इस स्टिंग के कारण आईपीएस नवनीत कुमार राणा पर गिरी गाज! (देखें वीडियो)

: भड़ास पर संपूर्ण स्टिंग : स्टिंग से हुआ खुलासा- सपा सरकार में राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त केसी पांडेय कराता है पशु तस्करी : केसी पांडेय ने अपने आदमी आशुतोष पांडेय के जरिए तत्कालीन एसपी गोंडा नवनीत कुमारा राणा के पास भिजवाई थी रिश्वत की रकम : नवनीत कुमार राणा ने खुफिया कैमरे से पूरी बातचीत कर ली रिकार्ड : दो राउंड की मीटिंग के दौरान पशु तस्कर आशुतोष पांडेय ने उगले कई राज : खुफिया कैमरे में कैद है उन पुलिस अफसरों के नाम जो पशु तस्करी के रैकेट में शामिल हैं : दो राउंड की बातचीत के सारे टेप भड़ास पर अपलोड कर दिया गया है : सबसे नीचे है वीडियो लिंक : उसके पहले जान लें पूरे प्रकरण का ओरछोर, जो इस प्रकार है

यूपी सरकार ने गोरखपुर के कृष्ण चंद (केसी) पाण्डेय को उत्तर प्रदेश गन्ना विकास संस्थान का उपाध्यक्ष बनाते हुए राज्यमंत्री का दर्जा दिया लेकिन ये पांडेय जी पशु तस्करों के रैकेट के प्रमुख खिलाड़ी निकले. ये पशु तस्करों की राह आसान करने के लिए सरकारी मशीनरी को भ्रष्ट बनाते हैं. इन पांडेय जी ने गोंडा के तत्कालीन पुलिस कप्तान नवनीत कुमार राणा को भी रिश्वत लेने के लिए तैयार करने का प्रयास किया और इस प्रक्रिया में पांडेय जी की करतूत एक स्टिंग आपरेशन के जरिए जग जाहिर हो गई. पांडेय जी के खिलाफ गोंडा में पशु तस्करी में साथ देने का मुकदमा दर्ज हो चुका है.

ये पांडेय जी उर्फ यूपी सरकार में राज्यमंत्री के दर्जा प्राप्त केसी पांडेय अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं. 30 दिसम्बर को एसपी गोंडा व केसी पांडेय की रिकार्ड बातचीत के अनुसार जब पुलिस ने पशु तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की तो पाण्डेय ने अपने कार्यकर्ता आशुतोष पांडेय के जरिए एसपी को एक लाख रुपये रिश्वत भिजवाई. कप्तान ने फोन पर पांडेय से जब यह कहा कि मैं तो पैसे नहीं लेता, आपसे किसने बताया कि मैं पैसे लेता हूं तो पांडेय का कहना था कि आप अपने आदमी हैं.

23 दिसंबर को तत्कालीन पुलिस अधीक्षक गोंडा नवनीत कुमार राणा के सीयूजी मोबाइल पर एक काल आई. काल करने वाले ने खुद को सपा संसदीय बोर्ड का मेंबर केसी पांडेय बताया. पांडेय ने एसपी से मिलने एक व्यक्ति को भेजने की बात कही. इसके बाद आशुतोष पाण्डेय नाम का व्यक्ति एसपी से मिला. आशुतोष ने एसपी से पशु तस्करी के लिए जाने वाले ट्रकों को न पकड़ने के एवज में घूस देने की पेशकश की.

29 की शाम आशुतोष पांडेय पुन: एसपी से मिलने आया. इसके बाद 30 दिसंबर को मीटिंग फिक्स हुई. इस दिन पूर्वाह्न 11 बजे आशुतोष पांडेय निवासी कांदला, शामली (पंचशील नगर) एसपी कैंप कार्यालय पहुंचा. उसने एसपी से केसी पांडेय की फोन पर बात कराई. इसके बाद एक लाख रुपये जेब से निकाल कर एसपी की मेज पर रख दिया और कहा कि हम 12 लाख रुपये महीना देंगे. जैसे ही उसने रुपये रखे सीओ सिटी पूर्णेदु सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट एके सिंह व पुलिसकर्मियों ने उसे दबोच लिया. उसके साथ आए इब्राहिम व फिरोज खां निवासीगण कांदला, शामली व वाहन चालक सगीर अहमद निवासी सादुल्लानगर जिला बलरामपुर भी गिरफ्तार कर लिए गए. पुलिस की जांच व पूछताछ के दौरान आशुतोष पशु तस्कर सरगना माजिद का एजेंट निकला. माजिद पर पांच हजार का इनाम घोषित है. इस तरह जांच के दायरे में केसी पांडेय भी आए और पशु तस्करी में षडयंत्र रचने के आरोपी हो गए.

गोकशी के लिए रिश्वत देने के आरोप में गिरफ्तार आशुतोष पांडेय ने बताया कि वह गोरक्षा समिति मुजफ्फरनगर का प्रमुख रह चुका है और इन दिनों माजिद के लिए काम करता है. गोण्डा, बस्ती, संत कबीर नगर, गोरखपुर और कुशीनगर जनपद की पुलिस को पैसा देकर गायों से लदे ट्रकों को पास कराने की जिम्मेदारी उसी की होती है. इनमें गोण्डा जिले के थाना कोतवाली नगर के तीन पुलिस कर्मी भी शामिल हैं. जामा तलाशी के दौरान उसके पास से एक पर्ची बरामद हुई है, जिसमें इन जिलों के विभिन्न थानों पर 20 लाख रुपए दिए जाने का ब्योरा दर्ज है. जिले से पश्चिम बंगाल तक गोवंश की तस्करी पुलिस को लाइन देकर की जाती है. इसका खुलासा गोवंश तस्करों से पूछताछ के दौरान हुआ.

पुलिस को आशुतोष से एक पर्चा बरामद हुआ है, जिसमें गोण्डा से बिहार की सीमा से लगे कुशीनगर जिले तक विभिन्न थानों पर लाइन लेने वाले पुलिस कर्मियों के नाम दर्ज हैं. पुलिस को गुमराह करने के लिए तस्कर कंटेनर (लम्बे वाहनों) का इस्तेमाल करते हैं. यह खुलासा गिरफ्तार पशु तस्करों से पूछताछ के दौरान हुआ है. बताया जाता है कि कंटेनर में पशुओं को लादने से पहले उसमें तीन-चार फिट ऊंचा बालू डाल कर पुआल डाला जाता है, जिससे पशुओं के मूत्रत्याग करने के बाद कंटेनर से रिसाव न हो सके. उन्हें इंजेक्शन देकर बेहोश किया जाता है, जिससे वे भूख प्यास से रंभा न सकें. इसके बाद कंटेनर को ठीक से ढका जाता है. सड़क पर चेकिंग के दौरान पुलिस को यह लगता है कि इसमें गाड़ियां जा रही हैं, जबकि उनमें पशु लदे होते हैं.

उत्तर प्रदेश सरकार ने गोंडा के पुलिस अधीक्षक नवनीत कुमार राणा का स्‍थानांतरण कर उन्हें मुख्यालय पुलिस महानिदेशक कार्यालय संबंद्ध कर दिया है. पशु तस्करी के मामले में सपा के एक नेता की संलिप्तता का स्टिंग आपरेशन सामने आने पर विवाद बढ़ने के बाद सरकार ने उन्हें वहां से हटाकर सीबीसीआईडी गोरखपुर के पुलिस अधीक्षक हरि नारायण सिंह को गोंडा का पुलिस अधीक्षक नियुक्त कर दिया है. उत्तर प्रदेश सरकार ने गन्ना शोध संस्थान के उपाध्यक्ष केसी पांडेय के पशु तस्करों के पक्ष में काम करने का मामला सामने आया था जिसमें राज्य सरकार की किरकिरी हुई और नवनीत कुमार राणा पर ही सरकार की गाज गिरी.

मामले के जांच अधिकारी पुलिस उपाधीक्षक सुखबीर सिंह राजधानी में केसी पांडेय को भी खोज रहे हैं. एसपी गोंडा को एक लाख रूपए घूस की पेशकश करने वाले आशुतोष पांडेय के साथ फेसबुक पर केसी पांडेय की फोटो पाए जाने के बाद यह पुष्ट हो गया है कि इन दोनों के बीच गहरे संबंध हैं, जिन्हें केसी पांडेय इनकार कर चुके हैं. डॉ केसी पांडेय की गिरफ्तारी की कोशिश की जा रही है. पशु तस्कर माजिद के खिलाफ उत्तर प्रदेश के कई जिलों में दर्जन भर से अधिक मुकदमे दर्ज बताए जा रहे हैं. माजिद के पास 18 टायर वाले करीब ढाई दर्जन ट्रक हैं, जिनका वह पशु तस्करी में उपयोग करता आया है.

गोवंश तस्कर मोहम्मद माजिद गिरोह के लोगों और उनके परिजनों की चल अचल संपत्तियों को गैंगस्टर एक्ट के तहत जब्त किए जाने की कार्रवाई की जा रही है, कोतवाली नगर की पुलिस उनके और परिजनों के नाम अर्जित संपत्तियों का लेखा जोखा जुटाने में जुट गई है. प्रभारी निरीक्षक सर्वदेव सिंह ने बताया कि जेल में बंद सात अभियुक्तों के विरूद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर एक्ट की धारा 14(1) के तहत परिसंपत्तियों को कुर्क किए जाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है. इन सबका विवरण संबंधित जिले के उप जिलाधिकारियों से मांगा गया है. राज्य के सभी संभागीय परिवहन अधिकारियों को पत्र लिख कर इनकी गाड़ियों का ब्योरा लिया गया है. जिला निबंधकों को पत्र लिख कर जमीन और मकान आदि के बैनामे के बारे में भी विस्तृत जानकारी मांगी गई है. इनके बैंक खातों का पता लगाने के लिए सभी बैंकों के प्रबंधकों को पत्र लिख गया है और उनसे इन खातों से लेनदेन को प्रतिबंधित करने का भी अनुरोध किया गया है.

केसी पांडेय के जेल में बंद आशुतोष पांडेय से कोई जान पहचान न होने संबंधी बयान जारी करने के बाद पुलिस ने दोनों के मोबाइल फोन से 25 से 30 दिसंबर 2012 के बीच करीब 150 बार बातचीत किए जाने की कॉल डिटेल में पुष्टि हुई है. इस पशु तस्करी गैंग का असर कई बड़ों पर पड़ रहा है.

एसपी गोंडा और अन्य पुलिस अफसरों के मनमाने तबादलों को सामाजिक कार्यकर्ता नूतन ठाकुर ने इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच में पीआईएल दायर कर चुनौती दी है. नूतन ठाकुर ने कहा है कि रिट याचिका 310/1996 (प्रकाश सिंह बनाम भारत सरकार) में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के क्रम में उत्तर प्रदेश सरकार ने 26 दिसंबर 2010 को शासनादेश जारी कर थानाध्यक्ष से ले कर फील्ड ड्यूटी में लगे सीओ, एडिशनल एसपी, एसपी, डीआजी और आईजी तक सभी अधिकारियों का न्यूनतम कार्यकाल दो वर्ष कर दिया था, कोई अधिकारी दो साल से पहले पांच कारणों से हटाया जा सकता है-विभागीय जांच, न्यायालय द्वारा सजा, भ्रष्टाचार के आरोप, अयोग्यता और व्यापक जनहित. ऐसे सभी मामलों में तबादले का स्पष्ट कारण लिखित रूप से अनिवार्यतः अंकित किया जाएगा. नूतन ठाकुर ने कहा है कि वर्तमान में इस शासनादेश का खुला उल्लंघन किया जा रहा है और राणा सहित तमाम मामलों में बिना कारण बताए मनमाने तबादले किये जा रहे हैं.

गोण्डा के तत्कालीन पुलिस कप्तान नवनीत कुमार राणा को रिश्वत देने की पेशकश करने वाले आशुतोष पाण्डेय ने खुद को उत्तर प्रदेश ब्राहमण युवजन सभा का सदर बताया. उसके पास से ब्राहमण युवजन सभा लिखे हुए लेटर पैड भी बरामद हुए जिन पर आशुतोष पाण्डेय सदर छपा हुआ था. आशुतोष पाण्डेय के साथ स्कार्पियो टैक्सी का ड्राइवर सगीर, मुजफ्फरनगर के कांदला का रहने वाला फिरोज खान और इब्राहीम नाम के तीन लोग भी पकड़े गए हैं.

गिरफ्तारी के बाद आशुतोष पाण्डेय ने पुलिस को जो कुछ बताया वह इंतहाई शर्मानाक है. उसने बताया कि जिबह करने के लिए वह गायों की काफी दिनों से स्मगलिंग कराता है. गायों से लदे उसके ट्रक बेरोकटोक निकलते रहे इसके लिए वह गोरखपुर, गोण्डा, सिद्धार्थनगर, कुशीनगर, बस्ती संतकबीरनगर समेत पूर्वी उत्तर प्रदेश के तकरीबन सभी जिलों की पुलिस को हर महीने एक मोटी रकम देता है. उसने बताया कि गोण्डा कोतवाली के सीनियर इंस्पेक्टर डीएन सिंह, सिपाही ड्राइवर मनोज सिंह और एक सिपाही औरंगजेब को भी पैसा देता रहा है. गोण्डा के पुलिस कप्तान ने जो तहकीकात की तो कोतवाली पुलिस के जरिए रिश्वत लेने का मामला सच पाया गया. पुलिस कप्तान ने सीनियर इंस्पेक्टर डीएन सिंह और दोनो सिपाहियों मनोज सिंह व औरंगजेब को मोअत्तल कर दिया.

गोण्डा के तत्कालीन पुलिस कप्तान नवनीत कुमार राणा को गायों की स्मगलिंग करने वाले आशुतोष पाण्डेय के जरिये रिश्वत पेश किए जाने की कहानी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है. पाण्डेय पहले तो तेइस दिसम्बर को नवनीत राणा से मिलने उनके दफ्तर पहुंचा था. पहली ही मुलाकात में उसने पुलिस कप्तान से यह पेशकश कर दी कि अगर गाय, बैल और बछड़ों से लदे उसके ट्रक जिले से बेरोक टोक गुजरने दिए जाएं तो वह हर महीने पुलिस कप्तान को दो लाख रूपए दे सकता है. उसने यह भी बताया कि पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों की पुलिस को वह हर महीने एक मोटी रकम देता है. उसकी बात सुनकर पुलिस कप्तान को गुस्सा भी आया और वह हैरत में भी पड़ गए. उस वक्त तो उन्होंने पाण्डेय को वापस कर दिया लेकिन इस वाकए की इत्तेला अपने सीनियर अफसरान को भी दी.

कप्तान ने अपने घर पर सीसीटीवी कैमरे लगवाए, उसके बाद रिश्वत की पेशकश करने वाले आशुतोष पाण्डेय को बुलाया. तीस दिसम्बर को आशुतोष एक लाख रूपए बतौर पेशगी देने के लिए पुलिस कप्तान के घर पहुंचा तो उसकी सारी हरकतें सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई. पुलिस कप्तान ने फौरन ही उसे पकड़वा लिया, उसके साथ स्कार्पियो में फिरोज खान और इब्राहीम के अलावा ड्राइवर सगीर भी था. उन तीनों को भी पुलिस कप्तान ने गिरफ्तार करवा दिया.

आशुतोष पाण्डेय ने गोण्डा के पुलिस कप्तान को बताया कि अपने ट्रक पास कराने के लिए हर महीने वह सर्किल अफसर को डेढ़ लाख रूपए, कोतवाल और स्टेशन अफसर को एक-एक लाख रूपए और चैकी की पुलिस को पचास हजार रूपए देता है और देा लाख रूपए महीना उन्हें यानी एसपी को भी देगा. अपने बयान के मुताबिक वह पूर्वी उत्तर प्रदेश की पुलिस को पन्द्रह लाख रूपए महीने से ज्यादा की रिश्वत देता है. सवाल यह है कि अगर गायों का कोई ब्राहमण स्मगलर पुलिस को ही रिश्वत की शक्ल में पन्द्रह लाख रूपए महीना रिश्वत देता है तो वह कितने बड़े पैमाने पर गाय बैल और बछड़े कटवाता होगा.

वैसे तो पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में कुछ जरायम पेशा किस्म के मुसलमान भी गाय जिबह करने का काम करते हैं. लेकिन उनकी मदद उन्हीं के जेहन ब्राहमण तबके के कुछ जरायम पेशा लोग भी करते हैं. गोण्डा के तत्कालीन पुलिस कप्तान नवनीत कुमार राणा ने गाय कटवाने की साजिश में शामिल ब्राहमण तबके के लोगों को बेनकाब करके ठीक वैसा ही काम किया है जैसा महाराष्ट्र एटीएस के चीफ शहीद हेमंद करकरे ने मालेगांव बम धमाकों के आरएसएस से जुड़े हिन्दुत्ववादी दहशतगर्दों के चेहरे बेनकाब करके किया था. अगर उस वक्त हेमंत करकरे ने अपनी ईमानदारी का सुबूत देते हुए हिन्दुत्ववादी दहशतगर्दों के चेहरे बेनकाब ना किए होते तो सिर्फ मुस्लिम नौजवानों के माथे पर लगा दहशतगर्दी का कलंक कभी ना मिट पाता. गोण्डा और पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में गौकुशी होती है, बड़ी तादाद में मुसलमान उसमें शामिल होते हैं यह सच है लेकिन यह भी एक तल्ख हकीकत है कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में गाय, बछड़े और बैल कटवाने के मकसद में गायों को एक से दूसरी जगह पहुंचाने का काम ब्राहमण तबके के कुछ जरायम पेशा लोग ही करते हैं.


नीचे की तस्वीरों पर क्लिक करें और पूरा स्टिंग आपरेशन देखें…


पार्ट (एक)


पार्ट (दो)


टाइम्स आफ इंडिया में प्रकाशित खबर…

UP IPS officer transferred for exposing minister's 'involvement' in cattle trafficking

Ashish Tripathi, TNN Feb 6, 2013

LUCKNOW: The Uttar Pradesh government has shunted out Gonda superintendent of police, Navneet Kumar Rana, who had conducted a sting operation which showed a senior Samajwadi Party leader offering bribe for releasing culprits caught for trafficking of cattle, including cow, for slaughter. After the matter came to light on February 2, the chief minister assured proper inquiry and action against traffickers but on Wednesday transferred the officer.

Newly appointed vice-chairman of UP Council of Sugarcane Research, KC Pandey, who is also SP's national secretary, enjoys the status of a minister of state as vice-chairman of the body. The Gonda superintendent of police, Navneet Kumar Rana, had alleged that the minister offered the bribe over phone. An FIR has been lodged in the case at City Kotwali of Gonda. But Pandey had described the charge as conspiracy against him.

On December 29, 2012, police seized a truck carrying 50 oxen in Khargapur, Gonda. Later, some people including one Ashutosh Pandey came to Rana and offered bribe for leaving the seized truck. Rana conducted a sting operation and recorded how traffickers offered him bribe. At the same time, Rana got a telephone call. The caller identified himself as KC Pandey and offered Rs 1 lakh bribe. The officer also recorded the conversation. Ashutosh was arrested.

On February 2, 2013, additional director general of police, law and order, Arun Kumar had said that the state government has taken the Gonda incident seriously and action is being taken against accused. On February 3, chief minister Akhilesh Yadav while replying to media queries had assured inquiry and action against culprits. However on Wednesday, instead of action against culprits, Rana was shunted out from Gonda and Pandey was given a clean chit.


प्रस्तुति-

यशवंत सिंह

एडिटर, भड़ास4मीडिया

संपर्क- yashwant@bhadas4media.com फोन: 09999330099

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