क्या एनएमटीवी फर्जी न्यूज चैनल है?

मुंबई के एक वकील व पत्रकार हैं विनोद गंगवार. किसी न किसी मुद्दे पर वे मेल भेजो अभियान चलाए रहते हैं. इन दिनों उन्होंने एक चैनल एमएनटीवी को निशाने पर लिया है. एक मेल के जरिए उन्होंने बताया है कि नवी मुम्बई एवं मुम्बई में एनएमटीवी नाम का अवैध न्यूज टीवी चैनल पिछले दस सालों से बेरोकटोक चल रहा है. इनके मुताबिक भारत सरकार ने एनएमटीवी नाम से कोई लाइसेंस कभी जारी नहीं किया,

बावजूद इसके इस चैनल के मालिक और फर्जी पत्रकार रवि सुबईया और जेबा वारसिया नवी मुंबई और मुंबई में अपना टीवी चैनल चला रहे हैं. और ना सिर्फ चला रहे हैं बल्कि पत्रकारिता के नाम पर कहीं भी पहुंच जाते हैं. विनोद गंगवार ने रवि सुबइया और जेबा वारसिया पर तमाम तरह के आरोप लगाए हैं. विनोद गंगवार के मुताबिक इनके पास केबल ऑपरेटर का लायसेंस है और इसी लायसेंस के सहारे चैनल चला रहे हैं और मुख्यमंत्री तक का भी ले लेते हैं इंटरव्यू.

गंगवार के मुताबिक फर्जी पत्रकार रवि सुबईया और जेबा वारसिया ने एक केबल ऑपरेटर का लायसेंस महज दिखावे के लिये ले रखा है, और इसी की आड़ में इन्होंने अवैध पत्रकारिता की अपनी दुकान खोल रखी है. ये दोनों पत्रकारिता के नाम पर कहीं भी पहुंच जाते है और वहीं से शुरु हो जाता है ब्लेकमेलिंग और हफ्तावसूली का खेल. इनके खिलाफ पिछले साल ही गजरा बिल्डर ने दो करोड रुपयों के एक्सटॉर्शन यानि वसूली की शिकायत खारघर पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई थी. केबल ऑपरेटर के लायसेंस की आड में यह दोनो आम जनता को दिखाते है कि वो एक टीवी चॅनल के मालिक व पत्रकार हैं. कोई भी अगर इनके खिलाफ आवाज उठाता है तो उसको बदनाम कर दिया जाता है. ये दोनों इस आपराधिक पत्रकारिता के धंधे में पिछले कई सालों से लगे हैं और इसी के चलते इन्होंने एक तरफ तो शानदार काली कमाई के जरिये काफी दौलत बटोरी है और दूसरी तरफ कई दिग्गज नेताओं, सरकारी अफसरों, और बिल्डरों तक से करीबी रिश्ते बना लिये हैं.

गजरा बिल्डर की तरफ से लगाए गए आरोप का वीडियो देखने के लिए क्लिक करें…

http://www.bhadas4media.com/video/viewvideo/629/man-and-struggle/gajara-builder-saying-nmtv-demanded-rs-two-crore-extortion.html

इनके क्रिमिनल और पॉलिटिकल कनेक्शन का ही कमाल है कि अदालत के आदेश के बाद भी नवी मुंबई और मुंबई में इस भ्रष्ट पत्रकार रवी सुबईया का न्यूज चैनल आज भी बदस्तूर चालू है. जबकि इनके पास भारत सरकार के किसी भी विभाग द्वारा नियमानुसार न्यूज चैनल चलाने की इजाजत नहीं है और इनके पास सिर्फ केबल ऑपरेटर का ही लाइसेंस है.

वकील एवं पत्रकार विनोद गंगवाल का कहना है कि उन्होंने इस कथित पत्रकार के बारे में एवं इसके अवैध चैनल के बारे में शिकायत की और इस पूरे मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की तो इस फर्जी पत्रकार ने अपने अवैध चैनल के बारे में जानकारी और सफाई देने के बजाये विनोद गंगवाल पर ही बेबुनियाद आरोप लगाने शुरू कर दिये तथा उनके बारे में गलत, आधारहीन और भ्रामक जानकारी अपने न्यूज चैनल के जरिये प्रसारित करनी शुरू कर दी.

ये है विनोद गंगवार द्वारा जारी किया गया पोस्टर…..

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