केजरीवाल के करप्शन विरोधी फंदे में वो फंस रहे जिनसे देश को खतरा नहीं

Yashwant Singh : सौ, दौ सौ, चार सौ, हजार रुपये लेने वाला घूसखोर चपरासी, सफाई वाला, मीटर रीडर, सिपाही इस देश के लिए खतरा नहीं हैं. ये छोटे पदों के लोग इन पैसों को स्विटजरलैंड में जमा करने नहीं ले जाते बल्कि इन पैसों का चलन देश में ही होता रहता है.. वे इनसे सब्जी या फल या दूध या दारू या दवा या साड़ी या कपड़ा या कुछ ऐसा ही खरीदते व घर ले जाते हैं..

खतरा उन बड़े पदों पर बैठे रिश्वतखोरों से है जो रिश्वत लेते हुए कभी नहीं दिखते और न ही कभी कोई उनका स्टिंग कर सकता है.. उन्हें रिश्वत के पैसे हवाला से मिल जाते हैं… उन्हें रिश्वत के पैसे फ्लैट गिफ्ट के रूप में मिल जाते हैं.. उन्हें रिश्वत के पैसे किसी उनके नजदीकी मिडिलमैन के जरिए मिलते हैं… ये लोग ज्यादा खतरनाक हैं क्योंकि इनका पैसा अमूमन भारत से बाहर के बैंकों में जमा होता है और ब्लैकमनी में तब्दील हो जाता है.. वो पैसा भारत में प्रवाह में नहीं रहता, इसलिए उस पैसे की कमी से भारत को व आम जन को झेलना पड़ता है.. दुखद ये है कि केजरीवाल के करप्शन विरोधी हेल्पलाइन से जो पकड़ में आ रहे हैं वो सफाई वाले, चपरासी टाइप के निरीह निचले पदों वाले लोग ही आ रहे हैं…

भड़ास के एडिटर यशवंत सिंह के फेसबुक वॉल से.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *