कानून का चला हथौड़ा, डेन संचालक दीनू के खिलाफ कुर्की का आदेश

वाराणसी। शहर के बहुचर्चित पुष्कर शुक्ला हत्याकांड में कानून का शिकंजा डेन संचालक हत्यारोपी धर्मेन्द्र कुमार सिंह 'दीनू' पर कस गया है। लगभग एक साल से कानून को धोखा दे रहे दीनू के खिलाफ सीजेएम वाराणसी ने कुर्की का आदेश जारी कर दिया है। कुर्की का आदेश जारी होने से पुष्कर शुक्ला हत्याकांड एक बार फिर चर्चा में आ गया है। दरअसल केबल आपरेटर पुष्कर शुक्ला की हत्या 16 दिसंबर 2012 को शिवपुर थाना क्षेत्र के इंद्रपुर इलाके में पीट पीट कर दी गई थी।
 
मृतक पुष्कर शुक्ला के भाई अभिषेक शुक्ला के तहरीर पर डेन संचालक धर्मेन्द्र कुमार सिंह दीनू, राहुल श्रीवास्तव सहित आधा दर्जन लोगों के खिलाफ हत्या, हत्या का प्रयास सहित विभिन्न धाराओ में मुक़दमा पंजीकृत हुआ था। हत्यारोपी धर्मेन्द्र कुमार सिंह, राहुल श्रीवास्तव को छोड़कर बाकी अभियुक्तो के खिलाफ पुलिस आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर चुकी है। लेकिन नामजद होने के बाद से हत्यारोपी धर्मेन्द्र कुमार सिंह 'दीनू ' ने अपने को बचाने के कई आपराधिक साजिशें रचीं। सबसे पहले दीनू ने मृतक की मां माया शुक्ला के फर्जी प्रार्थना पत्र पर जांच सिविल पुलिस से सीबीसीआईडी में शासन से स्थानांतरण करा दिया। माया शुक्ला ने सीबीसीआईडी जांच के खिलाफ उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की। उच्च न्यायालय ने दिनांक 27.05.2013 के आदेश में सीबीसीआईडी जांच को निरस्त करते हुए जांच पुनः वाराणसी पुलिस को सौप दिया। धर्मेन्द्र सिंह 'दीनू' ने उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में अपील की। उच्चतम न्यायालय ने अपने आदेश में दीनू की याचिका ख़ारिज कर दी। 
 
इधर पुलिस द्वारा कार्यवाही ना होने से माया शुक्ल ने पुनः उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। उच्च न्यायालय ने अपने आदेश दिनांक 5/8/2013 में वाराणसी पुलिस की गम्भीर लापरवाही मानते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वाराणसी से व्यक्तिगत शपथपत्र मांगा। दीनू ने उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ एक बार फिर उच्चतम न्यायालय गुहार लगाई लेकिन उच्चतम न्यायालय ने हत्या जैसे गम्भीर आरोप को देखते हुए दीनू की याचिका ख़ारिज कर दी। अब वाराणसी पुलिस के पास भी दीनू के खिलाफ कार्रवाई करने के अतिरिक्त कोई चारा नहीं था क्योंकि उच्च न्यायालय में एसएसपी वाराणसी को शपथ पत्र देना है। आखिरकार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के आदेश पर शिवपुर पुलिस सक्रिय हुई और विवेचक थानाध्यक्ष श्याम सुन्दर पाण्डेय ने सीजेएम कोर्ट में फरार घोषित करते हुए दिनांक 26/11/2013 को कुर्की के आदेश की मांग की। जिस पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अमरनाथ कुशवाहा ने दीनू को फरार घोषित करते हुए कुर्की का आदेश दिनांक 27/11/2013 जारी कर दिया है।
 
साभार-लाइव वीएनएस

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