इस संवदेनहीन ‘इंडिया न्यूज’ चैनल को कब अकल आएगी (देखें तस्वीरें)

उत्तराखंड में राहत और बचाव कार्य में न्यूज चैनल वाले बाधा बनने लगे हैं. इन्हें हेलीकाप्टर से दौरा कराने, इनकी आवभगत करने, इनको वीडियो शूट कराने के लिए इनकी मदद और मिजाजपुर्सी के लिए राहत-बचाव में लगे कर्मियों को लगा दिया गया है. आपको अगर यकीन न हो तो नीचे दी गई तस्वीरें देखें. इंडिया न्यूज चैनल की जर्नलिस्ट शीतल राजपूत की मदद में एक एनडीआरएफ कर्मी जुटा है. वह माइक आईडी का वायर हाथ में पकड़े हुए है ताकि शीतल राजपूत ठीक से रिपोर्टिंग कर सकें.

यह एनडीआरएफ कर्मी इसी समय में आपदा में फंसे लोगों के लिए कुछ कर सकता था, लेकिन उसे फुल टाइम जाब दे दिया गया है इंडिया न्यूज चैनल की पत्रकार शीतल राजपूत की मदद करना. सोचिए, जब ऐसे संवेदनहीन न्यूज चैनल हों तो आप कैसे उम्मीद कर सकते हैं कि ये वृहत्तर मानवता के हित में भूमिका निभाएंगे. अभी कल ही एक चैनल के रिपोर्टर एक गरीब आदमी के कंधे पर बैठकर रिपोर्टिंग करते दिखे. ऐसे मुश्किल समय में मीडियाकर्मियों से अपेक्षा है कि वे राहत बचाव कार्य में लगे लोगों से कोई मदद न लें.

न्यूज चैनल वालों को अगर वाकई किसी मददगार की जरूरत हो तो वे अपने आफिस से असिस्टेंट बुलवा लें, लेकिन प्लीज, आपदा में फंसे लोगों के जान बचाने के काम में शामिल कर्मियों को बख्श दें. ज्ञात हो कि इंडिया न्यूज चैनल के प्रधान संपादक दीपक चौरसिया हैं और इसके मालिक कांग्रेसी नेता विनोद शर्मा के पुत्र कार्तिक शर्मा हैं.

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