इरोम के संघर्ष को समर्पित एक नाट्य प्रस्तुति : ‘संतुलन-दूत’

क़ाफ़िला सांस्कृतिक मंच (महात्मा  गाँधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी  विश्वविद्यालय, वर्धा) के रंगकर्मी साथियों ने इरोम के संघर्ष को समर्पित एक नाट्य प्रस्तुति करने का संकल्प किया था। इसी श्रृंखला में 13 सितम्बर २०१३ को संजीव ‘मजदूर’ झा द्वारा लिखित एवं भगवत प्रसाद द्वारा निर्देशित “संतुलन-दूत” का नाट्य मंचन हबीब तनवीर सभागार(महात्मा गाँधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय,वर्धा)(महाराष्ट्र) में किया गया। नाटक के मूल में- ‘अपने अतीत और वर्तमान में अपनी भूमिका को तलाशती, इतिहास को नकारती तथा बंजर भविष्य को महसूसती स्त्री समाज में अपने अमूल्य योगदान को स्वीकार करवाते हुए, दल बनाते हुए, ऐसे समाज का बहिष्कार करती है, जहाँ अंततः स्त्रियाँ ही कुचली जाती हैं।

‘संतुलन-दूत’ आधुनिकता और राजनीति पर प्रश्नचिन्ह लगाते हुए, पूंजीवादी व्यवस्था में लिप्त ‘मध्यवर्ग’ को सवालों के कठघरे में खड़ा करते हुए, असंतुलित समाज के खिलाफ आन्दोलन का आगाज़ है। नाट्य-निर्देशक भगवत प्रसाद के सधे हुए निर्देशन में इस नाटक की कोलाज़मयी प्रस्तुति और भी प्रभावशाली हो गई थी जिसको दर्शकों ने भी भरपूर सराहा।

इरोम, दूत1 एवं दूत2 तथा दूत 3  की मुख्य चरित्र भूमिकाओं में नितप्रिया प्रलय, भगवत प्रसाद, आम्रपाली ने अपने मार्मिक अभिनय द्वारा दर्शकों पर गहरा प्रभाव छोड़ा। राजा की भूमिका में मणि कुमार, विकास पुरुष की भूमिका में रंजित, परम्परावादी की भूमिका में प्रवेश, गुलाम की भूमिका में अंकित अभिषेक, डायन की भूमिका में रेखा तिवारी, गृहणी की भूमिका में राजेश कुमारी साथ ही कोलाज में अनामिका, सेलिना तोइजोम, सलाम मोमोका देवी, पंकज प्रजापति, कुशल, आकाश कुमार ने अपने सराहनीय अभिनय को द्वारा दर्शकों ने खूब दाद पाई। मंच के परे जिन लोगों की मुख्या भूमिका रही उनमें कुमार गौरव मिश्रा (मंच सज्जा, संगीत, प्रचार-प्रसार एवं मिडिया प्रबंधन, पोस्टर मेकिंग), रविन्द्र अशोकराव मुंढे (ध्वनि सयोंजन), पंकज प्रजापति (संगीत एवं मिडिया प्रबंधन), आशीष कुमार(सह-निर्देशन, प्रचार-प्रसार, मिडिया प्रबंधन, संगीत), मिथिलेश मुखिया, अंकित अभिषेक, मणि कुमार, कुशल, प्रवेश (मंच-सज्जा), विनय श्रीवास्तव (प्रकाश व्यवस्था), कमला थोकचोम, नितप्रिया प्रलय (वस्त्र- विन्यास), कविता चौहान, शुभी दधीच, सुनीता थापा (वस्तु-विन्यास), शुभी दधीच, आम्रपाली, सुनीता थापा (मुख-सज्जा), श्रवण झा(मिडिया प्रबंधन), मेघा आचार्य, संजय, प्रकाश उत्प्रेती, संजीव ‘मजदूर’ झा (पोस्टर मेकिंग), संतोष यादव, आयुष झींगरन (फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी), सौरभ (तकनीकि सहयोग), धीरेन्द्र कुमार(सह- निर्देशन), उर्वशी, पूजा (कार्यक्रम संचालन) प्रमुख थे।

नाटक  के दौरान (महात्मा गाँधी  अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय,वर्धा) के माननीय कुलपति श्री विभूतिनारायण राय, विश्वविद्यालय के अतिथि लेखक श्री विनोद कुमार शुक्ल साथ ही श्री  राजकिशोर, श्री नरेश सक्सेना, श्री ऋतुराज आदि विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद थे। प्रो. के. के. सिंह (अध्यक्ष, साहित्य विभाग), प्रो. सुरेश शर्मा (अध्यक्ष, नाट्यकला एवं फिल्म अध्ययन विभाग), डॉ. ओमप्रकाश भारती (एसोसिएट प्रोफ़ेसर, नाट्यकला एवं फिल्म अध्ययन विभाग एवं विश्वविद्यालय के सभी शिक्षक, कर्मचारी, छात्र भारी तादाद में मौजूद थे। (महात्मा गाँधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय,वर्धा) के  माननीय कुलपति श्री विभूतिनारायण  राय जी ने इस नाटक  की सराहना करते हुए  क़ाफ़िला सांस्कृतिक मंच  की प्रथम नाट्य प्रस्तुति  के लिए बधाई दी साथ  ही भविष्य में इस तरह  के कार्यक्रम में सहयोग  देने का आश्वासन दिया। क़ाफ़िला सांस्कृतिक मंच के अध्यक्ष तथा ‘संतुलन-दूत’ नाटक के निर्देशक भगवत प्रसाद जी ने क़ाफ़िला सांस्कृतिक मंच के सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया साथ ही इस नाटक को देश के अन्य क्षेत्र में करने का संकल्प भी लिया।

प्रेस विज्ञप्ति

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