कुछ तथाकथित न्यायप्रिय लोग खुर्शीद अनवर का ‘कैरेक्टर असेश्नेशन’ करने पर तुले हुए हैं

Mohammad Anas :  पिछले दो तीन महीनों से फेसबुक और तमाम तरह के ब्लॉग पर आईएसडी के कर्ताधर्ता खुर्शीद अनवर को लेकर भद्दा आरोप लगाया जा रहा है. मिर्च मसाला लगाकर, मनोहर कहनियों की जैसी भाषा में कुछ तथाकथित न्यायप्रिय लोग खुर्शीद अनवर का 'कैरेक्टर असेश्नेशन' करने पर तुले हुए हैं. दशकों से वामपंथ और महिलाअधिकारों के लिए पहचाने जाने वाले खुर्शीद अनवर पर एक लड़की के कथित यौन हिंसा का आरोप लगा कर सोशल मीडिया में लोग रोटियां सेंक रहे हैं.

यौन हिंसा की कथित शिकार लड़की किसी गाँव या सुदूर आँचल की नहीं बल्कि मणिपुर की है, जहाँ पुरुषों से अधिक सजग एवं जागरूक महिलाएं होती हैं और वह लड़की भी हिम्मत और ताकत से भरपूर है. लड़की ने जिस दिन अपने साथ बलात्कार होने की बात अपने ही कुछ साथियों को बताई जो फेसबुक एवं जनवाद के पहरुआ बनते हैं, उन्होंने उस लड़की की मेडिकल जांच न करवा कर उसे सीधा मधु किश्वर के घर ले कर चले जाते हैं. वहां कथित पीडिता अपने साथ हुए तथाकथित कृत्य को कैमरे के सामने रखती है. देखिए किस तरह से खेल हो रहा है, जिसके साथ हिंसा हुई, जो यौन हिंसा के खिलाफ रैलियां निकालते हैं और बड़ी बड़ी चर्चा एवं विमर्श करते हैं, उन सबने उस लड़की का मेडिकल जांच करना उचित नहीं समझा बल्कि उसके बयान का वीडियो बनाना ज्यादा ज़रूरी समझा.

आगे कहानी बढ़ती है. लड़की के साथ सहानुभूति हर किसी को थी मुझे भी थी लेकिन मैं खुर्शीद अनवर को बहुत अच्छे से जानता हूं इसलिए भरोसा करना मुश्किल था पर मामला यौन हिंसा का था इसलिए प्रथमदृष्टया पीड़िता के साथ मैं भी हो गया. कुछ लोगों ने मेडिकल जांच के लिए उस लड़की को कहा तो पहले उसने अपना बयान बदला की उसके साथ सेक्स नहीं हुआ है, फिर उसके बाद वह कहती है कि उसके साथ अनल सेक्स हुआ है. फिर बयान बदलती है अपने ही साथियों के सामने कि मैंने ही खुर्शीद अनवर से कहा की मेरे साथ सो जाएं लेकिन उन्होंने मना कर दिया.

फिर से बयान बदलने की नौबत आती उससे पहले ही वह लड़की अपने ही कुछ साथियों से हजारों रुपए लेकर दिल्ली से भाग निकलती है. जिन सबने पूरा कैम्पेन अपने सर आँखों पे उठा रखा है उन्हीं लोगों ने यह सब बातें कहीं. आज उनका भी बयान बदला हुआ फेसबुक पर आ रहा है. तमाम अधिकारवादी कार्यकर्त्ता लगातार उससे संपर्क की कोशिश में हैं लेकिन वह दिल्ली नहीं आ रही. वजह साफ़ है कि उसने खुर्शीद अनवर को पहले अपने ही बुने जाल में फांसना चाहा फिर वह नहीं फंसे तो बलात्कार की झूठी कहानी बुन दी और जब खुर्शीद अनवर ने खुद कहा की वह पुलिस में चले, शिकायत करे तो दिल्ली छोड़ कर भाग उठी.

आज खुर्शीद अनवर तथाकथित महिलाअधिकारवादियों, कथित वामपंथियों, संघियों, कट्टर तालिबानियों एवं निजी खुन्नस निकालने वालों के निशाने पर हैं. लेकिन किसी को न तो उस लड़की के साथ क्या हुआ उसकी खबर है न तो उन्हें खुर्शीद अनवर पर क्या बीत रही उसकी चिंता. एक व्यक्ति जिसने अपने जीवन के हर क्षण जन अधिकार की बात करने में निकाल दी, एक ऐसा व्यक्ति जिसने तमाम वैभव और सुख सुविधाओं के बावजूद सदैव से स्त्री सशक्तिकरण की बात की हो आप सब उसके साथ ऐसा बर्ताव करेंगे यह न तो उसने कभी सोचा था न किसी और ने.

खैर, यह सब लिखने का मेरा यह मतलब नहीं है कि आप लिखना बंद कर दें. आप तो लिखेंगे ही क्योंकि इसके सिवा आपके पास कोई और 'हथियार' नहीं है, खुर्शीद अनवर को मारने के लिए. अरे जाते क्यों नहीं पुलिस के पास. जाओ उस लड़की के पास जिसने कथित यौन हिंसा की बात करके अपने घर निकल गयी. आप नहीं जायेंगे क्योंकि झूठ कभी सच के सामने टिक नहीं पाता. जब तक जनता की नज़र से चीजें दूर रहेंगी तब तक जनता को सिर्फ वही दिखेगा जो आप दिखाना चाहेंगे.

बहुत सारे ब्लॉग और पोर्टल पर चर्चाएँ हो रही हैं. उन सब लेखकों, प्रोफेसरों, क्रांतिकारियों से निवेदन है की इस मामले में जल्दी से कोई कार्यवाई करें वर्ना न्याय दम तोड़ देगा उनकी ढेहरी के नीचे और यह न्यायसंगत कदापि नहीं होगा. लेकिन जिस मामले का कोई ओर छोर ही न मालूम हो, जिस मामले में असल आरोप लगाने वाले ही न हो, जब सारा मामला ही किसी को बदनाम करने के लिए बुना गया हो तब भला क्या हो सकता है. वही हो सकता है जो फेसबुक वाले चाहे. जय हो फेसबुक की. जय हो.

लेकिन इसे पढ़ते हुए यह कदापि न समझिएगा की मैं व्यंग्य की मुद्रा में हूं. असल में मुझे घिन्न आ रही है आपके इस 'जस्टिस कैम्पेन' पर. घिन्न आ रही है आपके निजी स्वार्थों को देख कर. पुलिस में जाते क्यों नहीं? क्या कभी किसी बलात्कारी ने कहा है कि पुलिस में जाओ. खुर्शीद अनवर ने खुलेआम कह दिया है कि पुलिस में जाओ. और, सुने खरपतवारों, उन्होंने अपना फेसबुक अकाउंट इसलिए बंद कर दिया है कि क्योंकि तुम्हारी उल्टियों से उनका मन व्यथित हो उठा है. कभी तुम पर जब तुम निर्दोष होगे और ऐसा आरोप लगेगा तो एहसास होगा कि तुम सबने क्या किया है.

युवा पत्रकार और सोशल एक्टिविस्ट मोहम्मद अनस के फेसबुक वॉल से. इस स्टेटस पर आईं कुछ टिप्पणियां यूं हैं…

Salman Rizvi बिल्कुल हक़ीक़त लिखा है भाई लेकिन उल्टियों कि बदबू सबसे पहले करने वालों पर पहुँचती है और पहुँच रही है/भले ही तकलीफ़ पहुँच जाये कुछ वक़तों के लिए लेकिन सच नहीं बदला जा सकता

Saiyed Kamran खुर्शीद अनवर साहब जैसे इंसान पर ऐसे आरोप हज़म नहीं होते है। हालंकि उन्होंने मुझे ब्लाक कर रखा है कुछ जनसत्ता में लिखे लेख पर आवाज़ उठाये जाने के कारण और कई बार नोक झोंक भी हुई धर्म को लेकर पर वो एक अच्छे इंसान है। धर्म को मानना ना मानना उनका निजी विचार है पर वो एक बोहत अच्छे इन्सान है।

Shabina Tauqueer Khurshid Anwar जी को जितना पढ़कर समझ पाई हूँ उसके लिए मैं उनका सम्मान करती हूँ …. उल्टियाँ करने वाले हाजमा के कमज़ोर होते हैं उनकी फिक्र न करें …समय है बीत जायेगा ….खुर्शीद जी को मेरा सलाम कहियेगा ….।।।।।

Zafar Imam कुछ दिनों से खुर्शीद भाई के बारे में बहुत से लोगो ने लिखा … पर कोई इंसान कहाँ तक जा सकता है ये उसके व्यहवार से समझ आ जाता है…
मैं बहुत करीब नहीं था मगर जो लिखते है उन्हें पढना और उससे सिखना चाहता था… मुझे तो यकीन नहीं कही से किसी तरह इस मामले में उनकी संलिप्ता है

Zafar Imam तरक्की के इस दौड़ मे लोग अंधे और खुद को किसी भी हद तक ले जाने को तैयार है।। जब तक सब कुछ ठीक ठाक है सब सही अगर थोडा सा मन के मुताबिक नहीं तो हो गया बलात्कार

Mustejab Khan इसी का तो विरोध था खुर्शीद अनवर और हमारे बिच, यही मुतालबा था हमारा कि अगर आप इलज़ाम लगते हैं तो फिर उसे साबित भी करें — तथ्य प्रस्तुत करें — सुनी सुनाई बातों को आधार बना कर किसी पे भी इलज़ाम न लगायें | जिस इस्लाम को वो गलियां देते रहे हैं वही इस्लाम कहता है की अगर कोई किसी पे ग़लत इलज़ाम लगाये और कोई सबूत प्रस्तुतु न करे वो उसे दंड दो और उसकी गवाही दोबारा कबूल न करो | और आज यही सुनहरे नयम खुर्शीद अनवर के लिए ढाल बन रहे हैं | हम जिस चीज़ के लिए खुर्शीद अनवर के खेलाफ़ थे आज उसी चीज़ ने हमे खुर्शीद अनवर के पक्ष में ला खड़ा किया है | खुर्शीद अनवर पे लगाया गये इलज़ाम में अगर तथ्यों और सबूतों का अभाव है (जो की Mohammad Anas की पोस्ट से साबित होता है ) तो ऐसा तथ्हीन इलज़ाम लगाने वाले निंदा के पात्र है | हम इसकी पुर-जोर निंदा करते हैं |
 
Vandna Tripathi f.b.par jis tarah is prakran ka anand liya ja rha hai usee se sabit hota hai ki is sab ka uddeshya sirf unki fazeehat karna hi hai,kash fazeehat karne waalo par beet ti to jaan paate kitna taqleefdeh hota hai aise me survive karna….dukhad hai ye sab
 
Rubiyan Ghazi sajishan aisa bhadda aur ghatiya ilzam khurshed sahab. pr laganay walon pr. social media pr hi bheego kay juta marna chahiyai
 
Neeraj Dwivedi Mohammad Anas bhai….शुक्रिया इन सब जानकारी से अवगत कराने के लिये…… इधर कुछ दिनो से भागा-दौड़ी क चक्कर मे फेसबुक ढंग से फालो नही कर पाया….अभी कल ही मै सोच रहा था कि काफी दिनों से खुर्शीद भाई का अपडेट नहीं आया कोई….. और आज आपने ये सब बताया……. खुर्शीद भाई को बोलियेगा कि वापस लौट आयें । हम सब साथ हैं……. उल्टीयां और दस्त तो किसी न किसी को लगा ही रहेगा……
 
Sheeba Aslam Fehmi Achha kiya jo ye sab likha Anas.
 
Chandramauli Pandey ख़ुर्शीद सर एक बेहद संजीदा,ईमानदार और सम्मानित ब्यक्ति है,फ़ेसबुक पर जो लोग उनके बेदाग़ चरित्र पर कीचड़ उछाल रहे है उनमें ज़्यादातर वही लोग है जिन्हें हगना मूँतना भी ख़ुर्शीद भाई ने ही सिखाया है।ये वे लोग है जो जिसका खाते है उसी को गरियाते है।एसे लोगों के चरित्र पर शर्म आती है जो रामनामी ओढ़ कर वेश्या की दलाली करते है।लेकिन ये लोग नही जानते कि ख़ुर्शीद किस मिट्टी के बने है-
वो सूरज है अँधेरा चीर कर हर रोज़ निकलेंगे
उन्हे क्या रोक पाएँगे उजाला रोकने वाले।।
 
Adnan Kafeel Rahi ये बहुत बुरा हो रहा है. खुर्शीद अनवर एक बेहतर इंसान हैं. असहमतियां अपनी जगह हैं.
 
Ayesha Khan bina tathyo k kisi vyakti vishesh ya kisi jaati, dharm, ya kisi bhi sanstha pe ilzam lagana behad hi sharmnaak hai, #Khurshid_Anwar sahab k baare me padh kar thoda dukh hua, lekin is ghatna kram ne kahi na kahi unko aaina dikhaya hai, jo galtiya woh apne lekh me karte hain, woh hi unke sath hua, isse unhe sabak lene ki zaroorat hai, aur aainda se jab bhi woh koi lekh liye woh chahe jis topic pe ho, usme di hui daleelo k sath saakshy bhi rakhe, taaki baat aaine ki tarah saaf ho jaye….

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