नई दिल्ली : दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को फास्ट ट्रैक कोट्र में 16 दिसम्बर के गैंगरेप मामले की रोज की सुनवाई के दौरान मीडिया की उपस्थिति को मंजूरी दे दी। न्यायाधीश राजीव शाकधर ने पत्रकारों की उस याचिका का स्वीकृति दे दी है, जिसमें खुले में सुनवाई की मांग की गई थी। उन्होंने त्वरित अदालत को यह निर्देश दिया है कि वह प्रत्येक मीडिया प्रतिष्ठान से एक प्रतिनिधि को आने की इजाजत दें।
उन्होंने अपने आदेश में कहा कि न्यायालय प्रत्येक मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय समाचार पत्रों के एक प्रतिनिधि पत्रकार को अदालत में आने की अनुमति देगी। याचिकाकर्ता इनमें से कुछ का प्रतिनिधित्व करते हैं। न्यायालय ने हालांकि, मीडिया पर कुछ प्रतिबंध भी लगाए हैं। इसके मुताबिक, मीडिया पीड़िता, उसके परिवार के सदस्य और सुनवाई के दौरान आए गवाह का नाम सार्वजनिक नहीं करेगी। पुलिस द्वारा मीडिया के लिए जारी निर्देश को रद्द करते हुए न्यायाधीश शाकधर ने कहा कि अदालत के निर्देशानुसार पत्रकार सुनवाई की उन बातों को सार्वजनिक नहीं करेंगे, जिसे सार्वजनिक किए जाने से उन्हें मना किया जाएगा।
गौरतलब है कि पहले कोर्ट एवं पुलिस सुरक्षा एवं चीजों के मद्देनजर मीडिया को सुनवाई के दौरान कोर्ट में मौजूद रहने पर पाबंदी लगा दी थी। इसके बाद कुछ पत्रकार इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हनन बताते हुए हाई कोर्ट में याचिका दायर कर खुले में सुनवाई किए जाने की मांग की थी, जिसके बाद कोर्ट ने यह फैसला सुनाया है।






