एक पत्रकार ने दूसरे पत्रकार की बाइक रोककर गरियाया

पिंकसिटी प्रेस क्‍लब, जयपुर के सदस्‍य रोशन शर्मा के साथ क्‍लब के ही एक दूसरे सदस्‍य की शिकायत अध्‍यक्ष एवं महासचिव से की है. रोशन ने अपनी शिकायत में कहा है कि प्रेस क्‍लब के एक अन्‍य सदस्‍य ने 12 मार्च को उनका वाहन रोककर उनसे बदतमीजी एवं गाली-ग्‍लौज किया. उन्‍होंने ट्रॉफिस पुलिस के अंदाज में उनके वाहन के कागजात भी मांगे. प्रेस क्‍लब का कार्ड दिखाने पर प्रेस क्‍लब के पदाधिकारियों को भी गाली दी.

नीचे रोशन द्वारा प्रेस क्‍लब के पदाधिकारियों को भेजा गया शिकायती पत्र.


सेवामें,

श्रीमान अध्यक्ष/महासचिव

पिंकसिटी प्रेस क्लब

जयपुर (राजस्थान)

विषयः-तथाकथित पत्रकार द्वारा किये गये अमर्यादित व्यवहार के सम्बन्ध में।

महोदय,

मैं रोशन शर्मा पिंकसिटी प्रेस क्लब का सदस्य हूँ पिछले कुछ सालों से विभिन्न संस्थानों से जुड़ा रहा हूँ। मान्यवर निवेदन है कि क्लब की सदस्यता ग्रहण कर कुछ तथाकथित पत्रकार इन दिनों धन उगाही करने पर आमदा हैं। इसके पीछे वो स्वयं को पत्रकार बताकर प्रेस क्लब की सदस्य कार्ड को भी लोगों के सामने पेश करते हैं, जिससे क्लब की साख पर बुरा प्रभाव पडे़गा। ताजा मामला 12 मार्च 2012 का है।

मैं सवेरे करीब 8 बजे मानसरोवर इलाके में स्थित मेरे निवास से किसी निजी कार्य के लिये निकला, महज कुछ कदमों की दूरी पर एक सज्जन मेरी बाइक के सामने आकर खडे़ हो गये, जिसके चलते मुझे रूकना पड़ा। रूकते ही उन सज्जन ने पुलिसिया अन्दाज में रोब दिखाना शुरू कर दिया। उन्होंने मेरी बाइक की चाबी निकालकर अपनी जेब में डाली और बाइक पर लिखे ‘‘प्रेस‘‘ के स्टिकर को लेकर सवाल दागने शुरू कर दिये। यहां तक की उन्होंने मुझसे हेलमेट न लगाने का कारण पूछते हुये गाड़ी का रजिस्ट्रेशन तक मांग डाला तथा गाड़ी लापरवाही से चलाने तक का आरोप लगा डाला।

इस पर मैंने उन महाशय से उनका परिचय मांगा तो उन्होंने अपना नाम शरद दाधीच बताते हुये पिंकसिटी प्रेस क्लब का सदस्य कार्ड दिखाने लगे। मैंने इस पर उनसे कहा कि इन सबके लिये ट्राफिक पुलिस अधिकृत है, आप नहीं, तो महाशय गाली-गलौज पर उतारू हो गये और कहने लगे कि तुम्हारी गाड़ी पर लगा प्रेस का स्टीकर फर्जी है क्योंकि तुम पत्रकार नहीं हो। उन्होंने मुझे धमकी देते हुये कहा कि मैं तुम्हारे खिलाफ फर्जी पत्रकार होने का मामला दर्ज करवाऊंगा। इस पर मैंने उन्हें मेरा परिचय देते हुये क्लब की सदस्यता का कार्ड भी दिखाया, परन्तु इस पर महाशय इतना उखड़ गये कि मेरे साथ-साथ क्लब के पदाधिकारियों पर आरोप लगाते हुये कहने लगे कि सिर्फ वोट हथियाने के लिये तुम लोगों को सदस्य बना डाला। आखिर में तंग आकर मैंने कुछ पत्रकारों को मौके पर बुलाने की बात की तो महाशय वहां से नौ दो ग्यारह हो गये।

मान्यवर इस घटनाक्रम से मुझे गहरा आघात लगा हैं क्योंकि माननीय शरद दाधीच जी करीब आधे घण्टे तक मुझे मेरे घर के निकट ही अपमानित करते रहे, जिसके चलते मैं उपहास का पात्र बना। आपसे निवेदन है कि इस पूरे घटनाक्रम को गम्भीरता से लेते हुये उचित कार्रवाई करें, जिससे भविष्य में किसी अन्य पत्रकार के साथ पुनरावृत्ति ना हो।

सधन्यवाद

भवदीय

रोशन शर्मा

सदस्य संख्या-784


 

 

 
 

 

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