कोर्ट से जुर्माने की सजा पाए अमर उजाला के पत्रकार की संपादक से शिकायत

शाहजहांपुर। पत्रकारिता का स्तर दिनों दिन गिरता जा रहा है। यह चिंता का विषय है। पत्रकारिता का स्तर सुधारने के पीछे अखबारों का बाजारीकरण ही मुख्य वजह है। अखबार निकालने वाले संस्थान बिना छानबीन के किसी को भी संस्था में काम करने के लिए रख लेते हैं। कुछ आपराधिक प्रवृति को लोग भी पुलिस से बचने के लिए अखबार के पत्रकार के रूप में साथ जुड़ जाते हैं। शाहजाहंपुर में भी कोर्ट से जुर्माने की सजा पा चुके व्यक्ति को अमर उजाला ने तहसील संवाददाता के बना दिया।

मामला प्रकाश में आने पर इस की शिकायत संपादक से की गई है। अमर उजाला शाहजहांपुर की पुवायां तहसील में हरीओम त्रिवेदी तहसील संवाददाता (तहसील प्रभारी) के रूप में काम कर रहे हैं। हरीओम त्रिवेदी पर आरोप है कि 20 नबम्बर 1999 को उनके टैम्पू (यूपी 27 सी 5016) से खुटार के मोहल्ला इंदरानगर निवासी नलकूप विभाग के लिपिक अखिलेश शुक्ला की मौत हो गई थी। मृतक की पत्नी रामरमा ने टैम्पू मालिक और ड्राइवर के खिलाफ खुटार थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। मृतक की पत्नी रामरमा ने अपर जिला जज कोर्ट संख्या 6 में दुघटना में हरीओम के टैम्पू से पति की मौत के बाद क्लेम के लिए वाद दायर किया।

केस की सुनवाई करते हुए अपर जिला जज आलोक कुमार बोस ने दोनों पक्षों के वकीलों की दलील सुन्ने के बाद दिनांक 10 अप्रैल 2003 को टैम्पो मालिक हरीओम त्रिवेदी पर 645500 (छह लाख पैंतालिस हजार पांच सौ) रुपये का जुमाना 6.5 प्रतिशत ब्याज के साथ पीडित को अदा करने का आदेश दिया है। हरीओम त्रिवोदी के खिलाफ थाने में दर्ज कराय गया मुकदमा आज भी कोर्ट में विचाराधीन है। अमर उजाला के संपादक को अंधेरे में रखकर हरीओम ने संस्थान में नौकरी पाई। शिकातकर्ता ने हरीओम पर डग्गामार वाहनों से अवैध वसूली करने का भी आरोप लगाया है। इस पूरे मामले की शिकायत अमर उजाला के संपादक दिनेश जुयाल से की गई है।

संपादक को भेजा गया शिकायती पत्र.

सेवा में,
श्रीमान सम्पादक महोदय
अमर उजाला बरेली

विषय- कोर्ट से जुर्माने की सजा पा चुके हरीओम त्रिवेदी द्वारा संस्थान को अधेरे में रखकर नौकरी पा लेने के संबध में

महोदय,
            
सविनय निवेदन है कि आपके सम्मानित दैनिक समाचार पत्र अमर उजाला बरेली के शाहजहांपुर संस्करण की पुवायां तहसील प्रभारी के पद पर काम करने वाले खुटार के मोहल्ला रायटोला निवासी श्री हरिओम त्रिवेदी पुत्र श्री बाबूराम त्रिवेदी कई साल पहले टैंपो चलवाते थे, श्री त्रिवेदी के टैम्पो संख्या यूपी-27 सी 5016 से 20 नबम्वर 1999 में खुटार के मोहल्ला इंदिरानगर निवासी नलकूप विभाग के वरिष्ठ लिपिक श्री अखिलेश शुक्ला की मौत हो गई थी। चूंकि श्री त्रिवेदी टैम्पो मालिक थे, इसीलिए स्व. शुक्ला की पत्नी श्रीमती रामरमा ने उनके खिलाफ थाने पर मुकदमा दर्ज करने के साथ ही क्लेम के लिए अपर जिला जज कोर्ट संख्या 6 में वाद भी दायर कर दिया था। थाने पर दर्ज कराया गया मुकदमा कोर्ट में चल रहा है। जबकि मोटर दुर्घटना प्रतिकर याचिका पर 10 अप्रैल 2003 में अपर जिला न्यायाधीष कोर्ट संख्या 6 श्री आलोक कुमार बोस ने श्री त्रिवेदी व चालक छविनाथ को हादसे के लिए जिम्मेदार मानते हुए पीडि़त परिवार को 6,45,500 रुपये का जुर्माना 6.5 प्रतिशत ब्याज की दर से देने के आदेश दिए। इसके बाद श्री त्रिवेदी अमर उजाला से जुड़ गए और स्वय तथा अपने साथियों के साथ मिलकर अखबार का सहारा लेकर तमाम अवैध कार्य करने शुरू कर दिए। इसका एक उदाहरण सवारी भराई के नाम पर डग्गामार वाहन चालकों से अवैध वसूली (गुंड़ा टैक्स) भी है जो श्री त्रिवेदी से जुड़े एजेंसी होल्डर श्री दिनेश पांडेय निवासी मोहल्ला बगियानाथ खुटार के द्वारा की जा रही है।
महोदय ऐसे में कोर्ट से जुर्माने की सजा पाने वाले श्री हरिओम त्रिवेदी तथा वाहन चालको से अवैध वसूली करने वाले श्री पांडेय सम्मानित समाचार अमर उजाला में काम कर संस्थान को भी बदनाम कर रहे है। अमर उजाला से जुडे ऐसे व्यक्तियों की गोपनीय जांच कराकर उन पर कार्रवाई करने की कृपा करें। जिससे संस्थान की भी बदनामी होने से बच सके।

भवदीय

सुशील शुक्ला
पुत्र रामजपे शुक्ला
निवासी मोहल्ला सुभाषनगर
शाहजहांपुर
मोबाइल नं. 9452095122

शाहजहांपुर से भेजे एक मेल पर आधारित.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *