”काटजू कांग्रेसी हैं, ये तो पता था लेकिन अन्‍याय करने में माहिर हैं, यह अब पता चला”

Om Thanvi : कल रात एनडीटीवी-इंडिया पर जस्टिस काटजू से न चाहते हुए भी उलझना पड़ा। वे बोले कि सलमान के ट्रस्ट और टीवी टुडे की जांच एक साथ हो; एनबीए को उन्होंने इस बाबत लिखा भी है। ग़ौर कीजिए, यही सलमान खुर्शीद की मांग थी। दरअसल, जालसाज़ी और सरकारी अनुदान से मिले धन को धोखाधड़ी से हड़पने आदि के संगीन आरोप (तमाम सरकारी दस्तावेज़ों और इंटरव्यू आदि के आधार पर) ट्रस्ट पर हैं, चैनल पर नहीं। चैनल द्वारा उछाले गए आरोप झूठे निकलें, तब टीवी टुडे पर जांच की बात बनती है। जानकारी देने वाले को ही धर दबोचेंगे तो निडर मीडिया कैसे पनपेगा?

हमारे यहाँ सड़क पर संगीन अपराध देखने वाला भी इसकी जानकारी पुलिस को देने से कतराता है, क्योंकि (सच्चा) भय रहता है कि खुद ही उलझ जाएगा। वह हाल मीडिया का मत कीजिए। मीडिया ने बड़े-बड़े कांडों का भंडाफोड़ किया है। नेता इसलिए ज़्यादा खफ़ा हैं। यह सही है कि ग़ैर-ज़िम्मेवार पत्रकारिता भी बहुत होती है, पर इस बहाने सारे के सारे मीडिया की साख पर अंगुली उठाना लोकतंत्र के लिए अच्छा नहीं। वरना वह सचमुच लिजलिजा (बनाना) लोकतंत्र ही होकर रह जाएगा। ऐसी घड़ी में एकजुट रहने की जगह मीडिया व्यापारिक प्रतिस्पर्धा आदि के कारण बंटा हुआ है (सलमान की प्रेस कांफ्रेंस याद कीजिए), तो यह भी दुखद है।

Anurag Arya काटजू साहब सन्दर्भ को किसी ओर एंगल से ले गए थे .

Satyendra Pratap Singh विश्वास नहीं होता कि सलमान खुर्शीद १० लाख रुपये के लिए ऐसा कर सकते हैं, इसलिए संदेह तो होता ही है.
 
Harishankar Shahi उस बहस में अभय कुमार दुबे के तर्क से सहमत हूँ कि काटजू साहब को सरकार ने अध्यक्ष बनाया है तो कभी पत्रकारों के लिए उन्होंने कुछ नहीं किया. काटजू साहब की छवि हमें तो कभी प्रेस फ्रेंडली नहीं लगती है.
 
Aradhana Chaturvedi जी, कल के कार्यक्रम में मुझे आपका और अभय जी का स्टैंड सही लगा था. इस मुद्दे पर मीडिया पर जाँच तभी होनी चाहिए, जब उसके द्वारा लगाए गए आरोप गलत साबित हों.
 
Vartika Nanda पीड़ित थाने में जाए तो अपराधी की जांच हो न हो, पीड़ित पर जांच कमेटी बिठा दी जाए। ऐसा अक्सर होता है। यहां आमने-सामने दो बड़ी ताकते हैं। जहां अपराध करने वाला बडे आकार का हो( जो कि आम तौर पर होता ही है) , तब क्या होता होगा, जरा कल्पना कीजिए………
 
Manoj Singh there can not be absolute freedom to anybody ….its high time media should have check and balance of its own ..they are also losing the credibility with equal speed
 
Abhay Tiwari आपने और अभय कुमार दुबे जी ने उन्हे अच्छा जवाब दिया..
 
Satyendra Pratap Singh कई लोगों से बात हुई, यही कहते हैं कि लग्गू भग्गू, चेला चपाटी ही एनजीओ चलाते होंगे, थोडा बहुत उन्ही ने इधर उधर किया होगा… सारे मसलों को छोड़कर इस १० लाख रुपये के मसले को अंतर्राष्ट्रीय मसला बनाया जाना संदेह पैदा करता है, लेकिन वो बेचारे समझ नहीं पाए कि विकलांगता का दौर ही है, इसमें कोई इंटेंशन नहीं
 
Mithilesh Shrivastava इस देश का दुर्भाग्य यही है कि अपराधी को बचाने की कोशिश शुरू हो जाती है। यह व्यवस्था रशुख वालों के साथ बेख़ौफ़ चलने लगाती है।
 
Anirudh Umat IAS …IPS …Judge ….NETA ….marene tk apni post me rahte h..jaise Raja or Badsaha rahte the …Katju …Salman me vinmrta or sahansheelta nahi h.
 
Anurag Arya सवाल सिर्फ पत्रकारिता के पक्ष का नहीं है सवाल सही ओर गलत का है.यदि खुर्शीद साहब का ट्रस्ट में कोई गड़बड़ी नहीं निकलती है तब आप इंडिया टू दे ग्रुप पर प्रशन उठा सकते है .पर जहाँ तक मेरी जानकारी है इंडिया टुडे ग्रुप ने खुर्शीद को एक महीने का वक़्त दिया था पर ये भी सच है खुर्शीद का रवैय्या एक बड़ा ही अहंकारी रहा जो कम से कम कानून मंत्री के पद पर बैठे किसी व्यक्ति के आचरण के अनुरूप नहीं था .
 
Harishankar Shahi लोग बहुत परेशान थे कि प्रदेश में बड़े मंत्री हैं और उनके जिले बड़े बम बम हैं. ऐसे में जिन जिलों को टीआरपी के मानक पर खारिज किया जाता रहा है. उन पर इतनी मीडिया बारिश वाह भाई. लगता है मीडिया मानसून आ गया.
 
Om Thanvi Satyendra Pratap Singh किया ट्रस्ट में किसी/किन्हीं और ने होगा, पर वे तो सारे तथ्य नकार कर बात अपने ऊपर ख़ुद ही ले गए हैं!
 
Awesh Tiwari आप काटजू से तो लड़ लेंगे ,उन चैनलों या अखबारों से कैसे लड़ेंगे जो सलमान की पीसी के बाद, आज तक -इंडिया टुडे ग्रुप पर ऐसे हमला बोल रहे हैं ,जैसे सलमान ने दूध का दूध और पानी का पानी कर दिया और जो भी खबर थी वो प्लांड थी |दरअसल काटजू की आवाज का दम भी उन्ही चैनलों की वजह से है |
 
Satyendra Pratap Singh हाँ, ये थोडा आश्चर्यजनक है कि कांग्रेस वाले एफडीआई, कोल, स्पेक्ट्रम पर उतनी प्रतिक्रिया नहीं देते, जितनी ट्रस्ट/वाड्रा/लोकपाल पर देते हैं!
 
Ankit Mutreja मुझे लगता हैं सर मीडिया को झांच की बात आते ही तो एकजुट रहना चाहिए इस केस के संदर्भ में जहां सारे दस्तावेज ट्रस्ट के खिलाफ़ जा रहें हैं.जिस खोजी पत्रकारिता की हम बात करते हैं.. जिसकी याद में आंसू बहाने की बाते करते हैं,नाक सिकोड़ते हैं.वो कोई कर रहा हैं तो उनसे मूंह नही फेरा जा सकतना ना.पर अहम सवाल यह भी हैं की जिस हिसाब से कई दिनो से पूरा मामला चल रहा हैं क्या वो जाय्ज हैं.मसलन आजतक के पत्रकारों ने बेहतरीन काम किया इसमे कोई शक नही लेकिन प्रेस वार्ता के समय उन का भी लहजा उकसाने वाला था.और उसके बाद पूरा मामला ट्रस्ट की घपला फेरी ना रहकर जिस हिसाब से चैनल बनाम खुर्शीद बन गया.वो कहां तक ठीक हैं.
 
Satyendra Pratap Singh अभी एक बात और समझ में नहीं आ रही कि केजरीवाल जी असान्जे बनने की तयारी में हैं कि नेता!
 
Chandan Pandey Om Thanvi : आपने बोला बहुत अच्छा. दरअसल बहुत दिनों बाद कोई डिबेट देख गया तो आपके तर्कों की वजह से. खाली शाम मिली तो उधर टाईम्स नॉऊ देख रहा था, माँ कसम, अर्नब से तो कोई बातचीत सम्भव ही नहीं है. वो किसी को भी किसी एक शब्द पर पकड़ फँसा सकता है कुछ इस तरह कि 'फेस वैल्यु' जैसा शब्द भी शर्मिन्दा हो जाए कि आखिर उसका आविष्कार क्यों हुआ ? वो अपने आगे किसी की सुनता ही नहीं है.
 
Ravindra Bharti inlogon yaad bhi nahi rahta ki unhone kab kya bola hai
 
Yadav Shambhu aapne puri debate mein bahut hee santulit dang se apni baat rakhee…jo bahut hee aavshayak thee… dube jee ne kataju sahaab par achhhi maar maari …truston ke naam par na jaane kitna janta kaa paisa kuchh vyaktiyon kee jeb mein jaa rahaa hai …aur naatyon ke dusron kaamon mein kaam aa rahaa hai …
 
Harishankar Shahi फर्रुखाबाद, मैनपुरी बुलंदशहर भी धन्य हो गए टीआरपी में जगह जो मिल गई. नाही तो कुछों हो जाए लोकल है खारिज है.
 
Izhar Ahmad lijlija aur pilpila ….. our system is started to collapse .. Congress Pagla gaye hi aur Opposition hai nahi … Media kabhi Problem ki root tak nahi jaati aur na hi make up karke baithe huye TV ke Intellectual Actors …..
 
Shailendra Tiwari apne wahi kiya…jo sahi tha…i m agree with u
 
Kumar Ranjeet काटजू महोदय जब भी बोलते हैं तो लगता है उपदेश दे रहे हो ….. वैसे कल मिडिया को जिस "अति" से बचने की सलाह वे दे रहे थे उसके शिकार वह खुद लग रहे थे ……!!
 
Nityanand Gayen हद हो गई ….
 
Yogiraj Yadav aapke vicharon se SAHAMAT.
sir mai yah dekhna chaahata hun yadi aap link de saken to …
 
Shiv Naresh Pandey जी बड़े ओहदे पर क़ाबलियत से ही नहीं केबल, रसूल दरों के संबंधो से मिलते है, तो उन्हें उसका साथ तो देना था, मैंने नाम बहुत सुना था काटजू जी न्यूज़ पर देख कर सर्मिंदगी महसूस हुई .ये कैसा न्याय कैसे न्याय पालिका, न्हाग्वान से बिनती है इन सब को, साद भुड्डी दे और इन्सनिअत /मनुष्यता के लिए कम किया जाये
 
Ashish Maharishi आज तक की विश्‍वसनीयता खतरे में है। जब जी न्‍यूज जिंदल से उगाही करने के लिए अपने संपादकों को लगा सकता है तो फिर आज तक क्‍यों नहीं।
 
Abhinav Bhatt सर…जस्टिस काटजू को मैंने भी सुना.. वो भी कुछ उसी तरह से आपा खोने लेगे थे जैसे सलमान खुर्शीद… असल में वो उन लोगों की तरह बोल रहे थे जो ये मानते हैं कि अगर आतंकवाद है तो वो सिर्फ एक ही कौम की वजह से है… और उस कौम के खिलाफ ही जंग छेड़ दो। दुखद बात है ये। मुझे नहीं लगता कि अब ये मुद्दा सच साबित करने के लिए है…. सलमान खुर्शीद के लिए तो बिलकुल भी नहीं… इस्तीफ़ वो देंगे नहीं क्योंकि उन्हें लगेगा कि ऐसा करने से केजरीवाल से लेकर "आज तक" तक की जीत होगी। वो तो सिर्फ अपने अहंकार के लिए लड़ रहे है।
 
Rameshkumar Vyas I personally feel that people`s ego has increased so much that they are not prepared to accept any wrong doings and are arrogant. Politicians are heading the list and KEJRIWAL is trying to highlight that.Nexus between bureacracy and politicians needs to be broken and some mighty must go to jail then only things will start changing. We salute media specially TIMES NOW and AAJ TAK for their commandable work.
 
Satish Pancham काटजू जी मीडिया के लिये लड़े जरूर हैं लेकिन उनका यह जांच वाला कदम वैसा ही है कि एक कदम आगे चले और तीन कदम पीछे हुए।
 
Durgaprasad Agrawal आपने हमेशा की तरह बहुत शालीनता से अपनी बात कही. जस्टिस काटजू के तर्कों से किसी का भी सहमत होना मुश्क़िल था, लेकिन अच्छा होता अगर अभय कुमार दुबे उतने आवेश में न आते.
 
Keshav Pandey बिलकुल दुरुस्त है. कुछ सामने आ चुके सबूतें के मद्देनज़र ही ट्रस्ट की जांच होने की बात बन रही है, इस जांच को आरोपी के द्वारा चैनल की जांच के साथ जोड़ना एक ढिठाई तो है ही, ज. काटजू का प्रस्ताव भी दुर्भाग्यपूर्ण है. जब "डू" और "डोंट" को को गडमड किया जाता है तभी समाज मो चोट लगता है.
 
Prakash Chhangani Mr. Salmans press conference was ….. what we say….. was full of arrogance and totally conditional. We had seen yesterdays ndtv program and you views on it…. you had rightly said….
 
Kumud Singh कार्टजू कांग्रेसी हैं ये तो पता था लेकिन अन्‍याय करने में माहिर हैं यह अब पता चला। इनके फैसलों की जांच हो सकती है। पता नहीं कितने बेगुनाहों को सजा दे दी गई होगी।
 
Tejendra Sharma Om Jee, our politicians make the prophecy of the late Winston Churchill true: He had said on giving freedom to India – “Power will go into the hands of rascals, rogues, and freebooters. All Indian leaders will be of low calibre and men of straw. They will have sweet tongues and silly hearts. They will fight amongst themselves for power and India will be lost in political squabbles. Not a bottle of water or loaf of bread shall escape taxation; only the air will be free and the blood of these hungry millions will be on the head of Attlee.
 
Mahandra Singh Rathore shriman ji, aapki baat bilkul thik hai.namzadgi report mai pehle action kis per hona chahiye or kis per hota hai. sabhi ko pata hai. phir aaj tak or trust per eek sath action kyon ho?
 
Ranjana Singh बहुत सही कहा आपने….
 
Roop Singh Chandel आज समाचार पत्रों में काटजू जी की इस सिफारिश ने बेहद चौंकाया. चोर और चोर को पकड़ने वाले–दोनों की जांच का औचित्य समझ नहीं आया. टीवी टुडे ने इतने प्रमाण प्रस्तुत कर दिए हैं कि उसकी जांच किसलिए? आप सही कह रहे हैं यदि जांच में चैनल के आरोप गलत सिद्ध हों तो न केवल जांच उचित होगी बल्कि उसे सजा भी दी जानी चाहिए. लेकिन खुर्शीद साहब और उनकी बेगम साहिबा को सरकार से लेकर पार्टी तक जिसप्रकार बचाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं वह यही संदेश दे रहा है दाल में कुछ् नहीं बहुत कुछ काला है . जनता को अधिक मूर्ख नहीं बनाया जा सकता.
 
Anil Sharma Katju ka appointment kisane kiya ..ye ham sab janate hain….vo apne maalik se bevafai kaise kar sakate hain..????
 
Zikr Ullah Falsehood is doomed to perish.
-Noble Qur'an
 
Madhu Arora aapka kahna bilkul sahi hai, Thanviji.
 
Ayan ND media ka kam bakhubi kiya hai NBTV ne. sahi kaha aapne.. par lage hath media ki janch ho jane me harz bhi kya hai.. Zee Tv ke 200 crore ke mudde ko kisi ne nahi uchhala to use afwah ka roop mil gaya. ab janch hone lage to in sab vivadon a haiki bhi ho hi jaye. isme bura kya hai.. dudh ka dudh ho jane me itni pareshani kyon?
 
Subodh Goswami namaskar desh arazakta ki aur badg raha hai loktantr k 4 stambh apni apni manmani kar rahe hai bhrastachar bhi wholesale aur retail fdi ki tarah thopa jaraha hai brastachar bhi dalit aur dharmnirpekhy hogayahai bhediya nyay chal raha hai jiske haath main laathi hai sattarupi bhains ke doodh ki malai kharaihai
 
Swatantra Mishra aap sahi kah rahen hain..lekin abhay kumar dubey ne katju ko sahi latada…
 
Niranjan Koirala Politicians ko gali karna ajlkal fashion sa ho gaya hai. Kuch logo ne to gali karke aapna career hi bana liya. Media ke role ka to aapne bahut pairavi kiya, lekin zara sochiye- ek politician ko banane mein kamsekam 20 saal lagte hain, aur unko khatam karne mein 2 din. " Saab politicians chor hain" vala attitude se hum kaha pahuchenge? …..Raaj kaaj Ambani, Birla, Ramdev aur Kejrival chalaenge? Aur prastav sadak me parit hoga?
 
Kamlesh Meena Meena Sir, I am agree on your View but its true that all politician are not corrupt , there so many politician are so dedicate to nation
 
Om Thanvi मामला एक चैनल का है नहीं; साज़िश पूरे मीडिया की विश्वसनीयता पर निशाना साधने की दिखाई देती है।
 
Manoj Kumar अदभुत एकजुटता दिखाई दूबे जी, आपने और रवीश ने मिलकर। लेकिन इसमें पेशेवर प्रतिबद्धता का मामला ज्यादा दिखा। आखिर लोकतंत्र में कॉरपोरेट मीडिया को 'पवित्र गाय' कब तक बनायेंगे। अगर prima facie सलमान खुर्शीद पर मामला बनता है तो टी.वी. टूडे के स्टिंग पर भी prima facie मामला बनता है। आखिर काटजू ने ऐसा क्या कह दिया।
 
Brijender Sharma om ji, maine aapka kaal wala prime time per disc ussions dekha, mujhe aapka aur abhya g ka vichar kafi acha laga, aaj ke pahle mujhe abhya ji kabhi achie nahi lage kyonki mere samjh se wo jyhadatar congress ka paksh lete hai aise mere dharna thi leking kal yeh dhaerna hi badal gayee. main platarkar to nahin hoon magar , ek aam nagrik ki tarah soch ;hai ki congress jis tarah se bhrasth ho rahi hai aur dr. manmohan singh har baat per chupi saadhe rahte hain yeh p.m. ke post ke liye upukt nahain hai. plhir bhi wo ya koyee aur sarkar to chala he rahe hain. inka bhawaishya mujhe kuch sukhad nahi lag raha hai. aap se jab meri jaipur main phne per baat hoyee thi tab aapne mujhe baton hi b aton main kaha tha ki b hai ham to nirpaksh bolte haio. aaazpko meri aaur se lakh lakh dhanybad, meri aasha hai aur ;purna vishwas hai aap patrakatika ki j agat main isse bhi aage badhange. namaskar.
 
Suraj Yadav जी, कल के कार्यक्रम में अपने सही कहा. लेकिन उत्तेजित होने पर कई बार सही बात बरबस निकल जाती है, जैसा श्री अभय कुमार दुबे से हुआ. उन्होंने जस्टिस काटजू से जो कहा वह काटजू साहब से कहना ज़रूरी था, क्योंकि जल्दी उन्हें कोई अयना नहीं दीखाता. काटजू साहब सरकार की खिदमत वे लगे हुए हैं. और यह क्या बात हुई की 'इंडिया टुडे' की भी जांच होगी? यह तो वैसी ही बात हुई जैसा भाजपा ने 'तहलका'  के लिए कहा था. आप हम लोगों की भावना को अपनी जुबान से कह रहे थे, जिसके लिए आप को साधुवाद.
 
Mukesh Pandey Chandan aapse puri tarah se sahmat hoon sir
 
Yayati Singh aap bilkul thik they . main prog. dekh raha tha . justic katju ka tarika thik nahi hai unhe pci men lana hi gulat tha .
 
Manoj Kumar अब धीरे-धीरे मीडिया self- referential होता जा रहा है । अब नेताओं ने आना कम कर दिया है । बाकी पेशे के लोग भी बचने लगे हैं। कुल मिलाकर दो-चार मीडिया के यार दोस्त और प्रोफेसर आदि बहस करते दीखते है,बल्कि कहना चाहिए एक-दूसरे के पीठ खुजलाते हुए दीखते हैं।
 
Vikram Singh Bhadoriya Media aur netaa chaahe jo kahen aur karen par NYAAYAADHISH CHAAHE RTD HEE KYON N HON UNSE TO NYAAY KI HEE APEKSHAA KEE JAATI HAI . ATAH KATJU KI DEMAND UNKI PAD GARIMA KE PRATIKOOL HAI.
 
Siraj Saxena shri kataju
 
Sunita Singh आप को कल सुना था मैंने ……आप सही दिशा में बात को ले जाने की कोशिश कर रहे थे .
 
Mukesh Pandey Chandan आप सभी को नवरात्री की हार्दिक शुभकामनाएं …माँ दुर्गा आपको सुख शांति और समृद्धि प्रदान करें
 
Siraj Saxena apnpe peshe or anubhav se media ko salah dete hai.ve koi iske jaanakaar nahi hai.hamaare judge agar kaabil hote to kachahariyon me pending pade mukadamom kaa dher nahi lagaa hotaa. unse hi savaal kiya jana chaahiye ki unhone apne kaaryakaal me is baavad kuch kiyaa thaa ya nahi.jaise hamaari rajnetik gati or chavi hai vaisi hi chaal hamaare court karm ki he.jo jis kam ke maharathi he unhe hi tippani or salah dena shobhaniy lagata hai.
 
Om Thanvi काटजू योग्य जज हैं और मीडिया पर उनकी अनेक आलोचनाएं मुझे ठीक लगी हैं। मगर कभी-कभी जोश खा जाते हैं और — नतीजतन — होश खो देते हैं। मीडिया छोड़िए, एक बार देश की 90 फ़ीसद जनता को उन्होंने "मूर्ख" बता दिया था। दूरदर्शन पर उस कार्यक्रम में तब (भी) मैं मौजूद था और मैंने विनम्रता से उन्हें इस तरह के हवाई ख़याल न फैलाने की बात कही थी।
 
Shailesh Tripathi सर मैने भी कल एन. डी. टी.वी का कार्यक्रम देखा था । हमारे नेताओं के पास नैतिक मूल्य नाम का कुछ बचा ही नही है और जब कोई उन पर आरोप लगाता है तो ये सब उसे नैतिकता सिखाते है। सलमान साहब ने जिस तरह प्रेस कान्प्रेस में व्यवहार किया वैसा ही अगर हम उनके साथ करे तो…… …
 
Kalim Ansari Om ji i agree wth ur thought,lekin hamari Media dudh ki dhuli nahi h janch k dayere me Media ko bhi rakhni chahiye aaj ki media ko sirf Apni TRP aur income ka hi khyal h
 
Siraj Saxena अपने पेशे और अनुभव से मीडिया को सलाह देते है, वे कोई पत्रकारिता के ज्ञाता नहीं हमारे जजों का काम देश आजादी के बाद से देख रहा है। लाखों केस इन्ही काबिल क़ानून के खिद्माद्गारों की वजह से अपने अंजाम की राह देख रहे है। मीडिया ने रह रह कर इस पर प्रश्न किया है, इसे ही उन साहब का मीडिया के प्रति क्रोध का कारण माना जा सकता है। इतने सालूँ सरकार की चाकरी की है तो सरकार से विमुख होने की हिम्मत लाने में समय तो लगेगा .
 
Yogesh Dubey Om Thanvi जी वो कार्यक्रम मैंने भी देखा था शायद काटजू जी पर उम्र का असर हो रहा है वो एक रो में बोले जा रहे थे, आपका और अभय दुबे जी का विरोध करना पूरी तरह से संगत और तार्किक लगा ,लेकिन काटजू जी का कहना पूरी तरह से गलत भी नहीं है इसको आप रादिया टेप प्रकरण से भी समझ सकते है जिसे सभी मीडिया ग्रुप ने एक खतरनाक गिरोहबाजी के द्वारा दबा दिया .
 
Sanjay Rai We are seeing a sea-change in behavioural aspect of Justice Katju…from the period when he used to act as guardian of constitution and criticizing government to now – a period when he himself is a government appointed functionary…
 
Rajnish Raj Sir aapka sanyam aur santulan achha laga…lekin media ka bodh nakaratmak ho gaya hai.Arop iske juwan par aise rahta hai jaise durwasha rishi ke juwan par shap lekin iski aaj ki kaya rishi bali na hokar vyapari bali hai…gandhi kahte the ki media yadi apne adhikar ka durupyog kare to bhi use swatantra rahna chahiye..isi aadhar par mai aapse sahmat hu…waise media apne adhikar ka prayah durupyog hi kar raha hai.voltaire ne tha ki "mai tuhari bato ko kharij karta hu,lekin tumne jo kaha wah tumhare kah sakne ke adhikar ki sima me aata hai aur tumhare is adhikar ki raksha ke liye mai apni jan bhi de sakta hu".Isi aadhar par mai aapki bat se sahmat hu lekin hindi tv media lagarar vidushak banta ja raha hai….aur media hamari "aankho me thukta" bahut jyada hai….sir! sara khel lakshaman rekha ka hi hai ….aur usko par kar media kitni tabahi machti hai,uska bayan bhi mushkil hai.
 
Sachin Singh Gaur मैंने वो प्रोग्राम देखा था काटजू की बाते बे सिर पैर की थी ……अभय दुबे जी का तर्क बहुत अच्छा था की इस प्रकार तो कलमाड़ी और राजा की जांच से पहले मीडिया की जांच की जाती
 
Vikram Singh Bhadoriya @om thanvi ji 95%JANTA MOORKH TOU NAHIIN PAR 99%JANTA 99 KE FER MAIN PISANE KE KAARAN MAJBOOR JAROOR HAI AUR ISKA POORAA FAAYDAA SESHH 1% NETAA UTHAA RAHE HAIN . SREE KATJOO KA MANTABY BHI SASYAD YAHI RAHAA HOGAA.
 
Om Thanvi Niranjan Koirala netaon ko sarkari paise se trust chalane se bachna hi chahiye, nahin?
 
Syed Rizwan Mustafa Sir,aap Ne Jis Taqat Ka Istewmal Kiya Justice Katju ke bedhangi Baato Ka Hum Jansatta Pariwar Ke saat -Saat ek netao aur mafio le aatank se Pareshan ek Reportao ke liye aap ne Taqat Dee Hain Hume apne Commandar Par Faqr Hain
 
Bhupendra Tiwari गूँगे निकल पड़े हैँ ज़ुबाँ की तलाश मेँ। सरकार के ख़िलाफ़ ये साजिश तो देखिये
 
Ajay Bohra Agar …. AajTak galat sabit hota hai to(sahi to sabit hone nahi denge) ,…sampurn midiya jagat ki saakh par batta nahi lag jayega ?
 
Vikram Singh Bhadoriya @niranjan koirala and @Om Thanvi ji. Tata Birla ko apni sehat banaane main jamaaponji aur imaandaree se khud ke pet ke liye kamaane ki bhavna rahi hai ,PAR NETAA KO TATA BIRLAA banane ke liye kisi poonjee ke bajaay sirf jhoot aur makkaaree ki poonji ke bal par wo bees saal msin bina ek paisaa lagaaye arab pati banjaataa hai. Iskaa koi Apwad netaa ho tou bataayen?
 
Amrendra Sharma मैं देख रहा था — ये काटजू साहब इतने उत्तेजित क्यूँ रहते हैं हमेशा .?
 
Sanjay Dwivedi सर वास्तव में काटजू साहब बकवास कर रहे थे और मुद्दे को भटकाने की कोशिश की उन्होंने। आपने और अभय कुमार दुबे ने जो कुछ कहा उससे हमें राहत मिली और अच्छा लगा।
 
Prakash Khatri dekha..abhy dubey ji ka to sabr hi chhalak gaya tha..!
 
Bharat Dosi maine dekha tha prasharan . Katju jiski kha rahe hai uski baja rahe hai .

———

Manish Sharma :  रात रवीश कुमार के कार्यक्रम में जस्टिस काटजू को सुना….अरे भाई किसने इन्हें प्रेस काउंसिल का चेयरमैन बना दिया….इनके तर्कों से शक होता है कि ये जनाब जस्टिस भी रहे हैं….ये पत्रकारों के भले के लिए या फिर…??…….अभय दुबे जी को बुहुत-बहुत बधाई….कुछ और सीनियर संपादकों को जस्टिस साहब को ऐसे ही करारे जवाब देने की जरुरत है……..

———-

फेसबुक से साभार.


काटजू का मूल बयान क्या है, पढ़ने के लिए क्लिक करें- काटजू का सलमान व आजतक पर बयान

इसे भी पढ़ सकते हैं…

देश के सबसे बड़े अखबारी घोटाले पर काटजू भी मौन

इस कांग्रेसी काटजू पर अब बात हो ही जानी चाहिए

कांग्रेसियों के बीच नंबर बढ़ाने के लिए सोशल मीडिया पर किटकिटाने लगे काटजू

katju ki kitkit

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *