एसीजेएम ने अभिनेता कमाल खान पर एफआईआर की याचिका खारिज की

एसीजेएम लखनऊ ने मेरे द्वारा फिल्म अभिनेता कमाल आर खान द्वारा राँझना फिल्म की रिव्यू में की टिप्पणी पर एफआईआर दर्ज कराने की याचिका को खारिज कर दिया. 20 जून 2013 को यूट्यूब पर लोड हुए इस वीडियो रिव्यू में खान ने कहा था- “सर, पता नहीं आप यूपी से हैं या नहीं, बट मैं यूपी से हूँ. पूरे यूपी में जैसा धनुष है, वैसे आपको भंगी मिलेंगे, चमार मिलेंगे बट एक भी इतना सड़ा हुआ पंडित आपको पूरे यूपी में कहीं नहीं मिलेगा.”
 
मैंने कमाल खान की इस टिप्पणी को सीधे सीधे जातिसूचक मानते हुए अनुसूचित जाति जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम में एफआईआर दर्ज हेतु प्रार्थनापत्र दिया था जिस पर एसीजेएम ने कहा कि इस अधिनियम में अपराध कारित होने के लिए यह आवश्यक है कि टिप्पणी ऐसी होनी चाहिए जो किसी व्यक्ति विशेष को क्षति पहुंचती हो, अतः उन्होंने इसे संज्ञेय अपराध नहीं मानते हुए खारिज कर दिया.  अदालत द्वारा कही बात ईश्वर की आवाज़ मानी जाती है लेकिन इस मामले में मैं अभी निर्णय को लेकर कुछ हतप्रभ हूँ और इसे उच्चतर न्यायिक फोरम पर चुनौती देने की सोच रहा हूँ.  आपके क्या विचार हैं?
 
अमिताभ ठाकुर
आईपीएस
लखनऊ

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