लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार अजय कुमार ने जीवन व पत्रकारिता के हर रंग देखे हैं. भावुक, सरल और सहज किस्म के इंसान अजय कुमार एक जमाने में माया पत्रिका के पर्याय हुआ करते थे. ब्यूरो के चीफ रूप में उन्होंने लंबी पारी माया मैग्जीन के साथ खेली. करियर की शुरुआत उन्होंने स्वतंत्र भारत अखबार से की थी. इन दिनों चौथी दुनिया के लिए काम कर रहे हैं.
भड़ास4मीडिया के संपादक यशवंत सिंह जब पिछले दिनों लखनऊ गए तो उन्होंने अजय कुमार से मुलाकात की और दो किश्तों में उनका वीडियो इंटरव्यू किया. इस पूरे इंटरव्यू के दौरान अजय कुमार की आंखों से आंसू भी छलके, पत्रकारिता में अपने उत्पीड़न की दास्तां भी बयां की. मीडिया में जातिवाद के बारे में खुलासा किया. पत्रकारिता में आ गए गैर-पत्रकारीय लोगों के बारे में बताया.
विवादों में न पड़ने वाले अजय कुमार ने कई ऐसी तल्ख सच्चाइयों का बयान किया जिससे समझ में आता है कि ये बदला हुआ दौर अपने साथ बहुत सारी बुराइयों को लेकर आया है. इंटरव्यू के पहले पार्ट को आप इस तस्वीर या नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके सुन सकते हैं…






