इलाहाबाद के एक क्राइम रिपोर्टर ने बीएड कराने और नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों वसूले!

बड़े अखबार का भय दिखाकर रिपोर्टर पहले कैसे दलाली करता है और बाद में पैसे हड़प जाता है यह देखने को मिल रहा है इलाहाबाद के एक बड़े अखबार में। यहां पर कार्यरत क्राइम रिपोर्टर ने कई लोगों से बीएड, पीएचडी और माध्यमिक स्कूलों में नौकरी के नाम पर लाखों की रकम बटोरी। नेहरू ग्रामभारती विश्वविद्यालय से बीएड कराने के लिए आधादर्जन लोगों से प्रति व्यक्ति 70 से 80 हजार रूपये ले लिये। पैसे वसूलने के बाद इसने सभी को विवि का फर्जी अंकपत्र भी दिलवा दिया। जांच में सभी अंकपत्र फर्जी निकले।

इसने पीएचडी में दाखिले के नाम पर भी हजारों रूपये वसूले। लेकिन तीन साल बीतने के बाद भी दाखिला नहीं हुआ। नेहरूग्राम भारती से जुड़े इंटरकालेज में अध्यापक एवं कर्मचारी बनाने के नाम पर कई लोगों से लाखों रूपये ऐंठे। सभी मामला फर्जी निकलने पर जब इससे पैसे वापस मांगे गये तो यह निरंतर टालता रहा। लोग अखबार कार्यालय और इसके घरों का चक्कर लगाते रहे। तीन वर्ष से अधिक बीतने के बाद इसने सभी लोगों को धमकी देनी शुरू कर दी कि वह शहर के बड़े अखबार का रिपोर्टर है, आईजी-डीआईजी उसकी जेब में हैं। उसका कोई कुछ बिगाड़ नहीं सकता है।

सूत्रों की मानें तो इसने लोगों से सात लाख रूपये से अधिक की वसूली की है। इसमें अम्लेंदु त्रिपाठी, नीरेन उपाध्याय, मोहम्द नूरूलऐन, संजीव प्रधान, दीपमाला, मोहम्मद अजहर, बिनीता के अतिरिक्त बरेली जनपद के कई लोगों से फर्जीवाड़े के नाम पर पैसा ले लिया। अपनी, अपने और अपने अभिभावकों की गाढ़ी कमाई का पैसा जब भी कोई इससे मांगता है तो यह निरंतर नई डेट देकर टरका देता है। लोग इसके घर और आसपास जाकर परेशान हो चुके हैं।

बाद में शराब पीकर धमकाना शुरू कर देता है। सामान्य व्यक्ति अखबार के कार्यालय पर जाकर हंगामा नहीं कर सकता, इसका लाभ यह क्राइम रिपोर्टर उठाता है। फिलहाल धोखा खाए लोग एफआईआर लिखाने के लिए विधिक राय ले रहे हैं। नेहरूग्रामभारती विवि के परिवार के एक सदस्य से पप्पू मिश्रा से नजदीकी के नाम पर इसने यह यह रकम वसूली है। अब इस अखबार के महाप्रबंधक, संपादकीय प्रभारी और शीर्ष प्रबंधन के लोगों को ध्यान देना होगा कि उनके प्रतिष्ठित समाचारपत्र को हथियार बनाकर रिपोर्टर समाज में उनकी छवि धूमिल कर रहा है। (कानाफूसी)

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