कमल सिंह को पलकों पर बिठाने वाले ही अब दे रहे गालियां

जादूगोड़ा : कमल जब खिला हुआ रहता है तो सब उसे पाने के लिए लालायित रहते हैं और जब वह मुरझा जाता है तो कोई उसे देखना भी पसंद नहीं करता है, कुछ ऐसा ही वाकया है जादूगोड़ा के महाठग चिटफंड किंग कमल सिंह का. हम बात कर रहे हैं आज से एक साल पहले जादूगोड़ा में कमल सिंह के राजशाही ठाट के. शादी विवाह हो या कोई भी बड़ा समारोह कमल सिंह ही मुख्य अतिथि रहते थे लोग कमल को बुलाना अपनी शान समझते थे. 
 
पिछले साल जादूगोड़ा के दुर्गा पूजा पंडालो में कमल सिंह मुख्य अतिथि के रूप में स्टेज में रहते था जबकि यूसिल के बड़े बड़े अधिकारी नीचे बैठकर उसे देखते रहते थे. कमल सिंह बीस लाख की टाटा आर्या में घूमते थे. उसके पास दर्ज़नो मंहंगी कारे थी. वो सबसे मंहगा मोबाइल इस्तेमाल करता था और हर दो-तीन महीने में मोबाइल बदलता था. लोग उसके एक नजर को दीदार रहते थे कि इतना बड़ा आदमी जादूगोड़ा में है.
 
अब कमल के लोगों का अरबों डुबोकर जादूगोड़ा से भाग जाने के बाद वहीं लोग जिन्होंने कमल को भगवान का दर्ज़ा दे रखा था, गालियां दे रहे हैं. कल तक अपने बेटे पर फक्र करने वाले कमल सिंह के पिता मुनमुन सिंह का कहना है कि मुझे मेरे बेटे की करनी का फल भोगना पड़ रहा है. लेकिन सच्चाई यह है की कमल के पिता ने सिर्फ कमल के पैसे देखे बल्कि कभी भी यह जानने की कोशिश नहीं किया की कमल कहां से पैसा ला रहा है. प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मुनमुन सिंह कमल के कारोबार में शामिल थे जिसकी सजा उनको एवं उनकी पत्नी राजमणी देवी को भुगतना पड़ रही है. 
 
कमल के पिता मुनमुन सिंह एवं उसकी मां राजमणी देवी की गिरफ्तारी उन अभिभावकों के लिए सबक है जो आँखे बंद करके बच्चो के गलत कामो में उनका साथ देते हैं.
 
कमल के भाग जाने के बाद अब लोग उसे गालियां दे रहे हैं लेकिन कमल के कंपनी में लाखों निवेश करते वक्त किसी ने एक बार भी नहीं सोचा कि आखिर वह इतना बड़ा रिटर्न कहां से दे रहा है.
 
एक पत्रकार द्वारा भेजे गये पत्र पर आधारित


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