इंदौर में केबल वार के चलते बड़े पैमाने पर केबल कटिंग

: शहर में केबल कटिंग का दौर जारी हजारों उपभोक्ता परेशान : इंदौर। केबल वार के चलते जिला प्रशासन द्वारा लगाई गई धारा १४४ को धत्ता बताते हुए बीती रात शहर में बड़े पैमाने पर केबल कटिंग हुई। पिछले छह माह से शहर में केबल कटिंग का दौर चल रहा है, जो इस वक्त चरम पर है। जिला प्रशासन ने शनिवार को धारा १४४ के अंतर्गत केबल कटिंग रोकने के कड़े आदेश जारी किए थे। आदेश के अंतर्गत केबल लाइन पर काम करने वाले कर्मचारियों को पहचान-पत्र, ड्रेस कोड और देर रात को काम नहीं करने की बात कही गई थी। एडीएम आलोक सिंह ने सभी मल्टी सिस्टम ऑपरेटर (एमएसओ) को इस आदेश का सख्ती से पालने करने के आदेश दिए गए थे।

शनिवार देर रात शहर के स्कीम नं. ५४, ७४, ७८, ७१, विजय नगर, श्रीनगर, साकेत, शास्त्री ब्रिज, इंडस्ट्री हाउस, तिलक नगर, खजराना, सपना-संगीता रोड, एमआईजी, एचआईजी, महालक्ष्मी नगर, जंजीरवाला चौराहा, सीआरपी लाइन, जावरा वंâपाउंड, छावनी, रेसीडेंसी एरिया, मूसाखेड़ी, आजाद नगर, बड़ा गणपति, सदर बाजार, इमली बाजार, महावर नगर, सुखलिया, गौरीनगर, लाड़काना नगर, छत्रीपुरा, बंबई बाजार आदि इलाकों से केबल काट दी गई। केबल काटने वालों ने न केवल एमएसओ की केबल काटी, बल्कि कई स्थानों से ज्वाइंट बॉक्स, कपलर आदि भी ले उड़े। बीते कुछ माह में इन्हीं इलाकों में कई मर्तबा केबल काटी जा चुकी है।
    
पिछले छह माह से चल रही केबल कटिंग से शहर के हजारों उपभोक्ता परेशान हो गए हैं। इस दरम्यिान बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने केबल कनेक्शनों को बाय-बाय कर डीटीएच सिस्टम (डायरेक्ट टू होम) अपना लिया है। परेशान उपभोक्ता अपने केबल ऑपरेटर से संपर्क करते हैं, लेकिन केबल ऑपरेटर शहर के पांच एमएसओ हाथों की कटपुतलियां बनकर रह गए हैं। उन्हें यह समझ में नहीं आ रहा कि व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा के चलते केबल कटिंग से क्या हासिल होता है। डीजी केबल नेटवर्क के वाइस प्रेसीडेंट समीर प्रभाकर का कहना है-‘बीते छह माह में प्रतिस्पर्धी एमएसओ डीजी केबल का लाखों रुपए का नुकसान कर चुके हैं। करीब १०० किलोमीटर फाइबर केबल नष्ट की जा चुकी है और १००० से अधिक ज्वाइंट क्लोजर बॉक्स व ५०० से अधिक कपलर गायब करवाए जा चुके हैं।’
    
दरअसल, शहर में आमद दे रहे नए एमएसओ बाजार में अपने पैर जमाने और केबल ऑपरेटर को अपने साथ जोड़ने के चक्कर में केबल कटिंग का रास्ता अपना रहे हैं, ताकि पुराने एमएसओ की बार-बार केबल कटिंग से निजात पाने के लिए वे मजबूरन नए एमएसओ से जुड़ जाए। इंदौर लोकल केबल ऑपरेटर्स एसोसिएशन के समन्वयक शरद चौकसे ने कहा कि जब भी शहर में कोई नया एमएसओ आता है वो स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के बजाय केबल कटिंग के माध्यम से केबल ऑपरेटर और उपभोक्ताओं को परेशान करता है, ताकि पुराने एमएसओ से वे नाता तोड़ ले। इन दिनों आईपीएल का दौर चल रहा है ऐसे में रोजाना हमें हजारों उपभोक्ताओं की खरी-खोटी सुनना पड़ती है। दुर्भाग्य है कि इंदौर का जिला-पुलिस प्रशासन तमाम शिकायतों के बावजूद केबल कटिंग रोकने में नाकामयाब रहा है।
   
   एमएसओ               नेटवर्क         ऑपरेटर्स    सेटटॉप बॉक्स कीमत
 
डीजी केबल नेटवर्क         ३० प्रतिशत       १३०        ०६००
 
हेथवे केबल एंड डाटाकॉम     ४० प्रतिशत       १८०        १०००   
 
सिटी केबल                २० प्रतिशत       ११०        १०००
 
एसीटी नेटवर्क             ०५ प्रतिशत        ०३०        १०००

रेड टीवी                   ०५ प्रतिशत       ०२०        १००० (रु.)

विवाद की असली वजह सेटटॉप बाक्स

केबल कटिंग के माध्यम से उपभोक्ता और केबल ऑपरेटर को परेशान करने की असली वजह सेटटॉप बॉक्स है। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने ३१ मार्च तक इंदौर शहर के केबल उपभोक्ताओं को अनिवार्य रूप से सेटटॉप बॉक्स लगाने के निर्देश दिए थे, हालांकि अभी उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप से इस समय सीमा को बढ़ा दिया गया है। शहर के सभी एमएसओ केबल ऑपरेटर के माध्यम से पांच लाख उपभोक्ताओं को सेटटॉप बॉक्स उपलब्ध कराने में व्यस्त है। दो नए एमएसओ सिटी केबल और हेथवे (पुराना बीटीवी) ने सेटटॉप बॉक्स के रेट अधिक रखे हैं, इस वजह से केबल ऑपरेटर इनसे जुड़ने में गुरैज कर रहे हैं।
    
डीजी केबल नेटवर्क के एसोसिएट वाइस प्रेसीडेंट दुष्यंत झामनानी ने आशंका जताई की नए एमएसओ से जुड़ने के बाद डीजी केबल नेटवर्क के पुराने स्टाफ को केबल कटिंग के काम में लगाया गया है। इस स्टाफ को पूरे केबल नेटवर्क की बारीक जानकारियां हैं, इसलिए ये हर संभव नुकसान पहुंचा रहे हैं। ऐसे लोगों को खिलाफ नामजद पुलिस रिपोर्ट की जा रही है।
    
छह माह पूर्व शहर में सिटी केबल ने आमद दी थी और हेथवे अपने पैर पसार रहा है। ऐसे में पुराने एमएसओ से स्टाफ की अदला-बदली भी जोर-शोर से चल रही है। इस समय एमएसओ के सीनियर ऑफिसर्स के सामने सिर्फ एक लक्ष्य है अपने सेटटॉप बॉक्स अधिक से अधिक संख्या में लगवाए जाए। सेटटॉप बॉक्स कनेक्शन के मामले में सिटी केबल और हेथवे केबल एंड डाटाकॉम ने हाथ मिलाकर डीजी केबल नेटवर्क को चुनौती पेश की है। इसके उलट शहर के केबल ऑपरेटर नए एमएसओ से जुड़ने में रुचि नहीं दिखाई रहे, क्योंकि उनके सेटटॉप बॉक्स लगभग ४० प्रतिशत अधिक कीमत के हैं। इस बीच, शहर के अधिकांश एमएसओ ने केबल ऑपरेटर को अपनी तरफ आकर्षित करने के चक्कर में बिलिंग भी बंद कर रखी है। उपभोक्ताओं की जेब से जाने वाला प्रतिमाह का किराया अभी सिर्फ केबल ऑपरेटर की जेब में जा रहा है।

उपभोक्ताओं में रोष

– पहले हमें लगता था कि सेटटॉप बॉक्स की अनिवार्यता के चलते केबल बंद हो रही है, लेकिन अब मामला समझ में आया। शहर के एमएसओ आपसी प्रतिस्पर्धा के चलते उपभोक्ताओं की सेवाओं को बाधित कर रहे हैं। सुमित जैन, सेक्टर सी, स्कीम नं. ७१

– पिछले छह महीने से हम केबल कटिंग से दुःखी है। हमारी कॉलोनी के आधे से अधिक उपभोक्ताओं ने  केबल कनेक्शन से तौबा कर ली है और डीटीएच कनेक्शन ले लिए हैं। अब हमें २४ घंटे टेलीविजन देखने को मिल रहा है। सुनील जोशी, बजरंग नगर

– समझ में नहीं आ रहा इंदौर का प्रशासन क्या कर रहा है। रोजाना केबल कट रही है और विवाद हो रहे हैं। केबल ऑपरेटर सेटटॉप बॉक्स लगाने के नाम पर १५०० रुपए तक ले जा रहे हैं, उसके बावजूद घटिया सेवाएं दी जा रही है। जयश्री होलकर, मराठी मोहल्ला, सदर बाजार

– जब से आईपीएल मैच चालू हुए हैं तभी से केबल कटिंग जोरों पर है। केबल ऑपरेटर फोन उठाने तक को तैयार नहीं। इस बार किराया लेने आएंगे तो खूब खरी-खोटी सुनाएंगे। प्रशासन को त्वरित हस्तक्षेप कर व्यवस्था सुधारना चाहिए। तेजकुमार सेठी, साधना नगर, एरोड्रम रोड

हत्या तक हो चुकी है

शहर में पांच साल पहले भी केबलवार शुरु हुआ था, उस वक्त बीटीवी और नए एमएसओ डीजी केबल नेटवर्वâ के बीच तगड़े विवाद हुए थे। दोनों एमएसओ ने खुलेआम शहर के कई नामचीन दबंगों को अपने केम्पस में मुकाबले के लिए रख छोड़ा था। विवाद इतने बड़े की उस वक्त कई हत्या के प्रयास हुए और मानवता नगर में एक निर्दोष कर्मचारी की हत्या भी कर दी गई। शहर में एक बार फिर ऐसा ही माहौल नजर आ रहा है। दो नए एमएसओ ने मिलकर कुछ अपराधिक तत्वों के माध्यम से केबल कटिंग का काम चला रखा है। केबल व्यावसाय में कम समय में मिलने वाली ज्यादा पूंजी सारे विवादों की जड़ है।

इंदौर से वरिष्‍ठ पत्रकार प्रवीण कुमार खारीवाल की रिपोर्ट। इंदौर प्रेस क्लब अध्यक्ष खारीवाल डीजी न्यूज में न्यूज को-ऑर्डिनेटर के पद पर कार्यरत हैं।

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