इतने संवेदनहीन क्यों है आप आईबीएन वालों?

Mohammad Anas : इतने संवेदनहीन हैं आप आईबीएन वालों, जिनके साथ बैठ कर कैंटीन में लंच किए, जिनके साथ सिगरेट की कश लगाईं, जिनके फूहड़ जोक्स पर आप भी खिलखिला कर मुस्कुरा देते थे, जो आपके लिए ग्राफिक्स बनाते, जो आपके कहने पर इंजेस्ट रूम से दौड़ कर पुराने फुटेज ले आते, जो डेस्क पर साथ थे, जिन्हें आप सर कहते और जो आपको सर कहते थे उन 320 लोगों की ज़रा भी याद ना आई? इतने कठोर भला कैसे हो सकते हैं आप? आत्मा झकझोरती नहीं क्या आपको? आँखें झुकती नहीं क्या उन खाली कुर्सियों को देख कर जिन पर कुछ रोज़ पहले श्याम/अब्दुल और रफीक बैठा करते थे?

कैमरापर्सन के ट्राईपोड और कैमरों से उनकी यादें नहीं झलकती क्या जो आपके साथ आए थे चैनल -7 को आईबीएन-7 बनाने के लिए. उन प्रोड्यूसरों और रिपोर्टरों, ग्राफिक्स डिजायनरों, आउटपुट-इनपुट, स्पोर्ट्स, सोशल मीडिया, इंटरटेन्मेंट, असाइंमेंट के किसी भी साथी की याद आपको नहीं कचोटती… मुझे पता है आपको उनकी याद आती होगी पर पेट के खातिर, नौकरी की खातिर आप डर रहे हैं. डरिए नहीं, सब एक साथ हो जाइए, आप भी काम करना बंद कर दीजिए. कहाँ से लाएगा अम्बानी और उसके दलाल आप जैसे काबिल लोगों को, उठिए, लड़िए अपने हक़ के लिए, अपने साथियों के लिए. यकीन मानिए आपका साथ उन निकाल बाहर किए गए आपके साथियों की नौकरियां वापस दिला सकता है और क्रूर एवं बर्बर मालिकों को एक कड़ा सबक भी.

युवा पत्रकार और एक्टिविस्ट मोहम्मद अनस के फेसबुक वॉल से.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *