इलाहाबाद से जनंसदेश टाइम्‍स लांच, जागरण से इस्‍तीफा देकर रवि प्रकाश भी जुड़े

जनसंदेश टाइम्‍स ने बुधवार को अपने इलाहाबाद एडिशन की लांचिंग की. लगभग सत्रह हजार कॉपियों के साथ अखबार की लांचिंग हुई. पहले दिन अखबार को बढि़या रिस्‍पांस मिला है. जैकेट के साथ अखबार का प्रकाशन किया गया था. अखबार का ले आउट भी बढि़या बताया जा रहा है. इलाहाबाद में अखबार के संपादकीय प्रभारी दैनिक जागरण के वरिष्‍ठ पत्रकार आनंद नारायण शुक्‍ल को बनाया गया है. यहां के जीएम जीएस शाक्‍या बनाए गए हैं. दैनिक जागरण, आगरा से इस्‍तीफा देकर रवि प्रकाश मौर्य भी इलाहाबाद में जनसंदेश टाइम्‍स से जुड़ गए हैं.

जनसंदेश टाइम्‍स, इलाहाबाद एडिशन का प्रकाशन फिलहाल वाराणसी से किया जा रहा है. इलाहाबाद के साथ कौशाम्‍बी और प्रतापगढ़ में भी अखबार को अच्‍छा रिस्‍पांस मिला है. अखबार की कीमत ढाई रुपये रखी गई है. पहले दिन अखबार सोलह प्‍लस चार पेज के सप्‍लीमेंट के साथ प्रकाशित किया गया. सूत्रों का कहना है कि जल्‍द ही इलाहाबाद में भी मशीन बैठाई जाएगी. फिलहाल लगभग तीन दर्जन लोगों की टीम के साथ अखबार लांच किया गया है. बनारस एडिशन के जीएम सीपी राय इलाहाबाद में डेरा डाले हुए हैं. सीपी राय ने बताया कि लगभग 17 हजार कापियों के साथ अखबार की लांचिंग की गई है. रिस्‍पांस उम्‍मीद से ज्‍यादा बेहतर रहा है. 

दैनिक जागरण, आगरा में कार्यरत रहे रवि प्रकाश मौर्य भी इस्‍तीफा देकर जनसंदेश टाइम्‍स, इलाहाबाद के हिस्‍सा बन गए हैं. वे पिछले चार सालों से आगरा में जागरण को अपनी सेवाएं दे रहे थे. रवि प्रकाश उस समय चर्चा में आए थे जब उन्‍होंने जागरण प्रबंधन द्वारा मजीठिया वेज बोर्ड नहीं लेने के लिए कराए जा रहे हस्‍ताक्षर अभियान में साइन करने से इनकार कर दिया था. रवि को आगरा से उनके सहयोगियों ने आयोजन करके विदाई दी. साहित्‍यक रूचि रखने वाले रवि इलाहाबाद में प्रमुख भूमिका निभाएंगे.

रवि ने करियर की शुरुआत 1999 में आल इंडिया रेडियो से की थी. इसके बाद संग्रह टाइम्‍स मैगजीन लांच कराया, हरिभूमि, रायपुर में भी लम्‍बे समय तक कार्यरत रहे. वीकली पत्रिका हर शनिवार के कॉपी एडिटर रहे तथा किरण बेदी की किताब 'एज आई सी' का हिंदी अनुवाद भी किया. साहित्यिक रूझान रखने वाले रवि की एक किताब भी प्रकाशित हो चुकी है 'सप्‍त शिखरों का साक्षात्‍कार', जिसमें उन्‍होंने अमर कांत, शेखर जोशी समेत कई लोगों के बारे में विस्‍तृत जानकारी उपलब्‍ध कराई है. रवि के दो उपन्‍यास 'जीवन युद्ध' और 'एक पापा' भी जल्‍द प्रकाशित होने वाली है.

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