इलाहाबाद में पत्रकार पर हमला, सुरक्षा की मांग

 
इलाहाबाद। पत्रकार की जान के लाले पड़ गए हैं. जीवन पूरी तरह असुरक्षित है. एक हिस्ट्रीशीटर और शातिर अपराधी ने इलाहाबाद के वरिष्ठ पत्रकार शिवाशंकर पांडेय के ऊपर तीन दिन के भीतर दो बार जानलेवा हमला किया. तहरीर देने के बावजूद कर्नलगंज और नवाबगंज थाने की पुलिस ने एहतियाती कदम उठाना तक जरूरी नहीं समझा. भुक्तभोगी पत्रकार ने एसएसपी से मिलकर जान की सुरक्षा की गुहार लगाई है. देखना यह है कि इलाहाबाद में कानून का राज कायम रहेगा या गुंडे बदमाश सरेराह लोगों को दहशतजदा कर अपना समानांतर राज कायम रखेंगे. खास बात यह है कि वरिष्ठ पत्रकार शिवाशंकर पांडेय भारतीय जनता पार्टी के पूर्व विधायक प्रभाशंकर पांडेय के छोटे भाई हैं. प्रभाशंकर पांडेय मौजूदा समय में भारतीय जनता पार्टी के संगठन में काशी क्षेत्र के महामंत्री पद की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं.  
 
गंगापार के नवाबगंज थाना क्षेत्र का पेशेवर अपराधी व संगठित गिरोह चलाने वाले बदमाश संतोष मिश्रा ने वरिष्ठ पत्रकार शिवाशंकर पांडेय पर 28 अक्टूबर को जिला कचहरी में सीआरओ ऑफिस के सामने तमंचा सटाकर जान से मारने की धमकी दी. भुक्तभोगी ने इसकी लिखित शिकायत एसपी क्राइम से की. एसपी क्राइम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए थाना कर्नलगंज को मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया. 30 अक्टूबर शाम तक इस मामले में पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की. पुलिस के ढुलमुल रवैए का नतीजा यह निकला कि उसी मनबढ़ अपराधी ने 30 अक्टूबर को सुबह नवाबगंज चौराहे पर जानलेवा हमला कर दिया. भुक्तभोगी पत्रकार ने नवाबगंज थाने में जान की सुरक्षा और एफआईआर दर्ज करने की तहरीर दी है. उधर, पत्रकार साथियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों से भी मदद की अपील की है. हमलावर बदमाश के खिलाफ नवाबगंज, कैंट, कर्नलगंज, सिविललाइंस आदि थानों में डेढ़ दर्जन से ज्यादा गंभीर आपराधिक मुकदमे पहले से ही दर्ज हैं. वह नवाबगंज थाने का हिस्ट्रीशीटर बदमाश है. ऑनड्यूटी दारोगा पर जानलेवा हमला, नशीले ड्रग्स की तस्करी, जुएं के अड्डे का संचालन, गुंडा टैक्स वसूली जैसे तमाम मुकदमे दर्ज हैं। शिवाशंकर पांडेय का कहना है कि वे खुद और उनका पूरा परिवार दहशत के साए में हैं.
 
            इलाहाबाद के एक पत्रकार के मेल पर आधारित
 

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