लखनऊ : विभूतिखंड एसओ पंकज कुमार सिंह पर अश्लील क्लीपिंग दिखाने का आरोप लगाने वाली महिला सिपाही ने इस्तीफा दे दिया है। डीआईजी रेंज और एसएसपी पर पूरे मामले को नजर अंदाज करने का आरोप लगाते हुए कहा कि मुझे इस गंदगी में नौकरी नहीं करनी है। महिला सिपाही के आरोप के बाद डीआईजी व एसएसपी ने चुप्पी साध ली है। वहीं आईजी (लॉ एंड आर्डर) ने उसे कार्रवाई का भरोसा दिया है।
महिला सिपाही ने फेसबुक प्रोफाइल पर एक पोस्ट डालकर एसओ विभूतिखंड पर अश्लीलता करने और जबरन उसका ट्रांसफर कराने की बात पोस्ट की थी। खबर मीडिया में जाने के बाद पुलिस महकमे में सनसनी फैल गई थी। महिला सिपाही ने एसएसपी को फैक्स से इस्तीफा भेज दिया है। सिपाही का आरोप है कि एसएसपी और डीआईजी इस मामले में आरोपी को सजा देने बजाय उसकी वकालत में जुटे हैं।
महिला सिपाही ने कहा कि मैंने तय कर लिया है कि मुझे इस गंदगी में नौकरी नहीं करनी है। इस के बाद डीआईजी रेंज व एसएसपी ने चुप्पी साध ली है। एएसपी ट्रांसगोमती हबीबुल हसन ने तो महिला कांस्टेबल के आरोपों को ही निराधार बताया है। उनका कहना है कि सिपाही ने डीआईजी और एसएसपी से शिकायत नहीं की। उसने अपनी शिकायत फेसबुक पर पोस्ट किया। जो महकमे में अनुशासनहीनता के दायरे में आता है। सिपाही का आरोप है कि विभूति खंड थाने में करप्शन व अश्लीलता चरम पर है।
उसने बताया कि एसएसपी ने एसएमएस को संज्ञान में लेकर क्राइम मीटिंग में एसओ को फटकार लगाई। मगर एसओ के माफी मांगने पर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। सूत्रों के मुताबिक एसओ विभूति खंड को बचाने के लिए एक आईपीएस अफसर ने पूरी ताकत झोंक दी है। उसने अफसरों पर कार्रवाई न करने का भी दबाव बना रखा है। बताया जा रहा है कि एसओ विभूति खंड दिन भर उन्हीं की चाकरी में लगे रहते हैं।
सूत्र के मुताबिक एसएसपी के पास एक महिला कांस्टेबल को भेजना उसी साजिश का हिस्सा है। मगर बाद में मामला तूल पकड़ने पर आईपीएस अफसर ने किनारा करना शुरू कर दिया है। आईजी लॉ एंड आर्डर अमरेंद्र सिंह सेंगर कहते हैं कि राजधानी के मामले आईजी (जोन) सुभाष चंद्रा, डीआईजी रेंज नवनीत सिकेरा देखते हैं। मामले की जानकारी हुई है लेकिन अभी तक मेरे पास कोई शिकायत लेकर नहीं आया है। यदि शिकायत मिलती है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
अमर उजाला में प्रकाशित अनिल त्रिपाठी की रिपोर्ट.





