उमाकांत मिश्रा, शरद त्रिपाठी समेत नफरत के सभी सौदागरों के खिलाफ मैं कठोर कार्रवाई की मांग करता हूं

सेवा में, सचिव, गृह मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली – ११०००१, विषय : सोशल मीडिया पर नफरत फैलाते धर्म के ठेकेदार, महाशय, मुज़फ़्फ़र नगर में दंगा भड़काने के लिए कुछ संकीर्ण मानसिकता वाले लोगों ने पाकिस्तान का वीडियो, सरिया की तस्वीरों और भारत के हिंदी और अंग्रेज़ी के अख़बारों की सुर्खियाँ/हेडलाइंस को 'फोटोशाप' की मदद से विकृत कर 'फेसबुक' के विभिन्न धार्मिक 'पेज' जैसे शंखनाद धर्म और राजनीति, एक ही विकल्प मोदी, हिंदुत्व इत्यादि जैसे पेज पर 'अपलोड' किया जा रहे हैं और लोग इसे शेयर कर रहे हैं जिससे ग़लत खबर का प्रचार हो रहा है.

इस तरह की गलत और बेबुनियाद खबर एक ख़ास धर्म एक ख़ास मक़सद के लिए कर रहा है जिससे नफरत की आग दूसरे शहरों में भी फ़ैल रही है और सेना को दंगा नियंत्रित करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इस तरह की ख़बरों से दूसरे धर्म, खास तौर से अल्फ्संख्यक वर्ग में खौफ़ का माहौल है और ऐसी गन्दी हरकतें शांति स्थापना के कार्य में बाधक बन रही हैं।

'फेसबुक' और 'ट्विटर' ऐसी नफरत भरी फर्जी ख़बरों से भरी हैं, सबका लिंक यहाँ देना या तस्वीर लगाना संभव नहीं है।  सीरिया की तस्वीर जिसे नफरत की आग भड़काने के लिए उपयोग किया गया।  बालठाकरे मामले में पुलिस २४ घंटे के अन्दर कमेंट करने वालों को गिरफ्तार कर लेती है (जबकि वो कमेंट आपत्तिजनक नहीं था)  पर अब साइबर पुलिस कहाँ हैं जो इन नफरत के सौदागरों के खिलाफ़ करवाई करना तो दूर केस तक दर्ज नहीं कर पाई है। मेरा सीधा सा सवाल है कि इस नफरत के खेल पे गृह मंत्री और गृह मंत्रालय क्या क़दम होगा? ऐसे नफरत परोसने वाले 'पेज' के 'एडमिन' पर क्या 'राष्ट्रीय सुरक्षा कानून' (रासुका) के तहत करवाई नहीं होनी चाहिए?

'यू- टयूब' पर से पाकिस्तान की वीडियो हटा ली गयी है परन्तु 'फेसबुक' पर वो वीडियो अभी तक 'शेयर' की जा रही है जो की शरद त्रिपाठी ने १ सितम्बर को शेयर किया था जिसने माहौल ख़राब करने में अहम् भूमिका निभाई है। उमाकांत मिश्रा की जहरीली 'पोस्ट' जो ७ सितम्बर को डाली गयी थी ने एक धर्म विशेष को अपमानित किया है और उत्तर प्रदेश के गृह मानती के खिलाफ अपमानजनक शब्द का उपयोग किया है।  उमाकांत मिश्रा, शरद त्रिपाठी और सभी नफरत के सौदागरों के खिलाफ मैं कठोर कार्रवाई की मांग करता हूँ।  गृह मंत्रालय द्वारा इस दिशा में उठाये गए क़दम और पत्र के उत्तर की प्रतीक्षा में।

सादर

आपका
नैय्यर इमाम
शोध छात्र
व्यावहारिक भू-विज्ञान विभाग
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान
रायपुर- ४९२०१०, छ.ग.
भारत

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