कवि और पत्रकार हरे प्रकाश उपाध्याय ने शुरू किया ”युग ज़माना”

लखनऊ से प्रकाशित हिंदी दैनिक डेली न्यूज एक्टिविस्ट से अभी हाल में ही फीचर एडिटर पद से इस्तीफा देने वाले कवि और पत्रकार हरे प्रकाश उपाध्याय ने नया प्रयोग शुरू किया है. उन्होंने युग जमाना नाम से इंटरनेट पर एक पत्रिका लांच की है. पूरा पता www.yugjamana.org है. कादंबिनी, दिल्ली से इस्तीफा देने के बाद हरे प्रकाश लखनऊ में जनसंदेश टाइम्स के साथ जुड़ गए थे. वहां जब हालात खराब होने लगे तो डीएनए, लखनऊ से जुड़ गए. यहां का भी माहौल जब रास नहीं आया तो उन्होंने नौकरी को बाय बोलकर अपने मन का काम शुरू किया है.

''बुराई के पक्ष में'' कविता से मशहूर हुए हरे प्रकाश जनपक्षधर पत्रकार हैं. उनका तेवर उनके नए प्रयोग में दिखने लगा है. ''युग ज़माना'' उन सभी के लिए पठनीय प्लेटफार्म बनेगा जो समाज और जनता के लिए संवेदना व सरोकार रखते हैं. इस ई-पत्रिका में नए प्रयोग के बारे में और इसके आर्थिक माडल के बारे में एक जगह विस्तार से लिखा गया है, इसी लिखावट से पत्रिका के अंदाज़ व आग़ाज़ को समझा जा सकता है…

युग-ज़माना – नये दौर की एक ज़रूरी पत्रिका

हम उन तमाम किस्सों को कहेंगे जिन्हें नहीं कहा गया है और उन किस्सों को कहेंगे जिन्हें बार-बार कहे जाने के बावजूद अनसुना कर दिया गया है। हम नई बातें करेंगे और पुरानी बातें भी करेंगे। हम उन सब बातों पर बातें करेंगे जिससे यह युग-ज़माना खराब होता जा रहा है। हम उन बातों को सामने लाने की कोशिश करेंगे जिससे यह युग-ज़माना बेहतर हो सके। यह युग-ज़माना आपका है, इसलिए जिम्मदारी भी आपकी है। यह मंच आपका है । आपके पास अगर हैं कुछ ऐसी बातें जो होनी चाहिए, तो आइए करते हैं उन बातों को यहां साझा..

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चूंकि यह फिलहाल पूरी तरह एक अनियोजित, असंगठित और विज्ञापन हीन प्रयास है और इस पत्रिका को चलाने में बेरोजगार युवकों की एक टीम लगी हुई है, अतः इस पत्रिका की सक्रियता बल्कि इसका जीवन अंशदान पर आधारित है। अंशदान इस मुहिम के समर्थकों की कुल मासिक आय का कुछ हिस्सा है या एकमुश्त दी गई सहयोग राशि है, जो जाहिर तौर पर अत्यंत सामान्य और लघु ही हो सकती है। हम स्थाई अंशदानकर्ताओं को खोजने का प्रयत्न करेंगे। अपने ऐसे सहयोगी-संरक्षकों का नाम भी सम्मान के साथ यहां दे सकते हैं, अगर वे चाहें। ध्यान रखें कि हम निःस्वार्थ सहयोग ही स्वीकारते हैं। हम इसके लिए आपके किसी हित साधन का माध्यम नहीं बनेंगे। यदि आपको लगता है कि आपको हमारी मदद करनी चाहिए, तो निम्न सूत्रों पर सम्पर्क करें-

यह है पता…

ईमेल:

hpupadhyay@yugjamana.org

मोबाइल:

08756219902

युग ज़माना पर जाने के लिए ई-पत्रिका की उपरोक्त तस्वीर पर क्लिक कर दें.


हरे प्रकाश के उपन्यास ''बिआह की पढ़ाई'' के कुछ अंश पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें- बिआह की पढ़ाई

हरे प्रकाश की बुराई के पक्ष में कविता पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें- बुराई के पक्ष में

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