कन्या भ्रूण हत्या पर न्यूज़ एक्सप्रेस का स्टिंग ऑपरेशन- ‘असत्यमेव जयते’

न्यूज़ एक्सप्रेस ने एनसीआर में चल रहे कन्या भ्रूण हत्या के घिनौने खेल का पर्दाफाश किया है। चैनल के स्टिंग ऑपरेशन असत्ममेव जयते में कोख के बेरहम कातिलों के असली चेहरे बेनकाब हुए हैं। करीब एक महीने की मशक्कत के बाद न्यूज-एक्सप्रेस की टीम ने राजधानी दिल्ली में मौजूद इन कोख के कातिलों का पता लगाया। दलालों के ज़रिए न्यूज़ एक्सप्रेस के क्राइम एडिटर संजीव चौहान उन डॉक्टरों तक पहुंचे जो मरीज़ों की सेवा के नाम पर कोख में ही बच्चियों को मारने का धंधा चला रहे हैं।

न्यूज़ एक्सप्रेस को एक दलाल मिला – राजकुमार उपाध्याय उर्फ बॉवी उर्फ मिश्राजी – जिसके जरिए टीम उन खतरनाक चेहरों तक पहुंची जो चंद पैसों के लिए मां के गर्भ में पल रही बेटी के भ्रूण को मारने का सौदा करते हैं। राजकुमार के बाद उसका दोस्त सोनू मिला से मिले जो देश की राजधानी दिल्ली से सटे हाई टेक शहर गाजियाबाद में एक क्लिनिक में नौकरी करता है। लेकिन 'ऊपरी-कमाई' के लिए लिंग परीक्षण कराने के लिए शिकार खोजकर दलाल के हवाले करने का काम करता है।

इस ऑपरेशन से ठीक पहले की रात को हमने दलाल से फोन पर बात की और अगले दिन होने वाले ऑपरेशन को पुख्ता किया। फोन पर जो बातचीत हुई, उससे साफ था, कि दलाल घबरा तो रहा था, लेकिन वो पैसे के लालच में अंधा हो चुका था, और कमोबेश यही हाल उस डॉक्टर का भी था, जिसने कोख में खंजर घोंपने का ठेका लिया था। उस दलाल के अड्डे को खोज लिया जो आगे जाकर "असत्यमेव जयते" का सूत्रधार साबित हुआ। और वो था सोनू। सोनू को हमने पकड़ा गाजियाबाद के बृज विहार स्थित उसके अड्डे पर। सोनू ने हमें समझाया, कि वो खुद तो फिलहाल लिंग परीक्षण नहीं करा पायेगा, लेकिन उसका परिचित मिश्रा हमारा काम करा देगा। सिर्फ पांच हजार रुपए में।

उसके बाद हम इन दलालों के जरिए ऑपरेशन असत्मेव जयते के असली और सबसे खतरनाक चेहरे से मिले। वह चेहरा देखने में भले ही एक महिला लग रहा था, लेकिन उसके कारनामे ऐसे कि सुनकर मर्दों को पसीने छूट जाएं। खुद को डॉक्टर कहने वाली यह महिला ने अपना नाम डॉ एम डी अग्रवाल बताया, जिसकी योग्यता एमबीबीएस, डीजीओ है।

इस महिला डॉक्टर ने वैसे तो इंसान की जिंदगी बचाने की पढ़ाई की है, लेकिन उन मासूमों को मारने का ठेका लेती है, जिन्होंने मां के गर्भ से बाहर की दुनिया में आंख तक नहीं खोली है। कोख में कत्ल को डॉक्टरी की आड़ में धंधा बना चुकी यह कोई गांव की अशिक्षित महिला नहीं थी। उसने बताया, "मैं एडिश्नल डायरेक्टर रही हूं।" न्यूज़ एक्सप्रेस की पहल पर दिल्ली सरकार स्वास्थ्य मंत्रालय के अधीन कार्यरत परिवार कल्याण निदेशालय की टीम ने छापा मारा।  इस तरह ये पूरा गोरखधंधा सामने आया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *