कीमती विदेशी संपत्तियों पर सहारा की नजर

 

वैश्विक हॉस्पिटैलिटी उद्योग को कारोबार के प्रति अपनी गंभीरता का एहसास कराने के लिए सहारा समूह को महज दो सौदे करने पड़े। करीब 130 करोड़ डॉलर में दुनिया की दो प्रतिष्ठित होटल परिसंपत्तियां खरीदकर समूह ने हाई ऐंड हॉस्पिटैलिटी कारोबार में काफी हद तक व्यवस्थित दिख रहा है। लंदन में ग्रोजवेनर हाउस और न्यूयॉर्क में प्लाजा खरीद चुके सहारा समूह की नजर अब फ्रांस में महल परिसंपत्ति की तलाश में जुटा है। माना जा रहा है कि सुब्रत राय की अगुआई वाला सहारा समूह ब्रिटेन में मैरियट होटल का पोर्टफोलियो खरीदने के लिए भी बात कर रहा है। हालांकि इस बारे में भेजे गए सवालों का सहारा समूह ने कोई जवाब नहीं दिया।
 
प्रतिष्ठित संपत्तियां हैं पसंद : विशेषज्ञों का कहना है कि प्रतिष्ठित परिसंपत्तियां खरीदने की वजह महज रुतबा दिखाना नहीं है बल्कि ऐसी परिसंपत्तियां अपने पास रखना है, जिनकी कीमत बढ़ती रहे। एचवीएस ग्लोबल हॉस्पिटैलिटी सर्विसेज इंडिया के प्रबंध निदेशक कौशिक वरदराजन ने कहा, 'प्रतिष्ठिïत परिसंपत्तियों की कीमत बरकरार रहती है जैसा मुख्यधारा की होटल परिसंपत्तियों के साथ नहीं होता है। उनकी नकल या उन्हें दोबारा नहीं बनाया जा सकता है। ऐसी परिसंपत्तियों की कीमत पर आर्थिक मंदी का असर भी नहीं पड़ता है। जिसके पास पैसा है, उसके लिए ऐसी परिसंपत्तियां खरीदने का यही सबसे सही समय है क्योंकि बाजार में अभी खरीदार नहीं हैं।' सूत्रों ने बताया कि समूह द्वारा किए गए दो सौदों के कारण अब उसके पास देश-विदेश के कई विक्रेताओं की कतार लग गई है। सूत्रों का कहना है, 'वह बाजार में मौजूद चुनिंदा लोगों में से हैं, जिनके पास पैसा है और वह सौदे करने में कामयाब रहे हैं।'
 
खरीदो और बनाओ : कंपनी पोर्टफोलियो खरीदने की संभावनाएं भी तलाश रही है। सहारा समूह के सूत्रों ने बताया कि वह मैरियट समूह से यूरोप में उसके 15 होटल खरीदने के लिए बात कर रहा है। नाम नहीं छापने की शर्त पर उद्योग के एक विशेषज्ञ ने बताया, 'कंपनी उन पोर्टफोलियो को खरीदने में दिलचस्पी दिखा रही है, जो आकार में बड़े हैं और खराब दौर से गुजर रहे हैं। बाजार के मौजूदा हालात देखते हुए उन्हें अच्छे दाम में परिसंपत्तियां मिल सकती हैं।'  हालांकि भारत में अभी तक समूह को ऐसी कोई प्रतिष्ठिïत परिसंपत्ति नहीं मिल पाई है। मुंबई में अपने होटल सहारा स्टार के साथ समूह भारतीय हॉस्पिटैलिटी बाजार का गहन अध्ययन कर रहा है, जिससे वह यह तय कर सके कि वह कौन सी श्रेणी में सही बैठता है। साभार : बीएस 

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