केबल ऑपरेटरों के विरुद्ध ट्राई पहुंची कोर्ट

केबल ऑपरेटरों के खिलाफ टेलीकॉम रेगुलटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) अदालत में चली गई है। उन पर आरोप है कि वे मल्टी सिस्टम ऑपरेटरों (एमएसओ) को सेट टॉप बॉक्स सब्सक्राइबर की डिटेल्स नहीं दे रहे हैं। ये डिटेल्स केबल टीवी सर्विसेज के डिजिटाइजेशन में जवाबदेही तय करने के लिए जरूरी है।

चीफ मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट विद्या प्रकाश के सामने आई शिकायत में ट्राई ने कहा है कि केबल ऑपरेटर डिजिटल एड्रेसेबल केबल टीवी सिस्टम (डीएएस) लागू करने से संबंधित नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। डीएएस में सेट टॉप बॉक्स को सब्सक्राइबर के टीवी सेट के साथ कनेक्ट करना होता है। शिकायत एक दर्जन से ज्यादा केबल ऑपरेटरों के खिलाफ की गई है। ट्राई ने कहा है कि डीएएस को सिलसिलेवार ढंग से लागू करने की कवायद के तहत जरूरी है कि केबल ऑपरेटर सब्सक्राइबर की सर्विस की चॉइस और बुके सहित उनके डिटेल मेंटेन करें, लेकिन वे ऐसा नहीं कर रहे हैं। इन्हें एमएसओ के पास भी फॉरवर्ड नहीं किया जा रहा है, जबकि जवाबदेही तय करने के लिए ये डिटेल्स जरूरी हैं।

ट्राई ने मई 2012 में 'स्टैंडर्ड्स ऑफ क्वालिटी ऑफ सर्विसेज' तैयार किया था, जिसमें कंज्यूमर लेवल पर सर्विस की क्वालिटी दुरुस्त करने के लिए केबल टीवी कनेक्शन, डिस्कनेक्शन, ट्रांसफर, शिफ्टिंग, सब्सक्राइबर की शिकायत दर्ज करना और उसका निपटारा करना, सेट टॉप बॉक्स खरीदना, सप्लाई करना, चैनल की पोजीशन चेंज करना, बिल पेमेंट और केबल ऑपरेटरों और एमएसओ की जिम्मेदारी तय करना जैसी चीजें शामिल हैं। स्टैंडर्ड्स ऑफ क्वालिटी सर्विसेज के एक प्रोविजन के मुताबिक, केबल ऑपरेटरों के लिए कंज्यूमर इंफॉर्मेशन मुहैया कराना जरूरी है। ट्राई ने पहले फेज में चार मेट्रो में सेट टॉप बॉक्स लगाने में हुई प्रगति की समीक्षा में कहा था कि सभी लिंक्ड ऑपरेटर सीडेड और ऑपरेशनलाइज्ड सेट टॉप बॉक्स की कुल संख्या, सब्सक्राइबर की चॉइस, बुके जैसी जरूरी कंज्यूमर डिटेल नहीं दे रहे हैं। (पीटीआई)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *