इन खबरों से चिढ़ा जागरण प्रबंधन बेताब है भड़ास बंद कराने के लिए

भड़ास4मीडिया के माध्यम से दैनिक जागरण के कई कारनामों का खुलासा होने से दैनिक जागरण प्रबंधन बुरी तरह बौखलाया हुआ है. पेड न्यूज जैसे अपराध की शुरुआत करने वाले इस अखबार के पेड न्यूज की कई करतूतों का भंडाफोड़ भड़ास4मीडिया ने किया. बाद में इस अखबार के मालिकों की कानपुर में एक आईपीएस द्वारा की गई पिटाई की खबर भड़ास4मीडिया ने प्रकाशित की. इस अखबार के प्रबंधन के निर्देश पर इसके एक ब्यूरो चीफ द्वारा बिल्डर से रुपये लेने के स्टिंग आपरेशन के वीडियो को भड़ास4मीडिया ने दिखाया.

इस अखबार के एक महिलाकर्मी द्वारा यौन शोषण का आरोप लगाने की खबर को भड़ास ने प्रकाशित किया. इस अखबार में सैकड़ों लोगों की छंटनी और उनके आंदोलन की खबर को भड़ास ने जोरशोर से प्रकाशित किया. इस अखबार के एनसीआर व अन्य राज्यों में उगाही के रैकेट का खुलासा भड़ास करता रहा. इसी सबसे चिढ़े बैठे दैनिक जागरण ने भड़ास को पूरी तरह बंद कराने के लिए एक आवेदन नोएडा के सेक्टर 58 थाने में किया. दरअसल दैनिक जागरण के चेयरमैन महेंद्र मोहन गुप्ता की समाजवादी पार्टी से काफी नजदीकी है.

गुप्ताजी सपा के बैनर तले राज्यसभा सांसद रहे. यूपी में इन दिनों सपा की सरकार है. सो, जागरण वालों को लग रहा है कि यही सही मौका है जब भड़ास को सबक सिखाया जाए ताकि इस न्यू मीडिया माध्यम की बोलती बंद हो जाए. दुर्भाग्य ये देखिए कि अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर मीडिया हाउस का संचालन कर रहे दैनिक जागरण को यही पसंद नहीं कि उसके गलत कार्यों पर कोई उंगली उठाए.

जागरण प्रबंधन की तरफ से नोएडा के सेक्टर 58 थाने में अर्जी देकर भड़ास4मीडिया के संचालन को बंद कराने की अपील की गई है. इसके लिए जो कहानी गढ़ी गई है, वह बेहद मनोरंजक है. जो अखबार खुद पूरे देश को ब्लैकमेल करने के लिए कुख्यात है, उसने भड़ास पर आरोप लगाया है कि इसके लोग दैनिक जागरण को ब्लैकमेल कर रहे हैं. पूरे मामले को इस खबर के जरिए समझा जा सकता है. नेशनल दुनिया में यह खबर तब प्रकाशित हुई, जब भड़ास के संस्थापक व संपादक यशवंत को जेल भिजवा दिया गया था.

यशवंत जेल से निकलने न पाएं, इसके लिए दैनिक जागरण ने खुद की तरफ से एक मुकदमा दर्ज कराया और कोशिश की कि भड़ास का संचालन बंद करा दिया जाए. इस उद्देश्य से भड़ास4मीडिया के कंटेंट एडिटर अनिल सिंह को गिरफ्तार कराया गया, भड़ास से जुड़े लोगों के यहां पुलिस के छापे मरवा कर कंप्यूटर-लैपटाप से हार्डडिस्क निकलवा लिया गया और भड़ास से जुड़े लोग जेल से बाहर न आ पाएं, इसके लिए हर स्तर पर प्रयास किया गया. लेकिन दैनिक जागरण प्रबंधन की लाख कोशिशों के बावजूद भड़ास चलता रहा और अभी तक चल रहा है. देखना है कि ये लोग भड़ास को बंद कराने की खातिर अब क्या कदम उठाते हैं. फिलहाल देश के नंबर वन अखबार दैनिक जागरण की सबसे छोटी चेतना को साबित करने वाली इस खबर को पढ़िए और आनंद लीजिए….

दैनिक जागरण प्रबंधन जिन खबरों के कारण भड़ास से चिढ़ा हुआ है, वे इस प्रकार हैं…. (शीर्षकों पर क्लिक करें और पढ़ें) … सबसे पहले जागरण के मालिकों की पिटाई से संबंधित खबरें…


कानपुर में बेइज्जत हुए दैनिक जागरण के चेयरमैन

जागरण के लोग डीआईजी प्रेम प्रकाश का तबादला कराने में जुटे

मायावती के इशारे पर हुई थी जागरण के मालिकों से बदतमीजी

मीडिया को आइना दिखाने वाला आईपीएस

यशवंत जी, डीआईजी प्रेम प्रकाश को हीरो न बनाएं

 

दैनिक जागरण से संबंधित पेड न्यूज की खबरें…..


पैसे लेकर चुनावी खबर छापने में दैनिक जागरण फंसा

राम इकबाल सिंह आपके रिश्तेदार लगते हैं?

चुनाव से पहले ही दैनिक जागरण ने अजय को जिताया

पैसे लेकर खबर छापने पर दो अखबारों की कंप्लेन

किस मुंह से दुनिया को पढ़ाएंगे नैतिकता का पाठ

बूझो- कांग्रेस मजबूत क्यों, हेडिंग का रंग लाल क्यों??

धवन ने पैसे लेने वाले अखबारों का नाम खोला

खबरों के लिए पैसा मांग रहे हैं अखबार : धवन

पहले पन्ने पर छाप दो कि यह अखबार झूठा है

पता नहीं इन्हें शर्म आई या नहीं

खबर के पांच सौ और फोटो छपवाने के हजार लगेंगे

 


नीचे दिए गए खबर पर मैनेजर का पक्ष लेने के लिए जब दैनिक जागरण के कंटेंट एडिटर अनिल सिंह ने दैनिक जागरण प्रबंधन का पक्ष लेने के लिए उनके मैनेजर को फोन किया  और उनका पक्ष लेकर खबर को भड़ास पर प्रकाशित किया तो दैनिक जागरण ने पैसे मांगने का आरोप लगाते हुए यशवंत और अनिल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दिया. भड़ास ने दैनिक जागरण को चुनौती दी है कि वह अगर संबंधित बातचीत के टेप को सार्वजनिक कर दे तो सच्चाई खुद ब खुद सामने आ जाएगी लेकिन जागरण ऐसा नहीं करने वाला. उसकी मंशा सिर्फ भड़ास व उससे जड़े लोगों को परेशान करने व सबक सिखाने की है…. लीजिए संबंधित खबर पढ़िए ……

जागरण, कानपुर में यूनिट हेड, सीजीएम एवं आईटी हेड पर महिलाकर्मी ने लगाया यौन शोषण का आरोप

 


और ये खबरें है दैनिक जागरण के मालिक संजय गुप्ता और मैनेजर निशिकांत ठाकुर के निर्देश पर उनके ब्यूरो चीफ अनिल निगम द्वारा एक बिल्डर से पैसे लिया जाना… बिल्डर ने खुद ब्यूरो चीफ को पैसे देते वीडियो बना लिया….

दैनिक जागरण के ब्यूरो चीफ पैसे लेते दिखे

क्या ये स्टिंग दैनिक जागरण ने किया है?

जिसने पैसे दिए, उसी ने स्टिंग किया था

 


और ये हैं दैनिक जागरण में बंपर छंटनी की कई दर्जन खबरें…. क्लिक करें इस शीर्षक पर

दैनिक जागरण में बंपर छंटनी

 


वे खबरें जिनके कारण दैनिक जागरण, नोएडा का चीफ जनरल मैनेजर निशिकांत ठाकुर भड़ास से चिढ़ा बैठा है… और, विनोद कापड़ी – साक्षी जोशी से तुरंत हाथ मिलाते हुए इसने आनन फानन में जागरण के शीर्ष प्रबंधन और यूपी सरकार को मैनेज करने की कोशिश शुरू कर दी, साथ ही नोएडा सेक्टर 58 थाने में मुकदमा दर्ज कराया…

मैनेजर लोग कबसे प्रसिद्ध पत्रकार होने लगे

बहुत बड़े चिरकुट हैं जागरण वाले, पढ़िए खबर और शेम शेम कहिए

निशिकांत ठाकुर के गांव के हैं या रिश्तेदार हैं तो दैनिक जागरण में जगह मिल जाएगी

जागरण, जालंधर में घपला, सरकुलेशन मैनेजर का तबादला

कोर्ट ने दैनिक जागरण एवं निशिकांत ठाकुर पर ठोंका पंद्रह सौ रुपये का जुर्माना

दैनिक जागरण दिल्ली में निशिकांत कविलाश के मन मुताबिक हुआ फेरबदल

आने वाला समय इन लोगों को क्षमा नहीं करेगा

 


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Yashwant Singh Jail

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