एनबीटी ने लखनऊ में शुरू किया धुंआधार प्रचार, कई बड़े अखबार हिले

नबाबों की नगरी लखनऊ में अगले कुछ महीनों में जबर्दस्‍त अखबारी लड़ाई छिड़ने वाली है. इसकी शुरुआत हो चुकी है. अगले दो महीनों के भीतर टाइम्‍स समूह का अखबार नवभारत टाइम्‍स लखनऊ एडिशन के साथ यूपी में दुबारा अपने कदम रखने जा रहा है. इसके लिए धुंआधार प्रचार भी शुरू हो गया है. लखनऊ के चप्‍पे-चप्‍पे पर नवभारत टाइम्‍स के होर्डिंग नजर आने लगे हैं. नवभारत टाइम्‍स के आने की खबर के बाद से सारे अखबारों का प्रबंधन परेशान है, लेकिन दैनिक जागरण के होश सबसे ज्‍यादा उड़े हुए हैं.

इसके पीछे दो कारण बताए जा रहे हैं. पहला कारण यह माना जा रहा है कि नवभारत टाइम्‍स के आने से सबसे ज्‍यादा असर दैनिक जागरण के सर्कुलेशन पर ही पड़ेगा. दूसरा कारण कभी जागरण के पर्याय माने जाने वाले नदीम जैसे वरिष्‍ठ साथी के नवभारत टाइम्‍स के पाले में चले जाने के चलते है. नदीम ने दो दशक जागरण के साथ गुजारे हैं. उन्‍हें दैनिक जागरण के कार्य प्रणाली से लेकर स्‍ट्रेटजी तक का एबीसीडी पूरी तरह पता है, लिहाजा सबसे ज्‍यादा डर भी इसी अखबार के प्रबंधन को है.

नवभारत टाइम्‍स के आने के पहले ही लखनऊ के तमाम अखबार पाठकों को लुभाने के लिए कई ईनामी योजनाएं शुरू कर चुके हैं. हिंदुस्‍तान, राष्‍ट्रीय सहारा ने पाठकों के लिए ईनामी कूपन की शुरुआत की है. वहीं दैनिक जागरण ने चार पेज का जागरण सिटी लांच किया है. जागरण सिटी का प्रचार प्रसार भी जोर शोर से चल रहा है. लखनऊ में प्रबंधन ने जगह जगह जागरण सिटी के होर्डिंग लगवाने के साथ ही एफएम पर भी धुंआधार प्रचार करवा रहा है.

नवभारत टाइम्‍स लखनऊ में पूरी स्‍ट्रेटजी के साथ कदम रखने को तैयार है. संभावना जताई जा रही है कि यहां जमे जमाए अखबारों से कई लोगों को प्रबंधन अपने साथ जोड़ेगा. नवभारत टाइम्‍स ने लखनऊ के पाठकों के लिए पचास रुपये में ही पांच महीने का सब्‍सक्रिप्‍शन शुरू करने वाला है, लिहाजा अन्‍य अखबार प्रबंधन के माथे पर पसीना है. यानी नवभारत टाइम्‍स शुरुआत के पांच महीने पाठकों को दस रुपये महीने में अखबार उपलब्‍ध कराने की तैयारी कर रखा है. अब देखना है कि एनबीटी के कदम लखनऊ के किन किन जमे जमाए अखबारों को रौंदते हैं. 

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