क्या किसी पत्रकार ने यह औसत निकाला?

Anand Pradhan : कांग्रेस पार्टी में फेरबदल के बाद न्यूज मीडिया में हर जगह यह खबर छपी/दिखाई गई कि पार्टी पदाधिकारियों की औसत उम्र घटकर ५२ साल हो गई है. इसे राहुल गाँधी का प्रभाव बताया गया. क्या कोई बताएगा कि इससे पहले औसत उम्र क्या थी? दूसरे, यह कैसे पता कि औसत उम्र ५२ साल है? क्या किसी पत्रकार ने यह औसत निकाला?

संभव है कि यह जानकारी सही हो लेकिन मुझे इसपर शक है. जाहिर है कि यह ‘तथ्य’ किसी रिपोर्टर ने सभी पदाधिकारियों की वास्तविक उम्र का पता करके और फिर उसका औसत निकालकर उजागर नहीं किया है. अगर किया होता तो यह जानकारी सिर्फ एक-दो अखबारों/चैनलों में होती. लेकिन यह सूचना सभी जगह है. साफ़ है कि यह कांग्रेस पार्टी की प्रेस रिलीज या प्रेस ब्रीफिंग में दी गई जानकारी होगी. लेकिन क्या किसी रिपोर्टर ने इसकी छानबीन करने की कोशिश की कि यह ‘तथ्य’ सही है? अगर नहीं तो इसे कांग्रेस पार्टी के दावे की तरह क्यों नहीं रिपोर्ट किया?

संभव है यह सूचना सही हो लेकिन पत्रकार/रिपोर्टर का पहला गुण है शक करना और किसी भी ऐसे दावे को बिना जांच-पड़ताल के स्वीकार न करना. लेकिन अक्सर मुझे लगता है कि संसाधन और सुविधाएँ बढ़ने के बावजूद पत्रकारिता में आलस्य और उदासीनता का आलम यह है कि इक्का-दुक्का रिपोर्टर ही सरकार, पार्टियों और कार्पोरेट्स की ओर से दी जानेवाली जानकारियों की छानबीन करने, उनकी सत्यता जांचने के बाद उसे सामने लाने की कोशिश करते हैं. क्या अब भी बताने की जरूरत है कि इसी का फायदा नरेन्द्र मोदी और राहुल गाँधी की पीआर मशीनरी उठा रही है.

आईआईएमसी के प्राध्‍यापक डा. आनंद प्रधान के एफबी वॉल से साभार.

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