कोलकाता। पश्चिम बंगाल के बैरकपुर में तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों और पार्टी समर्थित बदमाशों ने शुक्रवार को एबीपी न्यूज के एक पत्रकार को जिंदा जलाने की कोशिश की जबकि चार अन्य पत्रकारों पर हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। ये पत्रकार हत्या के बाद हुई हिंसा की घटना को कवर करने गए थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि तृणमूल कांग्रेस के दो गुटों के बीच हुए फसाद में एक व्यक्ति की हत्या हो गई थी। बैरकपुर के सिटी पुलिस प्रमुख संजय सिंह ने बताया कि इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
बैरकपुर सदर बाजार इलाके में गुरूवार को उस वक्त हिंसा शुरू हुई जब स्थानीय अपराधी जितूलाल हटी मृत मिला। बताया जाता है कि हटी स्थानीय तृणमूल नेता शिबू यादव का करीबी था। वह गैम्बलिंग अड्डा चला रहा था।
हटी की हत्या के बाद स्थानीय गुडों ने स्थानीय तृणमूल पार्षद रबिन भट्टाचार्य के दफ्तर और चैम्बर पर हमला किया। भट्टाचार्य पेशे से वकील हैं। वह स्थानीय बार एसोसिएशन के अध्यक्ष बनने वाले थे। बदमाशों ने भट्टाचार्य के दफ्तर में तोड़फोड़ की और फर्नीचर को आग के हवाले कर दिया। इसके बाद उन्होंने भट्टाचार्य के साले दुलाल करमाकर के घर पर हमला किया।
गुंडों ने करमाकर और उनके परिजनों की बुरी तरह पिटाई की। रबिन को शिबू यादव के कैम्प के विरोधी के रूप में जाना जाता है। शुक्रवार को कुछ पत्रकार घटनास्थल पर गए जहां रबिन भी मौजूद थे। एक समाचार चैनल से जुड़े अस्तिक चटर्जी ने बताया कि हम लूटे गए रबिन के दफ्तर की शूटिंग कर रहे थे,तभी देखा कि कुछ युवक हाथों में लोहे की रॉड,तृणमूल कांग्रेस का झंडा और लाठियां लिए हमारी ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने हमें घेर लिया। उकसावे की कार्रवाई के बगैर उन्होंने हमें गालियां देनी शुरू कर दी। हमें घटना स्थल से जाने के लिए कहा।
उन्होंने रबिन पर भी हमला करने की कोशिश की जो हमसे बात कर रहे थे। एक अन्य पत्रकार बरून सेनगुप्ता ने बताया कि हमने युवाओं की गैंग का विरोध किया। हमने उन्हें हमारे काम में दखल नहीं देने को कहा। इससे वे उग्र हो गए और उन्होंने लोहे की रॉड और लाठियों से हमला कर दिया। हम जान बचाने के लिए वहां से भागने लगे। बदमाशों की गैंग ने हमारा पीछा किया और अस्तिक को पकड़ लिया।
बकौल अस्तिक उन्होंने मुझे लोहे की रॉड और लाठियों से पीटा। एक बदमाश ने लोहे की रॉड मेरे सिर पर दे मारी। मेरे सिर से खून बहने लगा। मैं जमीन पर गिरा गया लेकिन बदमाश मुझे पीटते रहे। मैं बेहोश हो गया। इस बीच कुछ बदमाशों ने एबीपी न्यूज के बरून सेनगुप्ता को पकड़ लिया। वे उसे पास के ही एक घर में ले गए। उन्होंने बरून को एक कमरे में बंद कर दिया। इसके बाद बदमाशों ने बरून की पिटाई शुरू कर दी। एक बदमाश ने बरून पर पेट्रोल उड़ेल दिया। वे आग लगाने ही वाले थे तभी कुछ स्थानीय लोग वहां आ गए और उसे बचा लिया। (पत्रिका)