखते हैं। जिस पर हमें खरा उतरने की जरूरत है। डा. सुनील कुमार ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता ने वास्तविक रूप में पत्रकारिता के मानक तय किए हैं। आज के समय में इलेक्ट्रानिक मीडिया ने हिंदी पत्रकारिता को नई ऊंचाई दी है लेकिन मूल्यों का ह्रास होना दुर्भाग्यपूर्ण है। इस अवसर पर विभाग के छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

जौनपुर से दिग्विजय सिंह राठौर की रिपोर्ट.

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