इस क्रांतिकारी पत्रकार मयंक सक्सेना को सलाम कीजिए

Yashwant Singh : आज के समय में भी सच्चे पत्रकार हैं, जो न सिर्फ सच लिखते हैं, बल्कि जरूरत पड़ने पर सच के पक्ष में पूरे ताव से सड़क पर उतरते हैं… लव यू Mayank. और, मयंक जिंदाबाद. मुझे गर्व है आप पर. बड़े-बड़े नामधारी संपादकों-पत्रकारों से ज्यादा इज्जत मैं मयंक की करता हूं क्योंकि मयंक आज की मुर्दा पत्रकारिता और मुर्दा पत्रकारों के बीच में रहते हुए भी पूरी तरह जिंदा है.

मयंक-सा फिलहाल कोई नहीं… मयंक का लिखना, मयंक का बोलना, मयंक का कविता पढ़ना, मयंक का प्रेम करना, मयंक का आंदोलन करना.. मयंक का मनुष्यता के पक्ष में खड़े होना… सब लाजवाब होता है…

हम-आप कुछ करें न करें, कम से कम अपने समय के बेहतरीन लोगों को पहचान कर उन्हें भरपूर समर्थन तो दे ही सकते हैं.

धंधेबाज मीडिया मालिकों द्वारा रचित सीमा रेखा को फालो करते हुए और दिमाग-जुबान बंद रखकर नौकरी बजाते रहने वाले हमारे दौर के ढेरों पत्रकारों को यह मुगालता है कि वे महान हैं क्योंकि वे ज्यादा उम्र के हैं, या ज्यादा बड़े पद पर हैं, या ज्यादा बड़े ग्रुप में हैं, या ज्यादा बड़े बकचोद हैं, या ज्यादा बड़े लायजनर हैं, पर असल में वे दो कौड़ी के लोग हैं.

ये लोग अपनी चालाकी, कांइयापन और धूर्तता को अपनी महानता मानते हैं. लेकिन सच तो ये है कि, यह सब करके वे कब जनविरोधी हो जाते हैं, कब पत्रकारिता विरोधी हो जाते हैं, उन्हें खुद पता नहीं चलता. ऐसे लोगों को मयंक को सामने रखकर अपने भीतर झांकना चाहिए.

सच्चा-अच्छा-बड़ा पत्रकार वही होता है जो सच तो लिखे ही, सच के पक्ष में सड़क पर भी उतर जाए… सच के लिए लड़ते हुए सत्ता-सिस्टम से भी टकरा जाए… और, मयंक ऐसा ही है.

((नोट- पेट पालने के लिए पत्रकारिता में आए विचारविहीन-सरोकारहीन लोगों से अनुरोध है कि वे इस पोस्ट को न तो लाइक करें और न इस पर कमेंट करें.))

Chandramauli Pandey Hats off for Mayank bhai…..

Mohammad Anas Mayank Zindabad
 
Ashish Kumar 'Anshu' ese logon ko comment karte ya like karte paay jane par, aapki taraf se kya karyvayi hogi?
 
Dilnawaz Pasha Yashwant Singh भाई मयंक यहां एक्टिविस्ट के रोल में हैं…
 
Yashwant Singh Unhe mayank banne ke liye baadhya kar diya jaayega…
 
Satish Tyagi i m proud of mayank .
 
बी.पी. गौतम बहुत खूब … चेहरे का तेज़ और बात करने का अंदाज़ ही सब कुछ कह रहा है
 
Ashish Kumar 'Anshu' yadi unaki jeed ho ki YASHWANT banana hai fir?
 
Yashwant Singh Unhe etna aasaan vikalp nahi diya jaayega…
 
Yashwant Singh Mayank se abhi baat huyi. Police waale kayi baar unhe peet chuke hain… Bahut maara hai mayank ko. Andruni chote kaafi hain… Mai police brutality ki ninda karta hu… Mai aaj jantar mantar shaam ko jaaunga, mayank and other comrades ko support karne…
 
Mayank Saxena ज़िंदगी जीने के दो तरीके हैं…उसे बिता लीजिए…या उसे जी लीजिए…कुछ लोग पहला रास्ता चुनते हैं और कुछ लोग दूसरा…कुछ के पास रास्ता न चुनने का भी अधिकार है…ये हम सबका अपना निर्णय है…हर रास्ते के अपने फ़ायदे और नुकसान…मुश्किल और आसानी…
 
Yashwant Singh Mayank ji, es baar ke sangharsh pe ek diary numa kitaab likhiye taaki aapke gahantam anubhav saamne aa saken. Saath hi journalism ki duniya ke naye puraane loag soch vichar kar sake… Mere khayaal se diary likh daaliye.. Ye bada kaam karenge aap.
 
Rangnath Singh हां, यह संस्‍मरण जरूरी है।
 
Yashwant Singh Mayank ko gariyaate huwe abhi tak madan tiwari ka comment nahi aaya… Wait kar raha hu…
 
Vijay Jha · Friends with Sanjay Tiwari and 52 others
अब पुलिस कहेगा, "आन्दोलन कैसे हो >> कितना हो >> कहाँ हो >> ?"

तो बस हो गया आन्दोलन !
 
Chaitanya Chandan Mayank Saxena se maafi maangna chahta hun ki is mushkil ki ghari me main unke saath shaareerik roop se nahin hun, lekin unki khairiyat ki hamesha fikra lagi rahti hai. Mayank ko main jab se jaanta hun, dekha hai ki unke vichaar hamesha se krantikaari rahe hain. Wo kaafi sahasi aur prakrami vyakti hain. Hats off for mayank.
 
Rahul Kumar Yashwant Singh मयंक के लिए सम्मान तो दिल में है ही, अगर आप ’चू*’ शब्द का इस्तेमाल करना छोड़ देंगे तो क़सम से कहता हूं एक बदलाव लाने में आपका योगदान भी कमतर नहीं होगा… क्या ख़्याल है?
 
Prashant Kumaar Jo Tatasth Rahenge Waqt Likhega Unka Bhi Itihaas.
 
Yashwant Singh rahul kumar ji, सम्मान रखिए या अपमान रखिए, यह मुख्य चीज नहीं है. और, बदलाव लाने का ठेका भी कुछ लोगों को सौंप दीजिए, यह भी ठीक चीज नहीं है. हर किसी को मयंक जैसा होना चाहिए. बाकी, सबका अपना अपना अंदाजे बयां होता है. जरूरी नहीं कि मैं गालियों के साथ सहज फील करता हूं तो आप भी ऐसा करें… अपना अपना नजरिया है.. और इन छोटी मोटी चीजों से बड़े मकसद प्रभावित नहीं होते.
 
Rahul Kumar जिसे आप छोटी-मोट चीज़ कहकर चलता कर रहे हैं वो दरअस्ल मेरे ख़्याल में बड़े मक़सद को प्रभावित करता है. बहरहाल हम आपको काहे प्रवचन सुनाएंगे. हमें खटकता है सो हमने कह दिया. हमारी बात यहीं ख़त्म है. सविनय निवेदन था. ख़ैर.
 
Ravindra Ranjan shabaash mayank
 
Srikant Saurav यशवंत भाई की यही तो खासियत है. जब किसी ने बैर किया तो कह के उसकी लेते हैं. जो कोई दिल को भा गया तो सर-आँखों पर बिठा लेते हैं.
 
Srikant Saurav वह अरविन्द केजरीवाल हों,मयंक सक्सेना,दीपक शर्मा,यशवंत सिंह ,अन्ना हजारे,किरण बेदी,आईपी एस अमिताभ,यूपी के बर्खास्त सिपाही सुबोध यादव हों या कोई और. ऐसे तमाम शख्स भारत के सच्चे सपूत हैं जो बिरले पैदा होते हैं.
 
Harishankar Shahi हो सकता है वह ऐसे हों. लेकिन अगर ऐसा होने ऐसे होने का अहं इनमें और इनके साथियों में भर देता है. तो फिर ऐसा होना कोई बहुत खास होना नहीं होगा…(केवल पेट पालने सोचकर आया ही नहीं)
 
Srikant Saurav ऐसे ही लोग इतिहास बनाते है. जीते जी भले ही इन्हें परेशान किया जाता रहे. आलोचना मिलती है. पर अंततः अनुसरण भी इन्हीं का किया जाता है.
 
Mayank Saxena Harishankar Shahi से सहमत…मैं बिल्कुल खास नही हूं…और खिलाफ़ भी हूं खास हो जाने के…हां ये सच है कि केवल पेट पालने के लिए पत्रकार नहीं बना था क्योंकि उसके तो तमाम तरीके और भी हैं…
 
Srikant Saurav भूख किसी भी मनुष्य की नितांत ही मौलिक जरूरत है. और अपनी हिस्से व पेशे की ईमानदारी रखते हुए कोई पेट भरने के लिए थोड़ी-बहुत बेईमानी भी कर ले तो इसमें बुरा क्या है.
 
Harishankar Shahi Mayank भाई "मैं" ही तो बहुत खास होता है. इस खास के खिलाफ होना भी बहुत खास होता है….पेट पालने वालों को तो फिर भी क्षमा किया जा सकता है, लेकिन बहुत कुछ उड़ान पालने वाले ही अब इस पेशे की डोरी या लगाम थामे हैं…जो बड़ा अजीब है..पेट पालने वालों से ज्यादा अब स्वर्ण रथ पलने वालों को पालने का दौर बना दिया गया है.
 
Mayank Saxena श्रीकांत जी…देखिए अहम बात ये है कि तमाम ईमानदारी के रास्ते हैं जो आपका पेट भर देंगे…हां अगर आपकी आकांक्षाएं इससे आगे की हैं, तो आपका पेट कुछ भी नहीं भर सकता…Nature is sufficient for man's need…not for greed….
 
Mayank Saxena Harishankar Shahi भाई…एक आसान उपाय है…अगर हम अपनी आवश्यक्ताओं को सीमित कर लें तो उड़ान और बेईमानी दोनों से ही बच सकते हैं…और कोई रास्ता नहीं है…
 
Srikant Saurav यहाँ तो समाजसेवी का मुखौटा लगाये ऐसे-ऐसे स्टार एक्टिविस्ट हैं जो लोगों की सेवा करते-करते कब खुद की सेवा में लीं हो गए. उन्हें खुद ही पता नहीं चला.
 
Harishankar Shahi Mayank Saxena भाई "हम" तो सीमित वाले ही लोग हैं. लेकिन बात उस कमान की है जो बकैती करने वाले असीमित लोगों के हाथ में हैं.
 
Mayank Saxena सहमत…लेकिन कई ऐसे भी हैं जो आज भी ईमानदार हैं…आपको तय करने होंगे खुद अपने रास्ते…खुद अपने विकल्प चुनने होंगे…
 
Mayank Saxena Harishankar Shahi भाई थोड़ा रुकिए…उनका राज भी जाएगा…हर चीज़ खत्म होने के लिए ही बनी है…
 
Harishankar Shahi Mayank Saxena भाई जाने दीजिए जाता रहे उनका राज लेकिन जो उसके बाद आयेंगे वह कितने सही होंगे यह भी तो प्रश्न बनेगा. कुछ लोग क्रांति को भी फैशन मानकर दूसरे को कमतर बताते रहते हैं. अगर ऐसे लोग कमान पा गये तब जाने कैसी अवस्था होगी.
 
Mayank Saxena लेकिन सवाल ये है न कि आप बदलाव को रोक नहीं सकते…लड़ाई जारी रहे…जब जब आपको लगे कि निजाम गलत हाथ में है…
 
Srikant Saurav मयंक भाई,आज हम पूरी तरह उपभोक्तावादी दौर में जी रहे हैं. हमारे आस-पास ऐसा बाजारू माहौल पैदा कर दिया गया है जहाँ मूतने के भी पैसे लगते है. बेहद कठिन है खुद को बेईमानी से बचा पाना. क्योंकि हर बेईमानी की शुरूआत पेट भरने की जुगत से ही शुरू होती है.
 
Mayank Saxena कठिन तो है…पर आसान तो कुछ भी नहीं…कठिन भी कर के देखने में क्या हर्ज है…
 
Srikant Saurav हाँ इतने पर भी ईमानदारी बरक़रार रहे इसके लिए रोजाना की प्रैक्टिस करनी पड़ेगी.
 
Srikant Saurav मेरे गाँव के एक चाचा अक्सर एक कहावत कहते हैं 'घर में अन्न हो तो भुखना(उपवास) भी अच्छा लगता है.' इण्डिया गेट पर पहुँचने वाली भीड़ में अधिकांश इस 'खाए-पिए, अघाए' संस्कृति का हिस्सा है. वरना दिहाड़ी छोड़कर कितने मजदूर समाज सेवा के लिए आए हैं. इसकी भी जाँच कर ली जाए.
 
Harishankar Shahi निजाम सही हाथों में रहे इसके लिए हाथ तपे होने चाहिए. ठन्डे हाथों को हमेशा दस्ताने चाहिए होते हैं.
 
Neeraj Narwar sachche patrkar jinda to hai par nagny hai
 
Manoj Gautam aese patrakar bahut kam hain
 
Mohit Khan The best thing Mayank has that he is neither coward nor biased & says what he feels like….. he is just awesome when writing on anything…. keep it up bhai:-)
 
Myank Jogi love u myank ji hm aapke sath hai

सुनीता भास्कर अपुन तो लाईक कर सकता है न. गुरु???

Man Mohan Tripathi sahi hai guru, aap v mayank se kam nahi hao bhatt ji

Mayank Mishra mayank bhai ko mayank mishra ka saadar pranam……..||||| patrakarita ki alakh jagaye rakhiye…..

Gayatree Arya sahi kaha kam se kam aise logo ko samarthan to de hi sakte hain…….!

Ashish Awasthi Mayankwa rocks !!!

Wahid Naseem salaam

Mukhtiar Happy Singh balle !

Shashank Gupta mujhe naaj hai…

Mulchand Khichi mujhe garv hai

Vivek Tripathi जज्बे को सलाम ……………….See Translation

Javed Raju bahut khub

Kishor Verma Ohh ap mhan ho bhai

Ravi Babul जी…… सैल्यूट है मेरा…..

Keshav Bhatt nice……..


भड़ास4मीडिया के एडिटर यशवंत सिंह के फेसबुक वॉल से. यशवंत को फेसबुक पर www.facebook.com/yashwantbhadas और www.facebook.com/yashwant.bhadas4media के जरिए पकड़ा जा सकता है.

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