कोलकाता गैंगरेप पीड़िता ने आत्महत्या नहीं की, उसे जिंदा जलाया

कोलकाता: कोलकाता में सामूहिक दुष्कर्म की पीड़िता की कथित आत्महत्या मामले में नया मोड़ आ गया है। पीड़िता के परिजनों ने बुधवार को कहा कि उनकी बेटी ने आत्मदाह नहीं किया बल्कि बलात्कारियों ने उसे जिंदा जला दिया। पीड़िता की मां ने बुधवार को कहा कि उनकी बेटी ने मृत्यु पूर्व पुलिस को दिए अपने बयान में कहा है कि उसे जिंदा जलाया गया है।
 
पुलिस ने पीड़िता के द्वारा बयान दिए जाने की पुष्टि की है। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त निंबालकर संतोष उत्तमराव ने कहा कि चिकित्सक और पुलिस अधिकारी के समक्ष मृत्यु पूर्व दिए अपने बयान में पीड़िता ने दो व्यक्तियों रतन सिल और मिंटा सिल पर उसे जलाए जाने का आरोप लगाया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। मामले में अभी तक छह आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है।
 
पीड़िता के परिजनों का कहना है कि उस पर घटना के दिन मामले को वापस लेने के लिए धमकी देने कुछ युवक आए थे जिन्होंने उसे घर में अकेला पाकर उसके शरीर में आग लगा दी और घर बंद करके चले गए। पीडिता को 23 दिसम्बर को अस्पताल में भर्ती कराय गया था और उसके एक सप्ताह बाद उसने दम तोड़ दिया।
 
वहीं पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा दुष्कर्म की शिकार पीड़िता का जबरन अंतिम संस्कार कराए जाने को लेकर राज्य में राजनीतिक तूफान शुरू हो गया। पीड़िता के साथ अक्टूबर माह दो बार दुष्कर्म किया गया था। शुरू में कहा गया था कि उसे बार-बार मामले को वापस लेने की धमकी दी जा रही थी, और ताने मारे जा रहे थे जिसके चलते उसने आत्महत्या कर ली।
 
पीड़िता के परिजनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बुधवार को अपना विरोध दर्ज कराते हुए राज्यपाल से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। पीड़िता के पिता ने राज्यपाल एम के नारायणन से मिलकर आरोपियों को मौत की सजा दिलवाने की मांग की। वहीं वाम मोर्चा ने पीड़िता के परिवार को ही प्रताड़ित किए जाने की निंदा करते हुए राज्य भर में जुलूस निकालने का फैसला किया है।
 
पुलिस ने पीड़िता के परिवार को प्रताड़ित किए जाने के आरोपों से इंकार किया है। इस बीच राष्ट्रीय महिला आयोग ने मामले पर संज्ञान लिया है। आयोग का कहना है कि वह पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से इस मामले में सरकार द्वारा की गई कार्रवाई पर रिपोर्ट तलब करेगा।

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