कप्तान साहब का टिकट चिपकाकर चिट्ठी किसको लिखें?

अजमेर-जयपुर-कोटा और जोधपुर से प्रकाशित होने वाले राजस्थान के एक समय के प्रमुख हिन्दी दैनिक ''दैनिक नवज्योति'' ने अपने कर्मचारियों और पत्रकारों पर अपनी विरासत का बोझ डाल दिया है. अखबार के संस्थापक कप्तान दुर्गाप्रसाद चौधरी पर भारतीय डाक विभाग द्वारा निकाले गए डाक टिकट को खरीदने के लिए संस्थान के पत्रकारों और कर्मचारियों के अलावा अखबार ले जाने वाली टैक्सियों के ड्राइवरों तक को मजबूर किया जा रहा है.

कप्तान दुर्गाप्रसाद चौधरी पर जुलाई में डाक टिकट निकला था. सरकारी नियमानुसार नवज्योति प्रबंधन ने एक लाख डाक टिकट जिनका मूल्य पांच रूपए प्रत्येक था, खरीदे थे. कायदे से ये डाक टिकट संस्थान से जाने वाली डाक पर लगाए जाने चाहिए लेकिन प्रबंधन ने अपनी लागत की वसूली के लिए आसान तरीका चुना और इसी महीने से सभी कर्मचारियों और पत्रकारों की तनख्वाह से 200 से 300 रूपए तक काटकर उसकी एवज में डाक टिकट पकड़ा दिए. अब ये कर्मचारी असमंजस में हैं कि कप्तान साहब का टिकट चिपकाकर चिट्ठी किसको लिखें?कप्तान साहब का टिकट चिपकाकर चिट्ठी किसको लिखें?

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