क्या अमर उजाला अखबार को नवीन जिंदल ने खरीद लिया?

एक जोरदार कानाफूसी इन दिनों मीडिया हलके में यहां से वहां पंख लगाकर उड़ रही है. चर्चा है कि अमर उजाला अखबार को नवीन जिंदल ने खरीद लिया है. डील की रकम सात सौ करोड़ के आसपास बताई जाती है. इस चर्चा को पंख और ज्यादा तब लगे जब फेसबुक पर एक पत्रकार इंदु शेखावत ने यह स्टेटस डाला:

''सनसनीखेज खबर… कई दिग्गज पत्रकारों पर गिरेगी गाज… यूपी के सबसे बड़े अखबार में भारी पैमाने पर उथल-पुथल होने वाली है। यूपी के अलावा दिल्ली समेत कई राज्यों में इसका प्रकाशन है। कई दिग्गजों को बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है। सुनने में आया है कि यह अखबार बिक गया है। इसके लिए काफी पहले से प्रयास किए जा रहे थे। कई सौ करोड़ रुपये में डील हो चुकी है। इसे एक सांसद ने खरीदा है जो बहुत बड़े उद्योगपति भी हैं। देश के एक बड़े घोटाले में भी इन सांसद महोदय का नाम है और सीबीआई जांच भी इनके खिलाफ चल रही है।''

जब उपरोक्त चर्चा के बारे में भड़ास4मीडिया ने थोड़ी गहराई से पड़ताल की तो पता चला कि मामला अमर उजाला अखबार से संबंधित है और डील नवीन जिंदल के साथ होने की चर्चा है. नवीन जिंदल ने जबसे जी न्यूज से पंगा लिया है और जी न्यूज वालों ने नवीन जिंदल के खिलाफ मुहिम शुरू कर दी है, तबसे जिंदल मीडिया में बड़े पैमाने पर सक्रिय होने का इरादा कर चुके हैं. इसी के तहत मतंग सिंह के मीडिया हाउस को खरीद लिया. मतंग सिंह के मीडिया हाउस को खरीदने से जिंदल के पास कई न्यूज चैनल आ गए. अब उन्हें प्रिंट में एक मीडिया हाउस को खरीदना था. उनकी नजर अमर उजाला पर पड़ी.

सूत्रों का कहना है कि पिछले दिनों अशोक अग्रवाल को उनके शेयर के बदले जो डेढ़ सौ करोड़ रुपये दिए गए, वह पैसा नवीन जिंदल से अमर उजाला वालों को मिला था. अमर उजाला में बंटवारे को लेकर अशोक अग्रवाल और अतुल माहेश्वरी में विवाद चल रहा था. अतुल के निधन के बाद पूरी कमान उनके छोटे भाई राजुल माहेश्वरी के हाथों में आ गई. अजय अग्रवाल को बहुत पहले उनका शेयर देकर अलग कर दिया गया था. अजय के बड़े भाई अशोक अग्रवाल और अतुल माहेश्वरी में मुकदमा चल रहा था. अतुल माहेश्वरी की मौत के बाद राजुल माहेश्वरी ने अब अशोक अग्रवाल को उनके शेयर के बदले पैसे देकर अखबार को विवाद व कानूनी रगड़े से उबार लिया. इस प्रकार अमर उजाला विवाद से निकल आया. पहले अमर उजाला को अंबानी ग्रुप द्वारा खरीदे जाने की चर्चा थी मगर अब केंद्रीय मंत्री नवीन जिंदल के हाथों यह ग्रुप चला गया है.

इसी डील के बाद अशोक अग्रवाल को उनके शेयर के बदले 150 करोड़ रुपये दिए जाना तय हुआ. अगर अशोक अग्रवाल को 14 फीसदी शेयर के बदले डेढ़ सौ करोड़ दिए गए हैं तो इस हिसाब से अमर उजाला ग्रुप का सौदा 700 करोड़ के आसपास में हुआ है. हालांकि कुछ परिवार वाले 25 फीसदी शेयर बताते हैं. इस हिसाब से 500 करोड़ में डील हुई. नवीन जिंदल कोल ब्लाक आवटन मामले में फंसे हैं और सीबीआई जांच चल रही है. जी न्यूज और जी बिजनेस पर नवीन जिंदल ने 200 करोड़ रुपये मांगने का आरोप लगा कर रिपोर्ट कराई थी जिसके बाद जी के कई संपादक और मालिक फंसे और कुछ गिरफ्तार हुए थे.

अमर उजाला अखबार को जिंदल ने पूरा खरीदा है या चालीस फीसदी शेयर लिया है?

अमर उजाला अखबार की बिक्री को लेकर एक चर्चा और सामने आई है. वो ये कि नवीन जिंदल ने संभवतः चालीस फीसदी हिस्सा इस अखबार का खरीदा है. पर सूत्रों का कहना है कि अमर उजाला में माइनारिटी में होना या न होना बराबर है, क्योंकि अतीत बताता है कि जो लोग भी यहा माइनारिटी में थे, उन्हें अखबार से बाहर कर दिया गया. साथ ही, नवीन जिंदल माइनारिटी में रहने के लिए मीडिया में क्यों आएंगे. तो अमर उजाला का चालीस फीसदी हिस्सा बेचे जाने की बात गलत है. जिंदल ने मेजारिटा हिस्सा खरीदा होगा. बताया जाता है कि सारी डील नवीन जिंदल की तरफ से अभय ओसवाल एंड कंपनी के लोग करते हैं. जिंदल ओसवाल को फ्रंट पर रखकर मीडिया के सारे डील कर रहे हैं. ओसवाल ग्रुप ही मतंग सिंह से डील के मामले में फ्रंट पर रहा.

कानाफूसी कैटगरी की इस खबर के लेखक यशवंत सिंह हैं, जो भड़ास4मीडिया के एडिटर हैं. यशवंत या भड़ास तक अपनी बात bhadas4media@gmail.com पर मेल करके पहुंचा सकते हैं.


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