एसएन विनोद और नवीन कुमार की नौकरी बची, इनके लाए कई लोगों की गई

जिया न्यूज से खबर है कि एसएन विनोद और उनके खासमखास नवीन कुमार की नौकरी तो बच गई है लेकिन उनके द्वारा लाए गए कई लोगों की नौकरी जा चुकी है. जिया न्यूज इन दिनों युद्द का अखाड़ा बन चुका है. धीरज नामक प्रबंधन के एक आदमी नोएडा आफिस में बैठकर अपने हिसाब से चैनल चलाते हैं. जेपी दीवान की अपनी टीम और स्टाइल है. ज्वाय सेबस्टियन के लोग भी इस चैनल में हैं.

अब एसएन विनोद और नवीन कुमार का ग्रुप चैनल में हावी होने की कोशिश कर रहा है. पर इन शुरुआती कोशिशों की प्रबंधन ने हवा तब निकाल दी जब इनके द्वारा लाए गए कई लोगों को बाहर का रास्ता दिखा दिया. खुद एसएन विनोद और नवीन कुमार को चैनल से निकाले जाने की चर्चाएं चैनल के भीतर जोरों पर थी. एसएन विनोद नागपुर गए और वहां से लौटकर आए तो पता चला कि वे लोग अब भी चैनल में यथावत कायम है.

उधर, जिया न्यूज प्रबंधन से जुड़े धीरज पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाने वाली महिला पत्रकार ने समुचित कार्रवाई न होने पर महिला आयोग और मानवाधिकार आयोग जाने की चेतावनी दी है. यह भी आरोप है कि प्रबंधन महिला पत्रकार को नौकरी से निकालने की तैयारी में जुटा है. वहीं कुछ पत्रकार काम कराकर अचानक नौकरी से निकाल दिए जाने को लेकर धरना प्रदर्शन की तैयारी कर रहे हैं. इनका कहना है कि प्रबंधन ने नोटिस दिए बगैर अचानक उन्हें आफिस आने से मना कर दिया जो श्रमिक कानूनों के खिलाफ है.

चर्चा है कि एसएन विनोद और नवीन कुमार की पारी जिया न्यूज में महीने दो महीने से ज्यादा की नहीं है. चैनल के मालिक जल्द से जल्द ज्यादा से ज्यादा निवेश कराने के फिराक में हैं. इसी उद्देश्य के तहत लोगों को लगातार चैनल के साथ जोड़ा जा रहा है. जिन दावों के जरिए लोग चैनल में आ रहे हैं, वो दावे पूरे नहीं कर पा रहे हैं तो उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया जा रहा है. कुछ बड़बोले लोग भी इसी तरह के कई दावों के आधार पर चैनल के हिस्से बने हैं. हालांकि उनका बड़बोलापन पिछले कई चैनलों में काम नहीं आया औ उन्हें एक एक कर छोटे बड़े कई चैनलों से बड़े बेआबरू होकर रुखसत होना पड़ा.

वहीं, चैनल को बेचने के लिए भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. चर्चा जोरों पर है कि चैनल का एक खरीदार मिल गया है और वो अगले महीने से अपनी टीम लेकर नोएडा आफिस में बैठना शुरू कर देगा. तब चैनल उसी के हिसाब से चलाया जाएगा. फिलहाल तो जितनी मुंह उतनी बातें हैं. किराए के लाइसेंस पर चल रहे जिया न्यूज के मालिकों को लेकर भी कई तरह की नकारात्मक खबरें आ रही हैं. देखते हैं जिया के जियरा को चैन कब मिलता है.

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