कर्जदार गन्ना किसान को हवालात में बंद करने का आईपीएफ ने किया विरोध

गुन्नौर । ऑल इण्डिया पीपुल्स फ्रंट (आईपीएफ) ने गन्ना किसान राजेन्द्र सिंह यादव को कर्ज वसूली के लिए आज गिरफ्तार कर गुन्नौर तहसील हवालात में बंद किये जाने पर विरोध जताया व तहसीलदार गुन्नौर को ज्ञापन देकर तत्काल किसान को रिहा करने की मांग की. इस बाबत एक पत्र मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को भेज कर पार्टी ने प्रदेश में कर्जदार किसानों से तत्काल कर्ज वसूली बंद करने व किसानों का उत्पीडन रोकने की मांग की है.
 
गुन्नौर तहसील के गन्ना किसान राजेन्द्र सिंह यादव पुत्र जयराम पर ट्रैक्टर का कर्ज बकाया है. आज तहसील के कर्मचारी कर्ज न चुकाने पर उसको गिरफ्तार कर तहसील ले आये और हवालात में बंद कर दिया. इस घटना पर आईपीएफ पार्टी के कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया व तहसीलदार गुन्नौर को ज्ञापन देकर तत्काल किसान को रिहा करने की मांग की. पार्टी ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पत्र भेजकर किसानों का उत्पीड़न रोकने की अपील की.
 
आईपीएफ के प्रवक्ता अजीत सिंह यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार गन्ना किसानों के 3 हजार करोड़ रूपये बकाये का भुगतान साल भर बीत जाने पर भी अभी तक नहीं करा सकी है. डीएसएम सुगर मिल रजपुरा पर भी 30 करोड रूपये किसानों का बकाया है. सरकार ने मिल मालिकों के सामने समर्पण कर दिया है. चीनी मिल मालिकों को सरकार हजारों करोड रूपये की रियायत दे रही है और कर्ज में डूबे किसानों को हवालात में बंद किया जा रहा है. गन्ना बकाये का भुगतान न मिलने से किसान कर्ज में डूब गये हैं. किसान राजेन्द्र सिंह का मामला इसकी मिसाल है. उन्होंने कहा कि सपा सरकार ने अपने घोषणापत्र में कर्ज वसूली के लिए किसानों का उत्पीड़न न करने, किसानों के कर्ज माफ करने व जमीन बंधक रख कर्ज लेने वाले किसानों की जमीन नीलाम ना करने व उनका कर्ज माफ करने का वादा किया था लेकिन हकीकत में उल्टा हो रहा है. सरकार किसानों से किये वादे भूल गई है और किसानों को धोखा दिया जा रहा है.
 
उन्होंने कहा कि सरकार चीनी मिल मालिकों को हजारों करोड़ की रियायत देने की जगह किसानों को रियायत दे और किसानों के सभी कर्जे माफ किये जायें. उन्होंने कहा कि किसान को उसकी फसल की सही कीमत न मिलने से खेती घाटे में जा रही है और किसान कर्ज में डूबते जा रहे हैं. श्री यादव ने कहा कि  गन्ना संकट चीनी उद्योग के निजीकरण का परिणम है. सरकार निजीकरण की नीतियों को बदलेगी तभी किसानों की जिन्दगी बच सकती है. आज ज्ञापन देने वालों में आईपीएफ के जिला सचिव सुनील यादव, जगदीश, जवाहर समेत दर्जन भर कार्यकर्ता मौजूद रहे.
 
सुनील यादव
 
जिला सचिव आईपीएफ
 
प्रेस विज्ञप्ति

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