इलेक्ट्रानिक मीडिया मानिटरिंग सेंटर में भारी भ्रष्टाचार, पीएम को लेटर लिखकर लगाए गंभीर आरोप

सेवा में, प्रधानमंत्री जी, भारत सरकार, विषय:- सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अधीन आने वाले इलेक्ट्रोनिक मीडिया मॉनिटरिंग सेन्टर (14 बी रिंग रोड दिल्ली-2 ) में हो रहे भारी भ्रष्टाचार और डायरेक्टर द्वारा अपनी प्राइवेट कम्पनी समझ कर विभाग को चलाने के संबंध में शिकायती सूचना। महोदय, निवेदन इस प्रकार है कि सूचना एंव प्रसारण मंत्रालय के अधीन आने वाले एक विभाग (इलेक्ट्रोनिक मिडिया मॉनिटरिंग सेन्टर) को पहले तो सरकारी विभाग मानकर यहां की डारेक्टर द्वारा चलाया ही नहीं जा रहा, वो तो इसे अपनी प्राइवेट कम्पनी मानकर चला रही हैं। विभाग के अन्य कर्मचारी भारत भूषण के साथ मिलकर जिन-जिन रास्तों से विभाग को लूटा जा सके, लूट रहे हैं जिसकी पूर्ण जानकारी क्रमबद्ध रूप से नीचे प्रस्तुत है।

पहले तो हम आपको ईएमएमसी के द्वारा जो गाड़ियां कर्मचारियों को लाने और ले जाने के लिए लगाई गई हैं, उसकी जानकारी देता हूं। यहां पर गाड़ियां कर्मचारी कल्याण समिति के माध्यम से चलाई जा रही हैं और यह कार्य यह समिति 2010 से कर रही है। पहले तो अपने आप ही इस समिति को यहां से गाड़ियों के लिए अनुमति मिल जाती थी और वह अपना कार्य करती आ रही थी परन्तु पिछले वर्ष इस बात की शिकायत कुछ लोगों द्वारा मंत्रालय को कर दी गई जिसके बाद इस वर्ष गाड़ियों के संचालन के लिए टेंडर का विज्ञापन अखबारों में दिया गया लेकिन किसी अन्य को टेंडर नहीं दिया गया है। फिर यह टेंडर कर्मचारी कल्याण समिति को ही दिया गया है और यह समिति जो गाड़ियां चलवाती है, वह प्राइवेट नंबर की है (यह जानकारी आरटीआई माध्यम से प्राप्त हूई है) जबकि सरकारी नियम है कि कामर्शियल गाड़ियों का इस्तेमाल किया जाये। परन्तु नहीं, यह तो डारेक्टर और भारत भूषण जी की अपनी कम्पनी है, वो कुछ भी करें, इन गाड़ियों मे कुछ गाड़ियां खुद भारत भूषण या उसके रिश्तेदारों की हैं। इसलिए गाड़ियों का टेंडर बार-2 कर्मचारी कल्याण समिति को मिलता है और डारेक्टर महोदया यह सब जानती हैं। हो सकता है वह भी इसमें बराबर की हिस्सेदार हों, इस बात का खुलासा तो आपके द्वारा जांच के बाद हो पायेगा।

दूसरे भारत भूषण जी की पुत्र वधू भी यहां मॉनिटर के पद पर कार्य कर चुकी हैं। पहले तो वह यहां मांगी जाने वाली अर्हता (योग्यता) को पूरा ही नहीं करती थीं। फिर भी उन्हें नौकरी पर रख लिया गया। दूसरे उन्हें करीब तीन माह तक की मेटरनिटी लीव भी दी गई, जिसका बाकायदा भुगतान विभाग द्वारा किया गया (ऐसा आरटीआई माध्यम से ज्ञात हुआ) जबकि बीआईसीईएल से जो करार होता है वह मात्र तीन माह का होता है। तीन माह के करार में तीन माह की छुटटी दे दी गई और अन्य लोग भी यहां कार्यरत हैं जिसमें काफी लड़कियां भी हैं लेकिन इस तरह का लाभ किसी और को कभी प्राप्त नहीं हुआ। और तो और, बाकि लोगों की तो सीएल भी बंद कर दी गई क्योंकि वह भारत भूषण जी की पुत्र वधू थीं जिसका लाभ उन्हें प्राप्त हुआ। वहीं एक अन्य कर्मचारी प्रोनिता शर्मा को बिना योग्यता के न केवल नौकरी पर रखा गया बल्कि प्रमोशन भी दे दिया गया। ये सब मनमर्जी से किया जा रहा है और यहां की माननीय डारेक्टर महोदया ईएमएमसी को अपनी प्राइवेट फर्म मानकर चला रही हैं।

माननीय भारत भूषण जी की रिटायरमेंट दिनांक 30.06.13 को हो गई, जिसके पहले अखबार में एक विज्ञापन देकर उनके स्थान पर नयी नियुक्ति के लिए आवेदन मंगवाये गये थे। परन्तु विज्ञापन का दिखावा भर किया गया और भारत भूषण जी को ही पुनः नियुक्ति दे दी गई। अन्य लोगों ने भी इस पद के लिए आवेदन किया था परन्तु किसी को महत्व न देकर उन्हें यह लाभ दिया गया क्योंकि वह विभाग को लूटने में डारेक्टर महोदया का अच्छा साथ निभा रहे थे। इस संबंध में भी जांच किया जाना परम् आवश्यक है।

ईएमएमसी के अन्दर मौजूद कैंटीन को पहले तो भारत भूषण जी के किसी जानकार को दे दिया गया था। वह इस कैंटीन को चलाने लगा। डारेक्टर महोदया और भारत भूषण जी द्वारा इस बात की ओर पूरा जोर दिया जाता था कि सभी लोग कैंटीन का इस्तेमाल करें जबकि कैंटीन वाला उच्च दामों पर सभी कुछ देता था, इसलिए कर्मचारी कैंटीन का प्रयोग नहीं करते थे। मतलब यहां भी वह अपनी मनमानी चलाते थे। इस बात की जानकारी भी मिली है कि भारत भूषण जी कई वर्षों तक आपराधिक सजा पाने के कारण सस्पेंड रहे हैं लेकिन वर्षों बाद अचानक उनका सस्पेंसन खत्म कर उन्हें बहाल कर दिया गया (आरटीआई माध्यम से जानकारी प्राप्त हुई) किस आधार पर उनका सस्पेंसन खत्म हुआ, यह भी गंभीर जांच का विषय है, जिसकी जांच की जानी चाहिए।

ई एम एम सी में नये कार्यलय को बनाने और उसमें सभी सामान कम्प्यूटर आदि लगवाने मे भी कम दरों पर लिये गये माल को उच्च दरों पर दिखाया गया और भारी भ्रष्टाचार किया गया जिसमें यहां की डारेक्टर और भारत भूषण शमिल हैं। बिना टेंडर निकाले काम करवाया गया। अपने आदमियों से काम करवा कर उच्च बिल पास करवाये गये। इसकी भी जांच करवाई जाये ताकि इस भ्रष्टाचार पर लगाम लग सके और मनमर्जी चलाने वाले इन अधिकारियों को  दंडित किया जा सके।

कार्यालय में इस्तेमाल के लिए लेकर आई जाने वाली स्टेशनरी या अन्य सामाग्री मंगवाने में भी भारी भ्रष्टाचार किया जा रहा है। जो चीजें मंगवाई जाती हैं वह क्वालिटी में अच्छी नहीं होती लेकिन उसके बिलों को ज्यादा और उच्च कर दिखलाये जाते हैं, जिसमें मन चाहा बिल बनाया जाता है, जिसमे डायरेक्टर महोदया सहित भारत भूषण जी का भी हिस्सा रहता है। इसकी जांच की जानी चाहिए जिससे सच्चाई का पता चले और विभाग को दोनों हाथों से लूटने वाले लोगों पर कार्यवाही हो।

संबंधित एवं अन्य विषयों पर विजिलेंस या अन्य किसी जांच एजेंसी से जांच करवाई जाये ताकि खुले हाथों से हो रही लूट को रोकने के साथ दोषियों पर कार्यवाही भी हो।

धन्यवाद

प्रार्थी

अमित कुमार (9717173494)
दिल्ली

इरशाद खान (8506044510)
फरीदाबाद

ललित (9211258298)
नई दिल्ली

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माननिय मंत्री सूचना एंव प्रसारण मंत्रालय
सचिव सूचना एंव प्रसारण मंत्रालय
सचिव (विजलेंस) सूचना एंव प्रसारण मंत्रालय
सोनिया गांधी एंव राहुल गांधी
नेता प्रतिपक्ष लोकसभा
नेता प्रतिपक्ष राज्यसभा
चेयर मैन सी ए जी
कमिश्नर सी वी सी
चेयरमैन बी सी ई आई एल
संपादक भड़ास4मीडिया डाट कॉम
ट्रांसपोर्ट कमिश्नर दिल्ली सरकार
12 डायरेक्टर ई एम एम सी

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