उत्तराखंड का नया मुख्यमंत्री क्या इन नौकरशाहों पर लगाम लगा पाएगा?

मुझे विजय बहुगुणा के मुख्यमंत्री पद से विदाई पर कोई हैरत नहीं है और ना ही किसी नये व्यक्ति के मुख्यमंत्री पद पर आने की खुशी, भले ही किसी के आने से पुरे फेसबुक पर भले ही उत्सव का माहोल हो जाए, मैं कुछ बातों को लेकर बहुत ज्यादा चिंतित हूँ और मेरा होना भी लाजिमी है? मेरी चिंता का कारण मुख्यमंत्री नहीं बल्कि मुख्यमंत्री से जबरन को अँधेरे में रखकर जनहित विरोधी काम करवाने वाले वे नौकरशाह हैं जिन्हें बदले बगैर इस राज्य का तकदीर नहीं बदलने वाली, भले ही मुख्यमंत्री कोई ही आ जाये, क्या फर्क पडता है, ये नौकरशाह यही सोचते है!

क्या नया मुख्यमंत्री पिछले दिनों अपने जनहित विरोधी कुकर्मो से काफी नाम कमा चुके नौकरशाह राकेश शर्मा का कुछ इलाज कर पायेंगे? क्या नये मुख्यमंत्री आम बाग जैसे कई अन्य जमीन घोटालों पर से पर्दा उठवा पायेंगे? क्या नये मुख्यमंत्री हरीशचन्द्र सेमवाल, सचिन कुर्बे, शैलेश बगौली, मीनाक्षी सुन्दरम, चंद्रेश यादव, निधीमणी त्रिपाठी, उमाकांत पंवार, ओमप्रकाश, बंसीधर तिवारी, एमएच खान, रामास्वामी जैसे नौकरशाहों पर लगाम लगा पाएंगे?

क्या नया मुख्यमंत्री डीजीपी की जमीन खरीद में किये गये हेर फेर को बेनकाब कर पायेंगे? क्या नये मुख्यमंत्री राज्य के सिड्कूल में रोज होते श्रम कानूनों के उल्लंघन को रोक पायेंगे? क्या राज्य के मुख्यमंत्री सत्ता में चल रहें पुत्र कल्चर खत्म कर पायेंगे? क्या नये मुख्यमंत्री सड़कों के निर्माण में हो रहें नित रोज के घपलों को रोक पायेंगे? क्या नये मुख्यमंत्री पुराने मुख्यमंत्री के द्वारा नदियों के किये गये निजीकरण के फैसले को पलट पायेंगे? क्या राज्य के नये मुख्यमंत्री राज्य के युवा बेरोजगारों में पनप रहें असंतोष को शांत कर पायंगे?

क्या नये मुख्यमंत्री राज्य के पर्यटन स्थलों पर हो रहें अवैध निर्माणों को रोक पायेंगे, ऐसे में तब जब उनके मन्त्रिमन्डल के सदस्य ही उसे करवा रहें हो? क्या नये मुख्यमंत्री राज्य की निरंतर कम होती कृषि भूमि को बचाने के लिए हिमाचल की तर्ज कोई कानून बनवा पायेंगे? क्या राज्य के नये मुख्यमंत्री राज्य में पहाडो में कृषि भूमि की चकबंदी करवा पायेंगे,जिससे कृषि को लाभप्रद बनाया जा सके?

क्या राज्य के मुख्यमंत्री राज्य की पटरी से उतरी चिकित्सा व्यवस्था को लाइन पर लाने हेतु पहाड़ में चिकित्सकों की नियुक्ति करवा पायेंगे? क्या राज्य के मुख्यमंत्री राज्य की पटरी से उतरी सरकारी शिक्षा व्यवस्था को लाइन पर लाने हेतु खाली पड़े स्कूलों में RTE के मानक अनुसार शिक्षकों की नियुक्ति करवा पायेंगे? क्या नये मुख्यमंत्री राज्य में थाने कोतवाली बिकने की परम्परा को रोक पायेंगे? क्या राज्य के नये मुख्यमंत्री नकारा और योग्य नौकरशाहों को चिन्हित कर उन्हें दण्डित और पुरस्कृत कर पायेंगे? क्या नये मुख्यमंत्री राज्य कई स्थायी राजधानी पर कोई निर्णय ले पायेंगे?

राज्य निर्माण के इन तेरह सालों ने इतने सवाल खड़े किये है, जिन्हें हल करना किसी मुख्यमंत्री के लिए आसान नहीं तो मुश्किल भी नहीं है ! बस जरुरत है तो एक दृढ इच्छा शक्ति की, एक कारण की, कि मुझे करना है, जो मुख्यमंत्री यह सोच लेगा, वह कर जायेगा, नहीं तो क्या फर्क पड़ता है कोई भी मुख्यमंत्री बने, जब पद है तो कोई ना कोई तो बनेगा, नीयत बदले बगैर राज्य की किस्मत भी बदलने वाली नहीं है, इतने सालो से देखते ही आये है, आगे भी देखेंगे….

चन्द्रशेखर करगेती के फेसबुक वॉल से.

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