एडीजी करेंगे गोरखपुर में पत्रकार धर्मवीर के उत्पीड़न की जांच

 

लखनऊ। विधान परिषद में शुक्रवार को सरकार ने अमर उजाला गोरखपुर के पत्रकार धर्मवीर की एसएसपी द्वारा पिटाई की जांच एडीजी स्तर के अधिकारी से कराने की घोषणा की है। कहा है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर एसएसपी पर कठोर कार्रवाई होगी। सभापति ने सरकार को मामले की जांच जल्द कराने और उसकी रिपोर्ट सदन में रखने का निर्देश दिया। वह कांग्रेस के दिनेश प्रताप सिंह और नसीब पठान की तरफ से दी गई इस सिलसिले में कार्यस्थगन सूचना का जवाब दे रहे थे। 
 
बता दें कि घटना के बाद पीड़ित पत्रकार ने कैंट थाने में एसएसपी के खिलाफ तहरीर दी थी और एसएसपी ने देर शाम अमर उजाला दफ्तर आकर पीड़ित पत्रकार से माफी भी मांगी थी। सत्तापक्ष के सदस्य देवेन्द्र प्रताप सिंह ने तो इस मामले में यहां तक कहा कि घटना उनके सामने की है। पत्रकार की दरिंदगी से पिटाई और एसएसपी का व्यवहार देखकर वह खुद ही कांप गए। उनकी भी एसएसपी को रोकने की हिम्मत नहीं हुई। कहा, ‘एसएसपी का व्यवहार गुंडों वाला था। सरकार की बदनामी कराने वाले ऐसे एसएसपी को तुरंत निलंबित कर उन पर मुकदमा दर्ज कराया जाए और उनकी गिरफ्तारी की जाए।’ उन्होंने कहा कि गोरखपुर के पत्रकार संगठन का एक पत्र भी उनके पास है। जिसे वह सभापति के माध्यम से सरकार को दे रहे हैं। इस पर कार्रवाई की जानी चाहिए। 
 
ध्रुवकुमार त्रिपाठी ने कहा कि एसएसपी के खिलाफ कार्रवाई होनी ही चाहिए। भाजपा के विनोद पाण्डेय ने कहा कि नेता सदन ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न होने देने का आश्वासन दे। एसएसपी पर तत्काल कार्रवाई की जाए। नेता सदन ने कहा कि घटना की रिपोर्ट आ गई है। पर, सदस्यों ने रिपोर्ट का यह कहते हुए विरोध किया कि यह रिपोर्ट तो उन्हीं पुलिस अधीक्षक की देखरेख में बनी है जो खुद दोषी हैं। नेता सदन ने कहा कि वह जांच करा देंगे तो भाजपा के यज्ञदत्त शर्मा ने कहा कि जब सदन के एक सदस्य देवेन्द्र प्रताप सिंह खुद घटना के चश्मदीद गवाह हैं तो जांच की कोई जरूरत नहीं है। नेता सदन ने कहा कि सरकार कार्रवाई करेगी लेकिन जांच जरूरी है। साभार : अमर उजाला  

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