कीर्ति राणा को पहले वाधवानी अब मुकाती करने लगे थे अपमानित

: ये है कीर्ति राणा के दबंग दुनिया छोडऩे की कहानी : दंबग दुनिया में आने के तीन महीने बाद से ही किशोर वाधवानी के हाथों लगातार अपमानित हो रहे वरिष्ठ पत्रकार कीर्ति राणा ने दबंग दुनिया छोडऩे का फैसला दो कारणों से लिया है। वाधवानी राणा को लगातार अपमानित करने के साथ ही उनके खिलाफ षडयंत्र रचते ही रहते थे, लेकिन अब उनके द्वारा समूह संपादक व डायरेक्टर के रूप में लाये गये पंकज मुकाती ने भी कीर्ति राणा का अपमान शुरू कर दिया था। राणा द्वारा दबंग छोडऩे का ताजा कारण भी मुकाती व उनके बीच इलाहबाद कुंभ के कवरेज के मुद्दे पर टकराहट होना बताया जा रहा है।

अमर उजाला के इलाहाबाद संपादक के रूप में काम कर चुके मुकाती ने कुछ दिन पहले राणा की बिना जानकारी के भोपाल में काम कर रहे दंबग के एक रिपोर्टर अमित देशमुख को ताबड़तोड़ इलाहबाद जाकर कुंभ का कवरेज करने को कहा। राणा ने संपादक की हैसियत से इस पर कड़ी आपत्ति जताई और वाधवानी के सामने पूरी स्थिति रखते हुए कहा कि ऐसे समय में जब कुंभ शुरू हो चुका है किसी रिपोर्टर को वहां भेजने का कोई औचित्य नहीं है। वाधवानी ने उनकी बात से सहमति जताते हुए देशमुख को इलाहबाद नहीं भेजने को कहा और राणा से कहा कि वे बड़े खर्च पर कुंभ के कवरेज के बजाय अपने स्रोतों से रोज एक पन्ने पर कुंभ के समाचार व फोटो प्रकाशित करवाये।

वाधवानी व राणा के बीच हुई इस सहमति से मुकाती खिन्न हो गए और उन्होंने दो दिन पहले राणा को फोन पर बेहद आपत्तिजनक लहजे में बात की और कहा कि आपने यह निर्णय किससे पूछकर लिया। राणा ने वाधवानी की जानकारी में सब तय होने की बात कही और इस बात पर भी आपत्ति दर्ज करवायी कि भोपाल एडिशन के एक रिपोर्टर को उनकी जानकारी के बिना आखिर कैसे इलाहबाद भेजने का फैसला ले लिया गया। मुकाती उनकी बातों से सहमत नहीं थे।

इसी दौरान मुकाती कुछ ऐसे शब्द बोल बैठे जिससे राणा ने खुद को अपमानित महसूस किया और चर्चा खत्म होने के कुछ ही मिनट बाद उन्होंने अपना इस्तीफा एक महीने के नोटिस पीरियड के साथ वाधवानी को भेज दिया। अब वाधवानी राणा की मान मनौव्वल में लगे हुए हैं। उनका कहना है कि वे किसी भी हालत में राणा को खोना नहीं चाहते। बड़े लोगों को उंची तनख्वाह पर अपने संस्थान से जोड़ने तथा बाद में अपमानित करने के लिए कुख्यात हो चुके वाधवानी राणा के इस्तीफा के बाद मुकाती से भी बहुत नाराज है।

उपरोक्त बातें मेल के जरिए भड़ास को प्राप्त हुई हैं. अगर इस पर किसी को कोई आपत्ति हो तो वह अपनी बात bhadas4media@gmail.com पर मेल से भेज सकता है.

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