किसी ने ये नहीं सोचा होगा कि इस तरह से दलाल सम्पादकों की पोल खुलेगी…

Mayank Saxena : एक सम्पादक साहब ने कहा कि सुधीर चौधरी के स्टिंग के ऑन एयर होने के बाद न्यूज़ रूम में सन्नाटा छा गया…एक पत्रकार के तौर पर लम्बे समय से काम करते आ रहे होने के बाद, मेरा अनुभव ये कहता है कि सन्नाटा इसलिए नहीं छाया था कि किसी को एक सम्पादक से इस तरह की दलाली की उम्मीद नहीं थी…क्योंकि कभी फिल्म सिटी की चाय की दुकानों पर आकर बैठिए, न्यूज़रूम के लोगों के तमाम सीनियर पत्रकारों और सम्पादकों के बारे में क्या विचार हैं, पता चल जाएंगे…

दरअसल सन्नाटा इसलिए छा गया होगा कि किसी ने ये नहीं सोचा होगा कि इस तरह से दलाल सम्पादकों की पोल खुलेगी…और खुल भी गई, तो टीवी मीडिया पर उसे इस कदर जगह मिलेगी, और ऑन एयर किया जाएगा…ज़ाहिर है एक पत्रकार के एक वाक्य के अलग मतलब और उद्देश्य हो सकते हैं…न्यूज़रूम में सन्नाटा छा जाने के भी कई निहितार्थ हो सकते ही हैं….लगता है कि अपनी सीरीज़ 'न्यूज़रूम का राग दरबारी' को दोबारा फेसबुक पर लाना ही पड़ेगा….चलिए मिलते हैं राग दरबारी के साथ….
 
    Ratan Singh Bhagatpura आज से १५ साल पहले जोधपुर के एक मुंहफट अख़बार के संपादक बातों ही बातों में कह डालते थे कि हम पत्रकारों से बड़ा ब्लेकमेलर कोई नहीं| हम ८०% ख़बरें पैसे लेकर दबा देते है ये लोकतंत्र तो २०% ख़बरों के पीछे चल रहा है| यदि ऐसा ना करें तो कमाना तो दूर अखबार की छपाई ही ना निकले |
 
    Ratan Singh Bhagatpura उनकी बातों को हम मजाक समझते थे पर उनकी अब पुष्टि हो रही है जितना बड़ा मीडिया हाउस उतना ही बड़ा ब्लेकमेलर ! अब ब्लेकमेलिंग चाहे विज्ञापन के नाम पर ही क्यों ना हो !
   
    Abhishek Upadhyay Very well written ! This is the glaring reality !
    
    Atul Srivastav intejaar hai

पत्रकार मयंक सक्सेना इन दिनों न्यूज24 में है. इससे पहले जी न्यूज, सीएनईबी समेत कई न्यूज चैनलों में काम कर चुके हैं. उनका यह लिखा उनके फेसबुक वॉल से लिया गया है.

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