काशी में पत्रकार की गोली मारकर हत्‍या

वाराणसी के सारनाथ थाना क्षेत्र अंतर्गत पुराने आरटीओ के पास रविवार की रात बदमाशों ने 38 वर्षीय युवक भावेश पाण्डेय की गोली मारकर हत्या कर दी। भावेश के सिर व पीठ में तीन गोली लगी थी। परिवारजन व पुलिस कर्मी भावेश को लेकर मंडलीय अस्पताल पहुंचे जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर सुनते ही अस्पताल में भावेश के परिवारजनों और जानने वालों की भीड़ उमड़ने लगी और देखते ही देखते हंगामा शुरू हो गया। इनका आरोप था कि भावेश पर खतरा था, इसकी सूचना एसओ सारनाथ को दे दी गई थी, बावजूद इसके उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। दूसरी ओर पुलिस के मुताबिक भावेश जमीन का धंधा करने के साथ दिल्ली की एक पत्रिका के लिए भी काम करते थे। भावेश का सेंट्रल जेल के सिपाही जैनेन्द्र पाण्डेय से सात बिस्वा जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। पिछले दिनों जमीन पर बनाई गई चहारदीवारी गिरा दी गई थी। सूत्रों के मुताबिक यह जमीन भावेश की मां ने पिछले दिनों किसी को बेच दी थी लेकिन बैनामा नहीं हुआ था। इसी बीच जैनेंद्र ने उक्त जमीन खरीद ली लेकिन भावेश ने इससे कब्जा नहीं छोड़ा जिससे दोनों के बीच विवाद गहरा गया था। पुलिस ने घटना स्थल से नाइन एमएम के दो खोखा कारतूस बरामद किए हैं। पत्रकार भावेश आशापुर के लोहियानगर स्थित अपने ननिहाल में रहते थे। परिजनों के मुताबिक भावेश रविवार की शाम कीनाराम स्थल से दर्शन कर लौट रहे थे। आशापुर चौराहे पर पहुंचने के बाद भावेश के मोबाइल फोन पर एक कॉल आई और वह चंद्रा चौराहे से पहड़िया मार्ग पर वापस लौट रहे थे। उसी दौरान पुराने संभागीय परिवहन कार्यालय के पास पहले से ही घात लगाये बाइक सवार तीन बदमाशों ने पीछे से भावेश पर एक गोली दागी। गोली लगते ही भावेश बाइक से सड़क पर गिर पड़े और उठकर गली में भागे लेकिन बदमाशों ने पीछाकर भावेश को दो गोली और मारी जिससे लहूलुहान होकर वह वहीं गिर पड़े। इसके बाद बदमाश बाइक से भाग निकले।

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