केजरीवाल एंड कंपनी, एजेंडा पत्रकारिता और कुछ तथ्य

Yashwant Singh : सोमनाथ भारती और केजरीवाल ने मीडिया वालों को गरिया क्या दिया, कुछ मीडिया वालों की सुलग गई.. न्यूज नेशन के अजय कुमार और एबीपी न्यूज के विजय विद्रोही लगे अपने कथित सरोकारी तेवर का प्रदर्शन करने… लगे प्रमाण मांगने और 'आप' को सबक सिखाने… अरे अजय और विद्रोही जी… सच्चाई आप भी जानते हैं, काहें मुंह खुलवाते हो… वैसे, मुंह खुलवाने की भी क्या जरूरत है…

मुझे पता है कि आप सभी छुप छुप के भड़ास http://www.bhadas4media.com पढ़ते हो और यहां प्रकाशित होने वाली मीडिया की अंधेर नगरी के किस्सों से खूब वाकिफ हो… न्यूज नेशन किसका चैनल है, इसमें किसका पैसा लगा है, इस चैनल के परदे के पीछे कौन है… यह अगर किसी को न पता हो तो कोई बात नहीं… लेकिन हम सब तो जानते हैं… चैनलों के जरिए कैसे ब्लैक को ह्वाइट किया जाता है, यह आपको बताने की जररूत नहीं है…

एजेंडा पत्रकारिता के इस दौर में कोई भी न्यूज चैनल यह नहीं कह सकता कि वह निष्पाप है और किसी एजेंडे के तहत नहीं बल्कि जनता के लिए पत्रकारिता करता है… न्यूज नेशन भी नहीं… जब किसी नेता के पास अकूत संपत्ति और अकूत ब्लैकमनी हो जाया करती है तो वह अपना मीडिया हाउस खोल लेता है, सीधे या छिपे नाम से.. ताकि एक तो वह अपने हिसाब से एजेंडा पत्रकारिता कर अपनी पार्टी व अपने पक्ष में जनमत तैयार कर सके, दूसरे इन चैनलों की आड़ में अपनी विशाल ब्लैक मनी को ह्वाइट कर सके…

अगर नैतिकता है तो आप लोग खुद मांग करिए कि सभी न्यूज चैनलों की आडिटिंग सीएजी यानि कैग के जरिए कराई जाए.. अगर निजी बिजली कंपनियों का आडिट सीएजी के जरिए होने पर मुहर लग चुकी है तो चौथे स्तंभ जैसे संवेदनशील खंभे का आडिट क्यों नहीं होना चाहिए… दलालों, बिल्डरों, चिटफंडियों, ब्लैकमार्केटियरों, भ्रष्ट नेताओं, करप्ट अफसरों, कारपोरेट घरानों के पैसे पर चलने वाले इन न्यूज चैनलों की असलियत जनता जानती है. कहीं अंबानी का पैसा किसी चैनल में लगा है तो कहीं बिड़ला घराना खुद ही मीडिया हाउस चला रहा है… दर्जनों कार्पोरेट घराने मीडिया मालिक बन चुके हैं और बड़े चैनलों अखबारों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से संचालित कर रहे हैं.. ऐसे में अगर कोई कार्पोरेट टाइप एंकर या पत्रकार यह चिल्लाए कि मीडिया पर कैसे आरोप लगा दिया तो उसे विशुद्ध मूर्ख व बेवकूफ ही माना जा सकता है, इसके अलावा कुछ नहीं. वैसे भी, लाखों की सेलरी लेकर एंकरिंग करने वालों से यह अपेक्षा मालिक तो करता ही है कि वह जोर-जोर से बोल के, आंखें तरेर तरेर के एंकरिंग करे ताकि लोगों को भ्रम बना रहे कि यह चैनल तो बड़ा दबंग है

एबीपी न्यूज में एक महिला ने खुलेआम यौन शोषण का आरोप लगाया लेकिन विद्रोही जी के मुंह से विद्रोह के बोल न फूटे… ऐसे सभी पत्रकार, न्यूज चैनल जब एकजुट होकर अपने मालिकों के अघोषित निर्देश पर आम आदमी पार्टी पर टूट पड़ते हैं, आम आदमी पार्टी के लोगों के हगने-मूतने से लेकर छींकने-पादने तक पर खबर, बाइट, न्यूज, पैकेज, शो, डिस्कशन करने लगते हैं तो शक तो होता ही है कि पार्टनर, आखिर आपकी पालिटिक्स क्या है..

विधानसभा चुनाव चार-पांच प्रदेशों में हुए हैं.. लेकिन मीडिया सिर्फ केजरीवाल एंड कंपनी का पोस्टमार्टम कर रहा है… शिवराज सिंह चौहानों, रमन सिंहों, वसुंधारे राजों जैसों को तो इन मीडिया वालों ने 'एवमस्तु' कह दिया है… अभी ओम थानवी जी ने लिखा था कि वसुंधरा राजे ने वन माफिया के पक्ष में एक पुराने कानून को यह कहकर पलट दिया कि इस पलटने से आदिवासियों को फायदा होगा. ( देखें लिंक: http://www.bhadas4media.com/vividh/17442-2014-01-25-07-32-22.html )…

शंकराचार्य ने पत्रकार को खुलेआम मार दिया, कहीं कुछ नहीं हुआ…. एफआईआर तक नहीं हुआ क्योंकि एक तो हिंदू धर्म के बाबा का मामला था, सो बीजेपी कुछ बोलेगी नहीं. दूसरे, बाबा के गुरु कांग्रेसी दिग्विजय सिंह थे, जिन्होंने पिट चुके पत्रकार को शराबी बता दिया और उसके मालिक को माफी मांगने के लिए सार्वजनिक रूप से चेता दिया तो भला किस मीडिया घराने की हिम्मत कि वह शंकराचार्य से पिटे व पीड़ित पत्रकार को न्याय दिलाए… सो, सब ऐसी चुप्पी साध गए जैसे कुछ हुआ ही नहीं हो… सब के सब माइक आईडी लेकर केजरीवाल, सिसोदिया, भारती, राय के पीछे दौड़ते भागते रहे क्योंकि मालिकों के एजेंडे के तहत केजरीवाल एंड कंपनी को बदनाम, बेकार, घटिया, दुश्मन बताना साबित करना जो है….

हालिया चुनाव वाले भाजपाई शासित राज्यों में दर्जनों बड़े, खूंखार, गंभीर मसले हैं.. करप्शन से जुड़े, जनता पर अत्याचार से जुड़े, शासन-सिस्टम के पंगु होने से जुड़े.. पर कार्पोरेट मीडिया को केजरीवाल पर इसलिए पिलना है क्योंकि मोदी के पक्ष में खजाना खोलकर बैठे कार्पोरेट घरानों ने मीडिया की दशा-दिशा को तय कर दिया है.. यह सिर्फ संयोग नहीं है कि एक तरफ मीडिया केजरीवाल को पीट-पीट कर बेदम करने में लगा है तो दूसरी तरफ मोदी के पीएम बन जाने वाले सर्वे दिखाकर बीजेपी को फुलाने में लगा है…

मीडिया वालों, अगर तुम लोगों के पास अपनी मौलिक अकल, ओरीजनल आंख होती तो तुम्हें पहले ही पता चल गया होता कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी वालों की अंडर करंट चल रही है.. मौलिक अकल और ओरीजनल आंख न होने के कारण ही मीडिया वाले दिल्ली विधानसभा से संबंधित अपने सर्वे में केजरीवाल एंड कंपनी को इकाई-दहाई यानि 9 सीट या दस सीट के बीच समेट रहे थे..

पर जनता सच में बहुत समझदार होती है. जनता के पास एक सिक्स्थ सेंस होता है. जनता के पास कपार के पीछे एक तीसरी आंख भी होती है. वो सारी नौटंकी और निशाने को समझ रही है. लोकसभा चुनाव में अभी कई महीने बाकी हैं.. देखते रहिए, मीडिया और नेताओं के केजरीवाल विरोधी अभियान का जवाब जनता किस रूप में देती है…

कहा सुनी लेनी देनी माफ के साथ आप सभी की जय जय…

भड़ास के एडिटर यशवंत सिंह के फेसबुक वॉल से.  फेसबुक पर यशवंत से संपर्क https://www.facebook.com/yashwant.bhadas4media या https://www.facebook.com/yashwantbhadas के जरिए किया जा सकता है.


उपरोक्त स्टेटस पर आए कुछ कमेंट इस प्रकार हैं….

Sheetal P Singh शाबाश
 
Shammi Harsh जागरूक जनता सबको झाडू से जवाब देगी
 
Murlie Prithyani एक जैसी बातों पर घंटों न्यूज़ चैनल वाले बेमतलब की बहस करते है .. उन्हें तो इस बात की भी परवाह नही कि " अंजानी राहो में चलते जाने वाले " फ्लेवर कंडोम के विज्ञापन बच्चे भी देखते है .. क्या वे कोई ऐसा प्रोग्राम भी करना चाहते है जिसमे बच्चों से यह पूछ सके कैसे लगते है आपको चोकलेट फ्लेवर के विज्ञापन ..

Anil Dixit Lakh takke ki baat…
 
Shailendra Singh जनता समझदार है ,
 
Vimal Kumar पत्राकारों और मीडिया की कलाई खुलनी ही चाहिए.बहुत गंदगी है इसमें भी
 
Trilochan Rakesh जय जय ।
 
A Ram Pandey कमाल का लेखन है दमदार!
 
Usmaan Siddiqui मुझे नहीं पता न्यूज़ नेशन किसका चैनल है..? यशवंत भाई…स्पष्ट करने की कृपा करें..?

Shailesh Tiwari जय जय यसवंत भाई खरी खरी बोलना तो आपसे सिख रहे है हम, अभी बेबाकी नहीं आ पाई है। घुमाके जो मारा है आपने, जनता सब जानती है।

Deepu Naseer न्यूज़ नेशन का मालिक कौन है ?
 
Ram Dayal Rajpurohit sacchi bat ji
 
Yashwant Singh यही तो रहस्य है कि न्यूज नेशन का मालिक कौन है.. चैनल दर चैनल लांच हो रहे हैं और पत्रकारों की भर्तियां चल रही है पर बहुत सारे लोगों को पता ही नहीं है कि आखिर कौन है भाई जो अरबों खरबों रुपये चैनल में लगा रहा है, बिना लाभ की इच्छा रखे… 🙂 बूझो तो जाने….

Sanjay Tiwari कपार के पीछे तीसरी आंख. गजब.

Dhananjay Singh कपार में भी कुछ है?

Pranaw Awasthii ये पते की बात कही चौथा स्तंभ मानी जाने वाली मीडिया को अपने गिरेबाँ में झाँकने की जरुरत है…
 
Peeyush Singh Rao Yashwant Singhआप यह क्यों भूलते हो की पांच राज्यों में चुनाव हुए पर जितना महिमा मंडन "आप"और केजरीवाल का हुआ उतना किस का हुआ! जबकि दुसरे राज्यों में उनसे कही ज्यादा बहुमत से सरकारें बनी। वास्तविकता तो यह है कि जिस मीडिया की केजरीवाल एंड कंपनी आदि हो गई थी उसी का दुष्परिणाम अभी हो रहा है। क्या ibn7 के आशुतोष अपने रुतबे के हिसाब से मीडिया को प्रभावित नही कर रहे होंगे या करेंगे?
 
Yashwant Singh पीयूष सिंह राव. आप ठीक से पढ़ें. मैंने लिखा है कि मीडिया को अंदाजा ही नहीं था कि आप वाले इतनी सीट पा जाएंगे. दूसरे, मीडिया को केजरीवाल में टीआरपी दिख रहा था, सो वो चला रहे थे… अब जब मालिकों का आदेश आ गया है तो टीआरपी वीआरपी भूलकर केजरीवाल निपटाओ मुहिम में लगे हुए हैं.. जहां तक आशुतोष की बात है तो भाई… चैनल से विदाई के बाद पत्रकार ढक्कन हो जाता है क्योंकि चैनल के भीतर जो आका होते हैं, वो अपने मालिकों के हिसाब से चैनल चलाते हैं.. किसी पत्रकार के कहने या दोस्ती यारी में नहीं…
 
Sanjay Chandna सही लिखा… यशवंत भाई…..
 
Amit Maurya Bhaiya chaple raha
 
मधेपुरा टाइम्स जबरदस्त विश्लेषण…और खुलासा.

Sadique Zaman yashwant bhai ki jai ho.

Aap Ka Praveen behtareen lekhan aur molikta ka parichay ….. god bless ur writing skill ….
 
Kunal Krishna yashwant ji badhai ke para hai
 
Ramanuj Singh आप बिल्कुल सही कह रहे हो सर

माधो दास उदासीन बेहतरीन लेख
 
Soban Singh Bisht मोदी सभी की उम्मीद की किरण है और केजरीवाल उसमे पलीता लगा रहे है,विरोध तो होगा ही।
 
Rajaram Legha Neera radiya case main bhi kuch ptrkaron ka name aaya tha
 
TC Chander सुलग गई..?
 
Ajay Kumar Srivastava Abhi share kar raha hu taaki aapki aawaaj ko pdh kr aauro ko bhi is sachaai ka pta chle.
 
Maahi Mk वाकई गजब है ।
 
Vikrama Singh आप को गणतन्त्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं ।
 
A.p. Soni यशवंत जी अयोध्या में पत्रकारिता दिवस पर हमारी आपकी मुलाकात में आपने मुझसे बात की थी और तब मैं अपने संबोधन में इसी विषय को प्रमुख रूप से विवशता के साथ उठाया था कि हम अगर कुछ करना चाहते हैं तो ऊपर वाले करने नहीं देते… तब आपने एक बात कही थी कि आप सच्चाई को प्रमुखता से उठाइये आपके यानि हम लोगों के पास अपनी आवाज़ उठाने के लिए कई माध्यम हैं.. आपके मार्गदर्शन को मैं आज भी फालो कर रहा हुं…

Ashim Kumar Singh Thanks jaswant singh ji…….ur this realty thought really required for the nation.we should attempt to empower on priority basis.some body may take it as ur an advocacy for Aap party or kejriwal. But as I think , if right not more than an example…thnx again….Ashim Patna.

Amar Nath Jha Yashwant Singh , I very often read your posts and find that you are very close to the sentiments of common people — Aam Adami — you are blunt and ruthless. But I really like your this very ruthlessness. I also do have personal experience of corrupt media personnel for the last three decades. But all are not bad in the media. There are wonderful and committed reporters in media too, specially in the print media.

Ajit Harshe शायद मीडिया वालों को शंकराचार्य ही रास आते हैं!
 
Rajesh Singh यशवंत भाई आपकी बेबाकी को सलाम
 
Syed Quasim bhadaas ka hona b in sb ko khatakta hai..
 
Prabhat Dixit आज बहुत दिन बाद पूरे रंग तरंग में नज़र आये हो साहब….बहुत खूब लिखा …ज़ोरदार
 
Pawan Rajput Wah yaswant ji, Bhut din bad barse pr sahi time pr,,,
 
Abhishekh Tripathi बात मे दम तो है सर…किँतु पत्रकार भी तो मजबुर हे … जिसका नमक खाएगा उसकी बजाएगा भी..। 😐
 
Sanjaya Kumar Singh समझदार तो मीडिया वाले भी हैं। लाला और उनके यहां मोटी तनख्वाह पर काम करने वाले भी। कोई कुछ नहीं बोलेगा। सब का एजंडा है। जैसे कांग्रेस समर्थन वापस नहीं लेगी वैसे ही मीडिया वाले ऐसे मामलों में मुंह नहीं खोलेंगे। इसपर बहस नहीं कराएंगे।
 
मो॰ जावेद YES YASHWANT SAHAB…… "AAP" AUR AAPNE SATAK MARA
 
शेखर त्रिपाठी good sir. you are a real journalist and real journalism. thx for pole khole abhiyan.
 
Narendra Mishra Vaah G.. Saraahneeya .
 
Amit Chauhan Sabse tej hone ka dava karne wale ye kukurmutte chennel sirf corporate ki aguwai karte ha ye bajarwadi media ha.
 
Jai Prakash Tripathi लोकसभा चुनाव में 'आप' जीते या हारे, वह भी अब ज्यादा दूर की बात नहीं रह गयी है, नाई भाई कितने बाल, जैसे दिल्ली में सामने आ गये थे, वही इतिहास देश देुहराने के लिए बेताब बैठा है, जैसे शीला बहन आज कल मार्निंग वॉक कर रही होंगी, डॉक्टर साहब कटीली मुस्कान से झूठ के फव्वारे छोड़ रहे होंगे, उसी तरह दूसरे जनाब के भी सफेद दाढ़ी मुड़वाने का समय आ रहा है। छोटे कुंअर तो मुड़वा चुके। दीदी के पीछे पीछे डोल रहे हैं। बेचारे दोनो पूंजीपतियों के लिए अरबों की सौगात देते रहते हैं, उनके लिए रात दिन जीते मरते रहते हैं, घूम घूम कर सर्कस दिखाते रहते हैं, तो इतना फर्ज तो उन थैलीशाहों का भी बनता है कि जनता को उल्लू बनाने के दिग्विजय पर निकले इन झूठो-मक्कारों को सरमायेदार भी खाद-पानी देकर थैली तर रखें और उनके पैसे पर पल रहे पत्तलचटोर चैनल वाले झूठ पर झूठ, झूठ पर झूठ, झूठ पर झूठ झूठ पर झूठ…….झुट्ठे कहीं के, धत्त ….विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को छह सीटें दिलवा रहे थे…क्या करें बेचारे चैनल के चमाचम चेहरे वाले और गंदी बोल के पत्रकार, कागज के फूल सूंघना उनकी मजबूरी है, आपने ठीक लिखा है कि सच तो वे भी जानते हैं, लेकिन उनमें भी कई वीररस का कवि बनते डोलते रहे हैं तो उनका चेहरा आपने ठीक ही नंगा किया है, इसके खिलाफ अभियान जारी रहना चाहिए…जर्नलिज्म जिंदाबाद….
 
Suresh Gandhi solaho aana sach…sach likhne v bolne pr patrakar pr jurm dhaya ja rha..ghar bar loot liya gaya..bachcho ki padhai chaupt ho rhi lekin kuchh ko chhod de to sab maun hai..jhuth ki bunigad pr hm pr sarkari gunde kahar dhaha rhe hai…
 
Suresh Kr Singh सर आप पता करिए न्यूज़ नेशन का मालिक कौन है आप ही हथियार डाल देगे तो हम लोगो को पता कैसे चलेगा।।
 
Suresh Gandhi bhaija koi kuchh bhi chala le dikha de public sab janti hai…mauka aane dijie sab hawa ho jayenge..dilli ho ya up pulis k gundai sab jante hai..up me sapa k to vo hsra hone wala hai ki ventilater bhi nasib nhi hoga…
 
Suresh Gandhi jai prakash ji sahi kaha apne..car v bangle k alava chhote chhote karkrmo pr karono fukne wale ab nhi chahte ki koi riksha chalane wala hospital ka udghatn kre…
 
Suresh Gandhi sach likhne pr sarkari gundo ne ek saptah k ander gunda act..jilabadar kr 16 sal ki puri grihsthi loot li..highcort k stay k bavjood pakd kr sare rah mara pita..pair m kil thok diya..bal ukhad liya..ab jb maine 156(3) k taht rapat likhai hai to pulis mere loote hue samano ki baramdgi nhi kr rhi hai..bachho ki padhai likhai chaupt hi rhi hai..lukhnow k kai sanghthano s shikat ki lekin sarkar ki chamchai ke chalte sab maun hai…
 
Shakur Khan आप बिल्कुल सही कह रहे हो सर
 
Sandeep Verma तगड़ी खरी खोटी . यशवंत जिंदाबाद .भड़ास जिंदाबाद
 
Mohd Rais आप ने कह के ले ली…शब्द चयन के लिए क्षमाप्रार्थी….
 
Amrita Maurya Very true !! Now media is coming in front of mirror, rather showing the mirror to others. Half hidden reflections are not actual images…..curtain is raising slowly-slowly…..Ibtidaye eishk hai rotaa hai kya, aage,aage dekhiye hota hai kya !!!!
 
Akhilesh Akhil baklol patrakaro ko kyo shiksha de rahe hai yashvant bhai.
 
Suhel Ahmad Siddiqui Yashwant bhai aap ne goya mere dil ki baat kah di. Bahot afsos hota hai is baat par ki desh ki adhisankhya janta itni bholi hai ki media ki jhooti hawa ko sahi maan leti hai. Media is behaving like a prostitute.
 
Latif Kirmani Exellent analysis SHABASH !!!!!


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