उत्तराखंड में ढाई माह बाद भी नहीं मिला आपदा पीड़ितों को मुआवजा, प्रदर्शन

धारचूला : ढाई माह बीत जाने के बाद भी आपदा पीड़ितों के अभी तक मकान और मवेशियों के नुकसान का मुआवजा तक नहीं मिल पाया है। किसान महासभा के बैनर तले आपदा पीड़ितों ने आज तहसील कार्यालय पर ज्ञापनों के साथ प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि दो दिन के भीतर प्रशासन आपदा पीड़ितों के चैकों का वितरण करें। इसी के साथ फाइबर हट इण्टर कॉलेज के खेल मैदान और स्टेडियम में बनाने की मांग भी उठी। किसान महासभा के बैनर तले सोबला, तीजम, न्यू, खिम, कन्च्यौती, खेत, तवाघाट, ऐलागाड़ सहित दर्जनों गांवों के आपदा प्रभावित उपजिलाधिकारी कार्यालय के आगे जमा हुए। हाथों में ज्ञापन लेकर प्रदर्शन करते हुए भाकपा माले के जिला सचिव जगत मर्तोलिया ने कहा कि ढाई माह बीत गया है। अभी तक आपदा पीड़ितों को मकान और मवेशियों के नुकसान का मुआवजे का चैक तक नहीं दिया गया है। ढाई माह से आपदा पीड़ित तहसील का चक्कर काट रहे हैं। 
राजस्व निरीक्षक से लेकर उपजिलाधिकारी तक आपदा पीड़ितों को झूठे आश्वासन देकर रोज ठग रहे हैं। जिस कारण आपदा पीड़ित परेशान हो गये हैं। उन्होंने कहा कि चैक बांटने के साथ ही अभी तक छूटे हुए पीड़ितों को मौका देने की कार्यवाही शुरू होनी चाहिए। आपदा पीड़ितों से पूछे बगैर फाइबर हट बनाने के लिए जगह तलाशी जा रही है। राजकीय इण्टर कॉलेज धारचूला के शिविर में रहने वाले आपदा पीड़ितों ने आज सुबह बैठक कर यह तय किया है कि इण्टर कॉलेज के मैदान और स्टेडियम में ही फाइबर हट बनाये जायें। इसके अलावा और कोई स्थान उन्हें मंजूर नहीं होगा। प्रशासन पर आरोप लगाया गया कि वह आपदा पीड़ितों को पूछे बगैर भूमि चयन की कार्यवाही कर रही है। भाकपा माले के जिला सचिव ने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार और कांग्रेसी झूठ बोल कर आपदा पीड़ितों के जख्मों पर नमक छिड़क रहे हैं। इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। उपजिलाधिकारी को सौंपे गये ज्ञापन में चेतावनी दी है कि दो दिन के भीतर चैक नहीं कटे तो उग्र आन्दोलन शुरू कर दिया जायेगा। इस मौके पर आइसा के तहसील प्रभारी सुनील आगरी किसान संगठन के रमेश बिष्ट के अलावा निगरानी कमेटी के सदस्य त्रिलोक सिंह, राम सिंह, मदन सिंह, शान्ती देवी, मोहन सिंह, मंजू देवी, गोपाल सिंह, चन्द्र सिंह, खुशाल सिंह, मोहन सिंह, शेर सिंह, सुन्दर सिंह, दौलत सिंह, भूपेन्द्र सिंह सहित सैकड़ों आपदा पीड़ित मौजूद थे।

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