उदय प्रकाश के दिमाग का कीड़ा मर गया, उन्हें बधाई

Uday Prakash : आखिर 12-12-12 गुज़र गया। सारे अंकों का कुल जोड़ हुआ 9. और ….किसी ने बताया था कि '9' मेरा लकी किस्म का नंबर या अंक है। ….तो आज ही मेरा तीसरा एम् आई आर हुआ। मस्तिष्क का। पहला हुआ था जनवरी में, दूसरा मार्च में। मस्तिष्क के बाईं ओर एक सूजन थी, क्योंकि वहां एक 'वार्म' कहीं से दाखिल हो गया था। असह्य दर्द हुआ करता था। 

26 दिसंबर को पिछले साल आई सी यू में तीन दिन रहना पडा था। लगता था मेमोरी चली जायेगी। ….लेकिन कमाल …आज के एम् आर आई का रिज़ल्ट बिलकुल परफेक्ट। वो वार्म पूरी तरह 'डिजनरेट' कर चुका है। सर में दर्द तो है, लेकिन डाक्टर सतीश जैन (पद्मश्री) का कहना है, वह कुछ दिनों में गायब हो जाएगा। फिर मैं पहले की तरह लिख सकूंगा। बार-बार पेनकिलर नहीं कहानी पड़ेगी।  यानी 12-12-12 ने जाते जाते खुशियाँ दीं।  शुक्रिया जाने वाली तारीख। अब तो यह इस ज़िंदगी में दुबारा नहीं आयेगी। अलविदा।

Sushil Kumar इस वार्म का किस्सा भी अजीब है, शुद्ध शाकाहारी को सलाद, पत्ता-गोभी खाने से हो सकता है और माँसाहारी को माँस खाने से।

Joyshree Roy bahut badhaee! 9 mera bhi suna hai shubh ank hai.

Nazia Ansari Get well soon…  Hum sabki dua humesha apke sath rahegi.. aamin

Uday Prakash Sushil Kumar ji ..मैं तो ओमनीवोरस हूँ, सुशील जी। पता नहीं कहाँ से आ गया था। मुझे तो लगा कि कहीं 'मैंगोसिल ' तो नहीं हो गया ….! ज्यादा जानने से ऐसा हो जाता है! (दि मैन हू निउ तू मच)

Joyshree Roy thanks God! i dont know too much! haha

Sushil Kumar Uday Prakash मैंगो-मैन को आज-कल बच के ही रहना चाहिए। 

Uday Prakash Ignorance is a bliss. (haa…haa..) if you ask me, I always prefer it over knowledge….(sukhiyaa sab sansaar hai ….!)

Joyshree Roy is sar dard ke baad bhi?

Uma Shankar Choudhary aap jald swasth hon aur jald hi kuchh naya likhein yahi dua hai hum sab ki.

Hemant Jha dard to apna hota hai,par kaash baant leta to aaj ye khushiyan mujhe bhi naseeb hoti!

Uday Prakash एक लैटिन अमेरिकन कवि था , रोके दालतोन, पता नहीं कहाँ गायब हो गया या फिर गायब कर दिया गया ….उसकी एक कविता थी, सर दर्द तो सभी को कभी-कभी होता ही है , लेकिन मार्क्सिस्ट को तो सबसे अधिक होता है, वह कभी जाता ही नहीं ..मुश्किल बस ये है कि उसके सर दर्द को दूर करने में लिए सूरज जितनी बड़ी एस्पिरिन की गोली चाहिए …(हा …हा …)

Uma Shankar Choudhary bahut khoob… mere hisab se yah esprin ki goli hamara likhna hi hai

Joyshree Roy ab samjhi roz roz ye suraj kaun nigal jata tha…

Sushil Kumar Uday Prakash आप महान हैं, आपका दुःख भी कितनी कहानियों और कविताओं को पिरो कर रखता है।

Uday Prakash haa… haaa…. (abhi bhi dekhiye ..zaraa baahar nikal ke…(gaayab hai..)

Joyshree Roy ab gayab nahi hoga… ab aap swasth hain, uparwale ka shukriya!

Uday Prakash haan, lekin abhi 3 maheene kaa course aur hai….for final eradication..

Joyshree Roy oh God! tab to chaand bhi gaya…

Prachi Priya Aap jald hi swasth ho.n Sir…

Uday Prakash 'omnivorous' …maine pahle hi kahaa thaa …! veg and non-veg yaanee suraj aur chaand donon ko nigalane waalaa..

Joyshree Roy mera shak sahi nikla… yani suraj chaand nigalkar hi 'prakash' ka 'uday' hota hai!… tabhi sochoon itna ujala kaise bikherte hain!

Manoj Pandey dadaaap swsth rahe …. mast rahe …. aur apni lekhni me vyast rahe

Manoj Pandey ham ishwar se yahi kamna karte hain

Uday Prakash (ab kaheen koi mujhe 'Rahu-Ketu" na kahnaa shuroo kar de…! Hindi walon se badaa bhaybheet rahtaa hoon dosto..)

Uday Prakash Thanks…really..lekin ab to sab kiushal mangal hai….! bas 3 maheene aur …!

Joyshree Roy ap aur bhaybheet!

Uday Prakash 'dar' ….'himmat' ki poorva-shart (pre-condition) hai. jo daregaa naheen, vo ladegaa naheen….

Joyshree Roy dar ke aage jeet hai!…bilkul! isi tarah hmare liye likte rahiye. Eshwar apko swasth rakhen. shubkamnayen n g n.

Sushil Kumar Uday Prakash मेरे ख्याल से जॉयश्री राय जी वही हैं जिनकी कैंसर से लड़ाई का मार्मिक वर्णन मैंने 'वागार्थ' पत्रिका में पढ़ा है।

Joyshree Roy ji, sahi pahchana…

Sushil Kumar khoob bhalo

Uday Prakash aapke lie ye geet …..https://www.youtube.com/watch?v=0KqwZMNLCLw

Apne Liye JiyeTo Kya Jiye… Ultimately We leave Everything One day. So Live Life. A great song by the Legend Manna Dey.

Joyshree Roy thanks! abhar!

Amrit Upadhyay आपकी कलम हमेशा चलती रहे…12-12-12 तारीख को शुक्रिया

Devesh Tripathi बधाई सर…! ताउम्र स्वस्थ रहिए….!

Satish Madan kisika mansik-sharirik kasht bina duaa-salaam ke bhi ja raha ho, to bura bilkul nahin lagta….badhai..!

Mohan Manglam आप चिरायु हों और साहित्य संसार को अपनी अमूल्य रचनाओं से समृद्ध करते रहें

Ashutosh Partheshwar आप स्वस्थ रहें, और सक्रिय … मेरी शुभकामनाएँ…

Manish Solanki आपकी लंबी उम्र की दुआ करता हूँ…अभी आपकी बहुत ज़रूरत है हमको..

Raghu Rai Jogda बेशक आज से हजार साल बाद भी आप जीवित रहेँगे(जब इतिहास पुनः इस तारीख को दुहराएगा )… ठीक वैसे ही जैसे आज विद्यापति जीवित हैँ, कबीर, तुलसी, सूर और जायसी जीवित हैँ… आप सदैव स्वस्थ और रचनाशील रहेँ…

Manoj Kumar Dwivedi NARMADA PUTR KO MAA NARMADA SWASTH RAKHEN

Dheerendra Singh mujhe bahut khushi hai yah jankar ki aap swasth huye…

Sudhir Singh hamare samay ke is behad jaruri kathakar ka koi warm kuchh nahi bigaad sakta- shubhkaamnayen!!

Ajit Harshe उदय भाई, मुझे मालूम नहीं था आप इतने बीमार हैं कि साल भर में तीन तीन बार एमआरआई वगैरह कराना पड़ रहा है। खैर, यह जानकर राहत हुई कि अब आप स्वस्थ हैं और जल्द ही लिखना शुरू कर देंगे। अपना उपन्यास पूरा कर लीजिये जल्दी से। इसे आप टॉप प्रोयोरिटी दीजिये। आपके स्वास्थ्य के लिए और बेहतरीन लेखन के लिए दुआ कर रहा हूँ यह कहने कि औपचारिकता भी अजीब सी लग रही है मगर व्यवहार का तक़ाज़ा है। 

Rakesh Achal yh shubhsamachar hai,dijnret hone wala kitab ka to nhin thaa ye tay hai

Sandip Naik we are eagerly waiting for your writings and come back to Desk soon……………………..we all love you

Subhash Neerav आपके जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूँ।

Jeevesh Chaube दर्द से कहीं ज्यादा गंभीर था याददाश्त खोने का खतरा…खुशी है कि आप इस भीषण त्रासदी से उबर गए हैं… आप शीघ्र पूर्ण स्वस्थ हों , हम सभी की यही कामना है …

Prem Chand Gandhi आप चिंता ना कं, हमारी शुभकामनाएं आपको हमेशा स्‍वस्‍थ और ऊर्जावान बनाए रखेंगी।

धर्मेन्द्र कुमार सिंह वार्म का संक्रमण विश्व यात्रा के खतरों में से एक है। शीघ्र स्वस्थ हों, लाखों शुभकामनाएँ आपके साथ हैं।

Rupa Singh …oye luckky….luckky ..oye….

Durgaprasad Agrawal अपने अगणित पाठकों-प्रशंसकों (जिनमें मैं भी एक हूं) की शुभ कामनाएं आपको सदा स्वस्थ प्रसन्न रखेंगी.

Santosh Kr. Pandey कामना है कि आपके दिमाग में रचनात्मकता का वार्म (कीड़ा ) सदैव उत्पात मचाता रहे ! आप स्वस्थ और दीर्घायु हों !

Lalitya Lalit aap swasth rahe,me yah kamna karta hoon bhai.

Akshay Kr Rastogi aap sada swasthrahen..aisi shubhkamna hai

Vimal Chandra Pandey Apse zyada aapke chahne walon ke liye achhi khabar hai ye, sada swasth rahen !!!

Satish Jayswal prateekshaa rahegi ki tum jaldee hi bhale-change ho jao aur likhan shuroo karo. 12.12.12 ki ye kitnee acchee baat huyee ki ab tumhe pain-killer kee zaroorat nahee padegi ? tum ne pai ko kill kar diya…

Narendra Singh Arha ishwar aapko swastha aur dirghayu banaye ham sab sirohi wasi yahi kaamna karte he

Uday Prakash ओह! अभी-अभी सो कर उठा और आप सब दोस्तों के इतने सारे सन्देश, इतनी शुभकामनाएं देख कर सचमुच खुशी तो हुई लेकिन यह पछतावा भी हुआ कि क्यों आखिरकार मैंने आप सबको यह सूचना दे दी। जब इतने दिन तक नहीं बताया था, तो कुछ और खामोशी बरतनी थी। यह, फेस बुक भी अजब है। पहले का ज़माना या 'पूर्व-फेसबुक टाइम ' होता, तो चिट्ठियाँ लिखी जातीं, फोन होते, फिर किसी अस्पताल में चुपचाप दाखिला होता , एम् आर आई होता …और ठीक होता या न होता लेकिन सब कुछ इतना सार्वजनिक न होता। 

आज अभी सुबह यह देख कर मन में इतनी खुशी है कि जब इतने सारे दोस्त मेरी सेहत को लेकर फ़िक्र कर रहे हैं तो मतलब यह हुआ कि अपने आपको हाशिये का , निर्वासित , जलावतनी में भटकने वाला लेखक मानने वाला मैं भी कहीं 'मैटर' करता हूँ। वाह ! मेरे प्रिय साथियो …! 

लेकिन अब तो चिंता की कोई भी बात नहीं है। मैं पूरी तरह से 'फिट' और 'दुरुस्त' हूँ। हाँ 250 एम् जी एप्टाइन रोज़ लेनी पड़ रही है, हार्ट सीज़र को रोकने के लिए , जिसकी वजह से थोड़ी शिथिलता या उनींदापन रहता है। सर दर्द तो ज़रूर बरकरार है, लेकिन उसकी वजह कुछ और है। 

नया साल आने वाला है। उसके पहले क्रिसमस आयेगा। पिछले साल क्रिसमस के 4-5 दिन पहले ही केरल की 10 दिन की यात्रा से लौटा था। केरल हमेशा मुझे किसी चुम्बक की तरह खींचता रहा है। कई सालों से। पहले डाक्युमेंटरी की शूटिंग में जाया करता था। बहुत घूमा हूँ वहां। इस बार वहां वहां 'मोहन दास' का लोकार्पण था, मलयालम भाषा में। बहुत ही शानदार। एनएम सन्नी ने किया था। ..और 'सग्रंथन', जो तिरुअनंतपुरम (त्रिवेंद्रम ) से निकलने वाली हिन्दी की महत्वपूर्ण पत्रिका है , उसकी रजत जयन्ती थी, उसके समारोह में। लौट कर सुबह 7.30 पर यह पहला हादसा हुआ था। 26 दिसंबर की तारीख थी। बेहोश था तीन दिन। बाद में भी कुछ दिन किसी को पहचान नहीं पाता था। बच्चों और पत्नी तक को। लेकिन फिर सब कुछ औलिया के रहम ओ करम से, उनकी कृपा से ठीक हो गया। बिलकुल ठीक। डाक्टर पद्मश्री सतीश जैन हैं। उन्होंने ड्राइविंग मना किया था। अस्पताल से बहुत दूर न रहने की शर्त राखी थी। लेकिन मैं अमरकंटक गया, जहां से निकटतम अस्पताल 250-300 किलोमीटर दूर है। कार भी खूब चलाता रहा। प्रतिबंधों के बावजूद। असल में जो काम पर लगा हुआ आदमी है, चाहे उसे 'कलम का मजूर' ही कहें , उसके साथ ये मजबूरी भी हुआ करती है। इसके बाद कई विदेश यात्राएं कीं। डेढ़ महीने अमेरिका में गेस्ट स्कालर भी रहा। अंतर्राष्ट्रीय सेमिनारों में पेपर्स भी पढ़े। आस्ट्रेलिया और दक्स्किन अफ्रीक्ला भी गया। अभी ;पिछले हफ्ते ही जर्मनी से लौटा हूँ, 'भारत के दिन' नामक समारोह में मुख्य अतिथि बन कर। बर्फ की बारिश में पहाड़ों पर भी खूब घूमा। दोस्तों, अब मैं बिलकुल …बिलकुल ..एकदम परफेक्ट हूँ। बिलकुल स्वस्थ। 

थोड़ा-सा सिरदर्द बचा है, तो वह भी तीन महीने में चला जाएगा। कल का दिन मेरे लिए एक नयी आशा जगाता है। और मैं अंत में यह बी ही कहना चाहता हूँ कि मैं पूरी शान्ति और एकांत में सिर्फ शब्दों के साथ, औलिया की छाया में , आप सबके प्यार और साथ के साथ रहना चाहता हूँ। 

अच्छी बात यह है कि अभी भी मैं मेहनत कर सकता हूँ, बल्कि पहले से भी अधिक। स्मृतियाँ भी खूब सक्रिय हैं। पढ़ता बहुत हूँ। सामाजिक रूप से भी सक्रिय हूँ ….

आप सबका बहुत बहुत आभार ! मैं स्वस्थ हूँ। …हाँ, और अभी फिर मुझे अपने गाँव जाना है। इसी हफ्ते।

जाने-माने साहित्यकार उदय प्रकाश के फेसबुक वॉल से साभार.

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