एमपी में अफसर ने पत्रकार को पीटा और थूक चटाया!

पत्रकारों के प्रति पुलिस वालों के अमानवीय व्यवहार की कहानियां आए दिन सुनने को मिल जाती हैं. गोरखपुर में अमर उजाला के पत्रकार धर्मवीर को वहां के एसएसपी आशुतोष ने सरेराह बुरी तरह पीटा. सबने देखा. फोटो भी खिंची. लोगों में क्षणिक उबाल भी आया. लेकिन कुछ नहीं हुआ. अमर उजाला प्रबंधन चूड़ियां पहनकर बैठ गया. बाकी पत्रकार नौकरी करने में जुट गए. पीड़ित पत्रकार ने अपना मोबाइल स्विच आफ कर लिया. लखनऊ में प्रशासन व मीडिया दोनों हलकों में चुप्पी छाई रही. मामला ठंडा पड़ता दिख रहा है.

ताजा प्रकरण मध्य प्रदेश का है. मध्य प्रदेश के एक एसडीओपी पर एक पत्रकार को पीटने व थूक चटाने का आरोप है. आरोप है कि अनूपपुर जिले के पत्रकार अरुण त्रिपाठी को एसडीओपी ने लाठी-डंडो से पीटा और थूक चटाया. यह सब इसलिए हुआ क्योंकि पत्रकार ने सवाल पूछ लिया था. उसने पत्रकार अरुण त्रिपठी के खिलाफ फर्जी मामला दर्ज कर लॅाकअप में डाल दिया. अरुण नगर सुरक्षा समिति के सदस्य भी हैं. अनूपपुर के कोतमा में कुछ रोज पहले नवविवाहिता सीमा चौहान की आत्महत्या के मामले की जांच चल रही है. इसी सिलसिले में एसडीओपी केएल बंजारे ने सीमा की मां को पूछताछ के लिए थाने बुलाया. उनके साथ उनका पड़ोसी और पेशे से पत्रकार अरुण त्रिपाठी भी थाने पहुंचे. उन्होंने सवाल पूछ लिया जो एसडीओपी को नागवार गुजरा. बस, इसी के बाद उनकी दुर्दशा कर दी गई. यह एसडीओपी अपनी कारगुजारियों के लिए निलंबित भी हो चुका है.

Related News- police utpidan

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *