एक वो नवाब साहब थे, एक ये नवाब साब हैं

Nadim S. Akhter : जो लोग ज्ञान झाड़ रहे हैं कि अरविंद केजरीवाल वाली आम आदमी पार्टी सरकार नहीं चला पाएगी, ये लोग डर गए हैं, सो सरकार नहीं बना रहे, अरविंद की सीमा यहीं तक है, आगे वे फेल हैं, वगैरह-वगैरह, वे अपने ज्ञान-बुक की तावीज बनाकर गले में डाल लें. जादू-टोना से बच जाएंगे.
 
तिलिस्म तो जनता ने तोड़ दिया है, आम आदमी पार्टी को अप्रत्याशित सीटें देकर. अपना मैनडेट देकर. वह भी घाघ राजनीतिक पार्टियों के लाख प्रोपेगंडा और घात के बावजूद. सब चारों खाने चित हैं. इसलिए हे विचार वीरों!! अपने ज्ञान का सामान खुद के पास रखो. फेसबुक पर मत बांटो. पोल खुल जाती है. समझा करो.
 
जिस दड़बे के आदमी हो, उसी में पड़े रहो. परिवर्तन तुम्हें कभी नहीं दिखेगा. तुम लोग उस नवाब से कम नहीं, जो रियासत-सत्ता गंवाने के बाद भी सिंहासन पर बैठा हुआ था. अंग्रेज भी हैरत में थे कि नवाब साहब, सब भाग गए. आप क्यों नहीं भागे??!!
 
नवाब साहब ने कहा- अरे, कमबख्त, जूता पहनाने वाली कनीज भाग गई, पैर में जूते नहीं हैं. क्या खाक भागते नंगे पांव!!!
 
नवाब साहब की बात सुनकर अंग्रेज अफसर भी एक-दूसरे का मुंह ताकने लगे और मन ही मन बोले. वाकई में ये आदमी असली नवाब है. नवाब हो तो ऐसा. ये हिंदुस्तान में ही हो सकता है.
 
तो इस देश की सत्ता के असली नवाबों, तुम यूं ही कुर्सी-संस्थान-फेसबुक पर बैठकर ज्ञान बघारते रहो. अपनी कनीजों को पुकारते रहो. जनता तुम्हें तुम्हारी असली जगह जल्द पहुंचाएगी. जय हो.
 
पत्रकार नदीम एस. अख्तर के फेसबुक वाल से

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *