चंडीगढ़ : कबड्डी पंजाब का पारंपरिक खेल है. इस प्रदेश में इस खेल के आगे बढ़ने की बहुत सम्भावनाएं हैं लेकिन यह इन दिनों खेल गलत कारणों से घिरा हुआ है. पहले तो इस खेल से जुड़े लोगों के अंतर्राष्ट्रीय सिंथेटिक ड्रग्स रैकेट में शामिल होने का आरोप लगा और अब इसमें धन की हेराफेरी (मनी लाउंडरिंग) की बात सामने आई है. केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने पंजाब सरकार ने बीते सालों में यहां आयोजित कबड्डी विश्व कप के आयोजन के सम्बंध में विस्तृत ब्यौरा मांगा है.
सीबीआई ने हाल ही में रिएलिटी कम्पनी-पर्ल्स ग्रुप के मालिकों और निदेशकों को 45 हजार करोड़ रुपये के कथित कृषि भूमि घोटाले में आरोपी बनाया है. अब सीबीआई ने विश्व कप कबड्डी के आयोजन को लेकर जांच का दायरा बढ़ाने का फैसला किया है. ऐसा आरोप है कि प्राइवेट स्पांसरों ने काले धन की मदद से इस टूर्नामेंट को आर्थिक मदद पहुंचाई है. पर्ल्स ग्रुप ने तीन साल तक इस आयोजन को प्रायोजित किया है. कबड्डी विश्व कप पंजाब के उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल के दिमाग की उपज है. सीबीआई अधिकारी पर्ल्स ग्रुप द्वारा मनी लाउंडरिंग की जांच कर रही है. अब वह इस बात का भी जांच करना चाहती है कि पर्ल्स ने कबड्डी विश्व कप के आयोजन पर कितने करोड़ रुपये खर्च किए हैं.
पर्ल्स ग्रुप ने कहा है कि उसने कबड्डी विश्व कप के आयोजन में 35 करोड़ रुपये खर्च किए हैं लेकिन पंजाब सरकार और आयोजन समिति के रिकार्ड से इतनी बड़ी रकम की जानकारी नहीं मिलती.
पर्ल्स ग्रुप, निर्मल सिंह भंगू का है, जो पंजाब के निवासी हैं. सीबीआई के एक सूत्र ने आईएएनएस से कहा, "सीबीआई ने पंजाब सरकार से बीते कई सालों में आयोजित कबड्डी विश्व कप के सभी संस्करणों में खर्च की गई राशि का ब्यौरा मांगा है. साथ ही साथ सरकार से पर्ल्स ग्रुप द्वारा खर्च की गई राशि का भी हिसाब मांगा गया है."
कबड्डी विश्व कप के बीते संस्करण का आयोजन दिसम्बर, 2013 में हुआ था और इसमें हिस्सा लेने वाली टीमों के बीच कुल छह करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि बांटी गई थी. इस टूर्नामेंट में 20 देशों की टीमों ने हिस्सा लिया था. पंजाब के कई शहरों में 15 दिनों तक चले इस आयोजन में पंजाब सरकार की विभिन्न एजेंसियों ने करोड़ों रुपये खर्च किए.
संबंधित खबर…
'पी7न्यूज' चैनल की कंपनियों पीएसीएल, पीजीएफ और पर्ल पर सीबीआई का छापा






